ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की दूरियों को मिटा रहा तकनीकीकरण
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भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। डिजिटलाइजेशन की बढ़ती गति, भारत में बढ़ते स्मार्टफोन और इंटरनेट उपयोग की ओर इशारा करती है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि किस तरह से प्रौद्योगिकी भारतीयों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है।
दरअसल, महानगरों के लोग आज एक ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहां वे अपना स्मार्टफोन देखकर उठते हैं और सोने से पहले भी उनका अंतिम काम अपने स्मार्टफोन से किराने का सामान आर्डर करना, अपने सोशल अकाउंट या अपना ईमेल चेक करना होता है। यह वास्तविकता में डिजिटल होने की ओर एक कदम है। यह भी समान रूप से अवश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 67 फीसदी भारतीयों के साथ क्षेत्रीय भारत भी सबके साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़े और ‘डिजिटल इंडिया’ के स्वप्निल धागों को साथ में बुने।
ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 20 करोड़
भारत में इंटरनेट यूजर्स और फोन उपभोक्ताओं की स्थिति
कान्तार आईएमआरबी आईक्यूब की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट बेस 493 मिलियन है, जिसमें से ग्रामीण भारत में 200 मिलियन (20 करोड़) सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि बैंडविड्थ की बेहतर उपलब्धता, सस्ते डाटा प्लान और सरकारी कार्यक्रमों से बढ़ी जागरूकता के फलस्वरूप शहरी और ग्रामीण भारत के बीच का डिजिटल अंतर तेजी से कम हुआ है।
प्रगतिशील विकास को सक्षम कर इंटरनेट सही मायनों में ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त और डिजिटल दुनिया का हिस्सा बन रहा है। यह ग्रामीण भारत में निहित अपार संभावनाओं का संकेत है और हम जैसे स्मार्टफोन निर्माता, उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुकूलित सुविधाएं प्रदान करके इस बड़े अवसर का लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
इंटरनेट और मोबाइल फोन यूजर्स का बाजार
क्षेत्र के आधार पर देखें तो भारत में कई बाजार हैं। शहरी और ग्रामीण जनसांख्यिकी के भीतर प्रत्येक बाजार में मोबाइल उपभोग करने का तरीका अलग है। यह संभव है कि दिल्ली में रहने वाला 25-वर्षीय युवा अपने इंस्टाग्राम के लिए बेस्ट सेल्फी कैमरा और नवीनतम टेक्नोलॉजी वाला स्मार्टफोन (30 हजार की कीमत वाला) खरीदना चाहे। जबकि, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रहने वाला एक 25 वर्षीय गार्ड उसके बजट के अनुकूल एक ऐसे ही कैमरे वाला स्मार्टफोन, अच्छी बैटरी और बेहतर तकनीक के साथ कम कीमत में खरीदने पर विचार कर सकता है।
इस तरह के निजीकरण से बाजार में विभिन्न आवश्यकताओं और मांगों के लिए मार्ग प्रशस्त होता है। हम जैसे स्मार्टफोन निर्माता इन आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करते हैं। हम, स्मार्टफोन कंपनियां, किफायती मूल्य पर नवीनतम तकनीक से लैस अच्छी गुणवत्ता वाले स्मार्टफोन का निर्माण करके भारत को उसके लक्ष्य प्राप्त करने में सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि बजट स्मार्टफोन की परिभाषा क्षेत्र और जनसांख्यिकी के अनुसार बदलती है। निम्न-आय वाले उपभोक्ताओं का समूह अभी भी 5 हजार से कम कीमत वाले स्मार्टफोन वर्ग को बजट सेगमेंट के रूप में मानता हैं। उपभोक्ताओं के इस समूह में, मुफस्सिल से एक मुकेश होगा जिसने शायद पास के शहर में कॉलेज में दाखिला लिया होगा और बेहतर जीवन शैली के लिए एक स्मार्टफोन चाहता होगा।
एक राम होगा जो फुर्सतभरी दोपहर में अपनी किराने की दुकान पर वर्तमान की ताजा खबरें जानना चाहता होगा और एक पिंकी भी होगी जो अपने रोजमर्रा के कामकाज निपटा कर अपने स्मार्टफोन पर भाभी जी घर पर हैं देखना पसंद करती होगी।
इन तीनों ही मामलों में, उपभोक्ता को निम्न से मध्य स्तर के स्मार्टफोन की तलाश है, जो उन्हें स्मार्टफोन का अच्छा अनुभव प्रदान करे या यूं कहे की उन्हें फीचर फोन से स्मार्टफोन लेने के लिए प्रेरित करे। स्मार्टफोन के नए उपयोगकर्ता के लिए, प्रत्येक खरीद मायने रखती है और वे प्रत्येक उत्पाद से अपने पैसे की पूरी कीमत वसूलना चाहते हैं।
कम कीमत पर नए फीचर्स के अलावा, उपभोक्ता को एक ऐसे ब्रांड की तलाश रहती हैं जिसका सर्विस नेटवर्क व्यापक हो और साथ ही श्रेष्ठ सेवा प्रस्ताव प्रदान करता हो। इससे उस ब्रांड को उपभोक्ता के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने में मदद मिलती है।
इसके साथ ही नए स्मार्टफोन के लिए, फुल स्क्रीन डिस्प्ले और एआई कैमरा जैसे फीचर्स, सोने पे सुहागे जैसा है। यह ग्रामीण भारत को एक जादुई तकनीक प्रदान करेगा - ऐसी तकनीक जो उनके जीवनशैली का हिस्सा बन जाएगी, ऐसी तकनीक जो उनकी जरूरतों के मुताबिक होगी, ऐसी तकनीक जिसे वह अपनी सुविधा और सामर्थ्य के अनुसार अपना सकेंगे।
लेखक- अरिजीत तालापात्रा, सीईओ, ट्रांजन इंडिया
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।