भारतीय गेंदबाजों का पहला ‘स्पेल’ पड़ा कंगारुओं पर भारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई की हार से मिले सबक का असर राजकोट में दिखा। मुंबई की नाकाम गेंदबाजी से मिले सबक का असर राजकोट में दिखा। मुंबई और राजकोट की पिच का अंतर भी सभी ने देखा। नतीजा ऑस्ट्रेलियाई टीम को 36 रन से हराकर भारत ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। अब सीरीज का आखिरी मैच बेंगलुरु में है। जो एक तरह से सीरीज का फ़ाइनल भी है। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ने भारत को उसी के घर में वन-डे सीरीज में हराया था। लिहाजा इस बार भारत को सतर्क रहना होगा कि उसे ये नाकामी दोबारा न देखनी पड़े। गेंदबाजों को उसी प्लान से मैदान में उतरना होगा जो उन्होंने राजकोट में दिखाया।
राजकोट में भारतीय टीम की गेंदबाजी के ‘पहले स्पेल’ को ध्यान से याद कीजिए। आप समझ जाएंगे कि पहले स्पेल ने ही भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाने का मौका दिया। आपको याद दिला दें कि ऑस्ट्रेलियाई टीम 341 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले दस ओवर में सिर्फ 55 रन ही बना पाई। साथ ही पिछले मैच के शतकवीर डेविड वार्नर का विकेट भी भारत की झोली में आ चुका था। इसका श्रेय पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों की रणनीति को जाता है। जो संभवत: मुंबई में 10 विकेट से मिली शर्मनाक हार के बाद नए सिरे से बनाई गई होगी।
क्यों खास था राजकोट वनडे का पहला स्पेल?
दरअसल, फार्म में चल रहे दोनों ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स के खिलाफ बुमराह का पहला स्पेल मैच जिताने वाला था। पिछले मैच में भारतीय गेंदबाजों की जबरदस्त धुनाई करने वाले डेविड वार्नर और एरोन फिंच को जसप्रीत बुमराह ने बिलकुल रूम नहीं दिया कि वो कोई स्कवायर ऑफ विकेट शॉट खेल सके। अपने पहले स्पेल में बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन दिए, इसमें 2 मेडन ओवर थे। लेंथ और स्पीड के साथ बुमराह की नेचुरल अंदर आती गेंद एरोन फिंच को रूम नहीं दे रही थी, वही डेविड वार्नर को भी शॉट्स खेलने के लिए लेंथ और लाइन की वजह से रूम नहीं मिला। जसप्रीत बुमराह की राइट हैंड बैट्समैन के लिए कुछ गेंद सीधी निकलती है, जो उनका बड़ा हथियार बन चुकी है। राजकोट में आरोन फिंच के बाद स्टीव स्मिथ भी बीच बीच में बुमराह की इस गेंद पर बीट हुए। 40 ओवर के बाद गेंद रिवर्स भी हो रही थी क्योंकि गर्मी और पिच बहुत रफ थी। इसका फायदा बुमराह को भी मिला।
बुमराह का फार्म में लौटना है बहुत जरूरी
जसप्रीत बुमराह भारत के नंबर एक गेंदबाज हैं। वो गेंदबाजी यूनिट में टीम के कप्तान हैं। पिछले एक डेढ़ साल में वो भारतीय टीम की जीत की बड़ी वजह हैं। आईसीसी की रैंकिंग्स में उनका दबदबा है। विश्व कप के बाद से वो क्रिकेट से दूर था। श्रीलंका के खिलाफ हालिया टी-20 सीरीज से उन्होंने मैदान में वापसी तो की, लेकिन वो अपनी लय में नहीं दिखे। वो महंगे साबित हो रहे थे और उन्हें अपेक्षाकृत कामयाबी भी नहीं मिली थी। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वन-डे में उनके प्रदर्शन से ये बात साफ हो गई है कि बुमराह एक बार फिर अपनी धाक जमाने को तैयार है। उनके पास मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी जैसे साथी गेंदबाजों की टोली भी है। कंगारुओं के लिए 2019 का इतिहास दोहराना आसान नहीं होगा।