राज और नीति: एक जनवरी 2027 को कई आईएएस अफसर होंगे प्रमोट
मध्य प्रदेश में एक जनवरी 2027 को कई आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति होगी। वहीं, मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव की तैयारी है। इंदौर में आवास पर कब्जे और नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जुड़े मामले भी चर्चा में हैं।
विस्तार
एक जनवरी 2027 को मध्य प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति होने वाली है। 2003 बैच के तीन अधिकारी संजय गोयल, निशांत वरवड़े और ध्यानेश्वर पाटिल सचिव से प्रमुख सचिव रैंक में पदोन्नत हो जाएंगे। संजय गोयल अभी स्कूल शिक्षा विभाग और निशांत किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के सचिव हैं, जबकि ध्यानेश्वर पाटिल प्रतिनियुक्ति पर मुंबई में स्पेशल इकोनामिक जोन के डेवलपमेंट कमिश्नर हैं। इसी प्रकार 2011 बैच के करीब 24 अधिकारी सुपर टाइम रैंक में पदोन्नत हो जाएंगे। वे सचिव या संभागीय कमिश्नर बन जाएंगे। इनमें कई चर्चित अधिकारी हैं। कुछ कलेक्टर के पद पर हैं। इसके साथ ही 2022 बैच के आठ अधिकारियों की सीनियर ग्रेड में पदोन्नति होगी।
मंत्रियों के प्रभार वाले जिले बदलने की तैयारी
प्रदेश भाजपा संगठन और सरकार के कामकाज की समीक्षा के बाद अब यह खबर तेजी से फैली है कि मध्य प्रदेश के मंत्रियों के प्रभार वाले जिले बदले जाएंगे। दरअसल, सरकार और संगठन के बीच हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों के विभाग में बदलाव और प्रभार वाले जिलों में फेरबदल पर चर्चा हुई थी, लेकिन फिलहाल प्रभार वाले जिलों में बदलाव के प्रस्ताव को ही हरी झंडी मिली है। बताया गया है कि कई मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में नियमित रूप से इसलिए नहीं पहुंच पा रहे हैं कि वह उनके गृह नगर और भोपाल से काफी दूरी पर हैं।
प्रशासन पर भारी एक पुलिस निरीक्षक
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर के एक आवासीय भवन को रिक्त नहीं करने वाले एक पुलिस निरीक्षक के खिलाफ संभागीय कमिश्नर भास्कर लाक्षाकार ने दंडात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा है। यह आवास 15,100 रुपये प्रतिमाह किराया देने की शर्त पर आवंटित किया गया था, लेकिन निरीक्षक ने किसी भी प्रकार का कोई किराया जमा नहीं कराया। अब ब्याज समेत पूरी रकम वसूलने की तैयारी की जा रही है। आवास भवन पर अवैध कब्जे के आधार पर दंडात्मक कार्यवाही करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जब अफसरों पर भड़के इंदौर के मेयर
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की छवि एक सफल अभिभाषक, सहज, शालीन और विनम्र इंसान की रही है, लेकिन अब उन्होंने जिस तरह निगम के अफसरों को डांट लगाई, उसकी चर्चा इंदौर में हर चौराहे पर हो रही है। दरअसल, महापौर अपने नियमित दौरे के दौरान सुबह पार्षद जीतू राठौर के साथ सुदामा नगर सेक्टर डी के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे। वहां अधिकारियों की कार्य प्रणाली देख उन्हें एकदम गुस्सा आ गया। उन्होंने नाराज होते हुए कहा कि शहर में विकास कार्यों की फाइलें दफ्तर में अटकी हैं। आप लोग कागज-कागज खेलते रहते हो। यहां जनता परेशान होती रहती है। आपके कारण सरकार की छवि खराब होती है। महापौर की नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नागरिकों का कहना है कि तीन साल पहले से ही अगर यह आक्रामकता दिखाई होती तो आज शहर के हालात अलग होते।
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