IND vs WI: पिता के पास लालन-पालन के पैसे नहीं थे, चाचा ने पाला, अब टेस्ट क्रिकेट में रच दिया अनोखा रिकॉर्ड
वेस्टइंडीज में इन दिनों टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेल रही है और वहां रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोल रहा है। वैसे तो रोहित शर्मा टी 20 और वनडे के बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
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आपका समय अच्छा हो और आप में प्रतिभा हो तो किस्मत भी आपका साथ देती है, फिर परिस्थितियां कैसी भी हों? यह बात भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा पर सटीक बैठती है। रोहित शर्मा की पारिवारिक पृष्ठभूमि ऐसी नहीं थी कि वह क्रिकेट का बल्ला भी खरीद सकें, लेकिन आज भारतीय क्रिकेट टीम के दो फॉर्मेट में कप्तानी कर रहे हैं।
वैसे तो रोहित शर्मा की एंट्री टीम इंडिया में काफी पहले हो गई थी और उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें कप्तानी भी मिल सकती थी, लेकिन जैसा पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के साथ हुआ, जिन्हें सौरव गांगुली की कप्तानी में लंबे समय खेलना पड़ा था और काफी देरी से कप्तानी का मौका मिला। कुछ-कुछ ऐसा ही रोहित शर्मा के साथ भी हुआ। पहले महेंद्र सिंह धोनी और फिर विराट कोहली की कप्तानी में उन्हें लंबे समय तक खेलना पड़ा। जब वो अपने करियर की ढलान की तरफ से बढ़े तो उन्हें कप्तानी का दायित्व मिला।
रोहित के नाम एक और रिकॉर्ड
वेस्टइंडीज में इन दिनों टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेल रही है और वहां रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोल रहा है। वैसे तो रोहित शर्मा टी 20 और वनडे के बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह लगातार 30 टेस्ट पारियों में दोहरे अंक में रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, यानी इन पारियों में उन्होंने 10 से ऊपर रन बनाए हैं। वैसे, इन 30 पारियों में उन्होंने चार शतक और चार अर्धशतक भी लगाए हैं। यह ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ पाना भविष्य में भी किसी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।
रोहित के चाचा ने किया लालन-पालन
36 वर्षीय रोहित शर्मा महाराष्ट्र के नागपुर जिले से आते हैं। नागपुर के बंसोड क्षेत्र में उनका जन्म हुआ था। उनके पिता गुरुनाथ शर्मा एक कंपनी में केयरटेकर थे और उनकी आमदनी इतनी कम थी कि वो रोहित शर्मा का लालन-पालन भी नहीं कर सकते थे। यही कारण था कि उन्होंने रोहित को उसके चाचा और दादा के पास मुंबई भेज दिया। जब रोहित मुंबई पहुंचे, तब उनकी उम्र 12 साल थी।
चाचा ने उन्हें एक क्रिकेट कैंप में भेजना शुरू किया। उस समय रोहित ऑफ स्पिनर के तौर पर क्रिकेट खेलना चाहते थे। शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था और अपने शुरुआती कोच दिनेश लाड की सलाह पर उन्होंने बल्लेबाजी में हाथ आजमाना शुरू किया। आज भले ही वो ओपनिंग करते हैं, लेकिन तब उन्हें आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिलता था। हालांकि, उनकी बल्लेबाजी को देखकर कोच ने उन्हें ओपनिंग करने के लिए भेजा। रोहित ने बतौर ओपनर पहले ही मैच में शतक लगाया।
रोहित प्रतिभा का पावर हाउस -कोहली
रोहित शर्मा के लंबे समय तक कप्तान रहे विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि रोहित प्रतिभा का पावर हाउस हैं। वो सेकंड के भी सेकंड में बॉल को देखकर शार्ट खेलने का निर्णय ले लेते हैं। शायद इसी कारण रोहित का नाम हिटमैन भी पड़ा है। रोहित ने वर्ष 2005 में घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही उन्हें भारत की वनडे टीम में खेलने का मौका मिल गया।
वर्ष 2007 में आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने अपना पहला मैच खेला। इसी साल रोहित को टी 20 में भी शामिल कर लिया गया। हालांकि, टेस्ट टीम में आने के लिए रोहित को छह साल लंबा इंतजार करना पड़ा। वर्ष 2013 में ही उन्हें टीम इंडिया की टेस्ट कैप मिल सकी। अपने पहले ही टेस्ट मैच में उन्होंने 177 रन की पारी खेली थी।
रोहित दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए हैं। वनडे में रोहित शर्मा ने 243 मैचों में 9825 रन बनाए हैं, जिसमें 30 शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं। वो जल्द ही दस हजारी रन वाले कैंप में शामिल होने वाले हैं। टी 20 में उन्होंने 148 मैच खेले हैं और 3853 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 29 अर्धशतक शामिल है, जबकि 51 टेस्ट मैचों में 3540 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। रोहित उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में शतक लगाए हैं।
इसी साल भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे। संभवतः यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और जिस प्रतिभा के वो खिलाड़ी हैं तो भारतीय क्रिकेट प्रेमी उनसे उम्मीद करेंगे कि वो वर्ल्ड कप जिताएं। यदि ऐसा हुआ तो वो भारत के तीसरे ऐसे कप्तान बन जाएंगे, जिन्होंने वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। वर्ल्ड कप जीताने वाले महेंद्र सिंह धोनी की तरह बेहद साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले रोहित शर्मा आज युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बने हुए हैं। निश्चित ही लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमी उनकी बल्लेबाजी को याद करेंगे। उनके गगनचुंबी छक्कों को याद करेंगे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।