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अमेरिका में मोदी की रैली से ट्रंप को चुनावी फायदा 

Mon, 16 Sep 2019 04:45 PM IST
Rajesh Badal राजेश बादल
Updated Mon, 16 Sep 2019 04:45 PM IST
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Pm modi rally in america donald trump will attend rally
संसार के सबसे ताक़तवर राष्ट्रपति अपनी दूसरी पारी के लिए अब भारत की ओर ताक रहे हैं।

तो गंगा उल्टी बहने लगी है। संसार के सबसे ताक़तवर राष्ट्रपति अपनी दूसरी पारी के लिए अब भारत की ओर ताक रहे हैं। इस महीने बाईस तारीख़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के ह्यूस्टन में रैली करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस रैली में उनके साथ रहेंगे। इस रैली को हाउडी मोदी का नाम दिया गया है। एक तरह से इसका अर्थ है- आप कैसे हैं ?

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इसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने जाएंगे। वहां पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के संबोधन के बाद नरेंद्र मोदी का संबोधन होगा। इस यात्रा के बीच डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी सीधी चर्चाएं होंगीं। इमरान ख़ान के साथ ट्रंप की मुलाक़ात का फ़िलहाल कोई कार्यक्रम नहीं है। 
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ह्यूस्टन रैली अमेरिका में बसे भारतीयों की ओर से आयोजित की जा रही है। बताया गया है कि इसमें मोदी को सुनने के लिए पचास हज़ार से अधिक भारतीय अपना पंजीकरण करा चुके हैं। लेकिन परदे के पीछे की कहानी एक अलग समीकरण का इशारा करती है। अगले बरस नवंबर में अमेरिका अपने नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगा। इस चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में डोनाल्ड ट्रंप अपनी दोबारा उम्मीदवारी का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। 

Pm modi rally in america donald trump will attend rally
हयूस्टन के राजनीतिक समीकरण भी भारतीयों को निर्णायक स्थिति में खड़ा कर रहे हैं। - फोटो : फाइल फोटो

अमेरिका में है भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या
उनके सामने डेमोक्रेटिक पार्टी के जो संभावित प्रत्याशी हो सकते हैं, उनमें भारतीय मूल की दो महिलाएं भी हैं। एक हैं केलिफोर्निया की एटॉर्नी जनरल रह चुकीं सीनेटर कमला देवी हैरिस और दूसरी हवाई से सांसद फ़ौजी तुलसी गेबार्ड।



डेमोक्रेटिक पार्टी जिन दस - बारह लोगों को आगामी चुनाव में ट्रंप के मुक़ाबले उतारेगी, उनमें ये दो महिलाएं भी हैं। कमला और तुलसी में कमला की दावेदारी की तुलना में कमला आगे चल रही हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी ख़ासी संख्या है और ये मतदाता इन दिनों नरेंद्र मोदी से प्रभावित दिखाई देते हैं। 

हयूस्टन के राजनीतिक समीकरण भी भारतीयों को निर्णायक स्थिति में खड़ा कर रहे हैं। इन भारतीयों में हिन्दू ,बौद्ध और भारतीय मुस्लिम भी हैं। अमेरिका में टेक्सॉस प्रांत के इस सबसे बड़े शहर में रिपब्लिक और डेमोक्रेटिक मतदाताओं की तादाद भरपूर है। माना जाता है कि धनाढ्य और उद्योगपति रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन देते हैं।

इस नाते यह वोट बैंक डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा सुरक्षित है। दूसरी ओर अल्पसंख्यक, एशियाई, भारतीय, बौद्ध, सिख, मुस्लिम, ब्लैक और नौकरी पेशा लोग डेमोक्रेटिक पार्टी के सुरक्षित मतदाता माने जाते हैं। इसी कारण तुलसी गेबार्ड को यहां से व्यापक समर्थन हासिल है। वे टेक्सॉस से ही आती हैं। अलबत्ता तीसरे मतदान के बाद जारी दस उम्मीदवारों की सूची में उन्हें पार्टी ने स्थान नहीं दिया है, लेकिन वे उम्मीदों से भरी हैं।

Pm modi rally in america donald trump will attend rally
डोनाल्ड ट्रंप को इसी कारण बाईस सितंबर की रैली से बहुत आशाएं हैं। 

डोनाल्ड ट्रंप को पीएम मोदी की रैली से है बहुत आशा
उन्होंने आवश्यक एक लाख तीस हज़ार लोगों से चंदा जुटाया है और दो फ़ीसदी मतदान भी प्राप्त किया है।ट्रंप का गणित यह है कि रिपब्लिक वोटों में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी के सेंध लगाने की संभावना कम है, मगर डेमोक्रेटिक मतदाताओं में सेंध लगाईं जा सकती है।

ऐसे में नरेंद्र मोदी के प्रशंसक भारतीय मूल के मतदाता अगर इस संयुक्त रैली से ट्रंप के हक़ में मतदान का मन बनाते हैं तो ट्रंप के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार इससे कमज़ोर हो जाएगा। परदे के पीछे का यही समीकरण है।

ह्यूस्टन उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा शहर है। क़रीब चौबीस लाख की आबादी वाले इस महानगर ने विश्व में हेल्थ केयर के क्षेत्र में एक बड़े शोध केंद्र के रूप में नाम कमाया है। नासा का एक बड़ा अंतरिक्ष केंद्र यहां पर है। इसके अलावा 2013 में इस महानगर को फ़ोर्ब्स की सूची में करियर और कारोबार के लिए श्रेष्ठतम माना गया था।

यही नहीं, मंदी के दौर में भी रोज़गार पैदा करने में यह अमेरिका का पहले नंबर का शहर है। इसमें भारतीयों का योगदान कम नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप को इसी कारण बाईस सितंबर की रैली से बहुत आशाएं हैं। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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