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ओरहान पामुक और ‘द रेड हेयर्ड वुमन’: रोचक और रहस्यमयी "लाल बाल वाली औरत" की दुनिया

Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Wed, 29 Dec 2021 04:17 PM IST
सार

ओरहान पामुक को पढ़ना कठिन पर रोचक है। बात करते हैं उनकी ‘द रेड हेयर्ड वुमन’ की। ओरहान पामुक के इस आत्मकथात्मक उपन्यास में कवर से लेकर अंतिम सफे तक लाल रंग बिखरा हुआ है। यह प्यार-प्रेम, रहस्य, मादकता, यौनिकता, मौत सब की तस्वीर है। नकारात्मक और सकारात्मक दोनों रूप में है। गुल शब्द खास फूल गुलाब के लिए काम में लाया जाता है।

 

विभिन्न संस्कृतियों में लाल बाल के भिन्न अर्थ हैं। लाल रंग प्यार-प्रेम और खुशनसीबी की निशानी है।
विभिन्न संस्कृतियों में लाल बाल के भिन्न अर्थ हैं। लाल रंग प्यार-प्रेम और खुशनसीबी की निशानी है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

ओरहान पामुक को पढ़ना कठिन पर रोचक है। बात करते हैं उनकी ‘द रेड हेयर्ड वुमन’ की। गुलजहां के लाल बाल कुदरती लाल वाली नहीं हैं, उसने जानबूझकर अपने बालों को लाल रंग में रंगा हुआ है। पहले पार्लर में रंगवाया और बाद में खुद हिना से रंगने लगी। उसने अपनी आजादी का ऐलान करने के लिए इन्हें रंगा है। यह बात वह खुद कबूल करती है।



एक बार एक डाइनिंग टेबल पर दो लाल बाल वाली औरतें मिलती हैं। दो लाल बाल वाली औरतों के साथ होने के इत्तेफ़ाक पर करीब बैठे सब लोग अपनी-अपनी राय जाहिर करने लगते हैं। जब लोग ऐसी औरतों को शुभ-अशुभ, अच्छी-बुरी, खुशकिस्मती या बदकिस्मती से जोड़ कर बात कर रहे थे उस समय वह कहती है कि उसके बाल कुदरती लाल नहीं हैं।


यह उसकी खुद की मर्जी है। दूसरे छोर पर बैठी औरत यक-ब-यक कहती है, ‘मैं कुदरती लाल बाल वाली हूं।’ उसकी आवाज में शान है साथ ही मुआफ़ी मांगने का एहसास भी है। आगे वह जोड़ती है, ‘देखिए, मेरे चेहरे और बाहों पर झुर्रियां हैं। मेरी चमड़ी गोरी है और मेरी आंखें सब्ज हैं।’

अब सब दूसरी औरत का उत्तर सुनने को उतावले हैं। गुलजहां फौरन जवाब देती है, ‘आप भले लाल बाल के साथ जनमी हों, मगर लाल बाल वाली होना मेरी मर्जी है।’ वह महफ़िल में बताती है, ‘खुदा तुम्हें बरकत दे, तुम्हारे लिए जो खुशकिस्मती थी वह मेरे लिए जानबूझकर किया गया फैसला था।’ वह अपने बालों के रंग को लेकर खूब पुरसकून है। यह सब ओरहान पामुक के उपन्यास ‘रेड हेयर्ड वुमन’ के आखिरी हिस्से में आता है, जब गुलजहां कहानी कहते हुए कहानी को खत्म कर रही है।

विभिन्न संस्कृतियों में लाल बाल के भिन्न अर्थ हैं। लाल रंग प्यार-प्रेम और खुशनसीबी की निशानी है। यह दूर से नजर आता है और बहुत डायनमिक होता है। यह चमकता हुआ रंग जीवंतता, खुशी, मर्जी की बुलंदी की निशानी है। हिन्दी में लाल रंग को लेकर कई गाने और कई मुहावरे हैं, जैसे लाल-भभूका होना, लाल पड़ जाना, लाल-पीला होना, आंखें लाल करना। लाल एक रत्न (रूबी) है, मूंगा भी लाल रंग का होता है।
 

सिंदूर का रंग लाल होता है, सोहाग का जोड़ा भी। सकारात्मक अर्थ में लोग अपने बच्चों को प्यार से लाल कहते हैं। गुदड़ी का लाल। माई का लाल चुनौती देने के लिए काम में लाया जाता है। यह मजबूत रंग खतरे का प्रतीक है, विज्ञान की माने तो लाल रंग की वेवलेंथ सबसे ज्यादा लम्बी होती है। यह यौनशक्ति, गुस्से, नफरत, महत्वाकांक्षा को भी दिखाता है। नकारात्मक अर्थ में यह घमंड जाहिर करता है। यह लाल रंग यदि खून और जिन्दगी से जुड़ा है तो मौत और हत्या से भी इसका रिश्ता है।


स्वयं पामुक ने इसे (हत्या) अपने उपन्यास, ‘माई नेम इज रेड’ में दिखाया है। लाल रंग का प्रयोग आग, अंगारे, चिंगारी, मशाल के लिए भी किया जाता है। और वाम के तो झंडे का रंग ही लाल है, यानी क्रांति, विद्रोह। इस तरह लाल रंग एक लम्बी रेंज की नुमाइंदगी करता है।

यूरोप और अमेरिका में लोग बाग इस बात पर यकीन करते हैं कि लाल बाल वालों को गुस्सा बहुत अधिक आता है। और गुलजहां बताती है कि उसके बेटे अनवर में बहुत अधिक गुस्सा भरा हुआ है। वह कहती है, यह गुस्सा उसे उसी से मिला है। लाल बाल वाली के भीतर गुस्सा है यह बात सच है। जेम के बाप, अपने पहले पति, अपने दूसरे पति तुर्गे से भी कभी बहुत गुस्सा होते उपन्यास नहीं दिखाता है। हां, मां-बेटे के बीच की गरमा-गरम बातें यहां खूब हैं। 

कई लोग यकीन करते हैं और पश्चिमी दुनिया के मिथक में लाल बाल शैतान के माने जाते हैं।
कई लोग यकीन करते हैं और पश्चिमी दुनिया के मिथक में लाल बाल शैतान के माने जाते हैं। - फोटो : Facebook/Saba_Aftab
अपने दसवें उपन्यास ‘द रेड हेयर्ड वुमन’ में पामुक जिन मिथकों का प्रयोग करते हैं उनमें भी मां के बालों का रंग लाल है, बल्कि उनमें तो माता-पिता दोनों के लाल रंग के बाल होने की बात आती है। लाल बाल वाली के न केवल बाल लाल हैं वह स्टेज पर लाल रंग की बदन दिखाती लंबी पोशाक पहनती है। जब इन मिथकों पर बना नाटक करती है तो उसके बालों का रंग लाल होता है।

इन मिथक पर बन रही फिल्म में भी लाल बाल वाली का जिक्र उपन्यास करता है। कई लोग यकीन करते हैं और पश्चिमी दुनिया के मिथक में लाल बाल शैतान के माने जाते हैं। पहली औरत लिलिथ के बाल लाल होने की बात भी कही जाती है।

ओरहान पामुक ने अपनी नायिका गुलजहां को ऐसा गढ़ा है कि वह खुद-ब-खुद आजादी, बराबरी के दर्जे का संकेत देती है। उसका दूसरा आदमी तुर्गे यकीन करता है कि लाल बाल वाली औरतें चरित्रहीन होती हैं। ये किसी से भी रिश्ता कायम कर सकती हैं, कोई भी उनसे रिश्ता कायम कर सकता है। गुलजहां ‘वीमेन अकॉर्डिंग टू मेन’ नाम का एक मजमून पढ़ा था। इस मजमून के साथ एक खूबसूरत लाल बाल वाली औरत की तस्वीर थी।

तस्वीर के नीचे लिखा था: ‘आतिश मिजाज और राजदां’। तस्वीर की तेज दिमाग औरत के होठों की शक्ल और उसका इजहार गुलजहां को बहुत अपना-सा लगा। वह उस तस्वीर को काट कर दीवाल पर चिपका लेती है। तस्वीर को अनवर एक दिन दो टुकड़ों में फाड़ डालता है जिसे वह फिर से जोड़ कर दीवाल पर लगा लेती है। बाद में वह तस्वीर अनवर को देती हुई कहती है, ‘मेरे प्यारे बेटे! मैं खुश हूं कि अब तुम अपना अफसाना लिखना शुरु करने वाले हो।’ आगे कहती है, ‘जब खतम करना तो इस तस्वीर को कवर पर रखना।’
 

स्वयं पामुक ने इसे (हत्या) अपने उपन्यास, ‘माई नेम इज रेड’ में दिखाया है। लाल रंग का प्रयोग आग, अंगारे, चिंगारी, मशाल के लिए भी किया जाता है।
स्वयं पामुक ने इसे (हत्या) अपने उपन्यास, ‘माई नेम इज रेड’ में दिखाया है। लाल रंग का प्रयोग आग, अंगारे, चिंगारी, मशाल के लिए भी किया जाता है। - फोटो : Istock
ओरहान पामुक के इस आत्मकथात्मक उपन्यास में कवर से ले कर अंतिम सफे तक लाल रंग बिखरा हुआ है। यह प्यार-प्रेम, रहस्य, मादकता, यौनिकता, मौत सब की तस्वीर है। नकारात्मक और सकारात्मक दोनों रूप में है। गुल शब्द खास फूल गुलाब के लिए काम में लाया जाता है। फारसी शब्द गुल का एक मतलब सुर्ख रंग की चिंगारी होता है। जहां का मतलब दुनिया होता है। गुलजहां जिन्दगी और जला कर सब बरबाद करने वाली दोनों के अर्थ में प्रयुक्त है।
 
उपन्यास दो और औरतों की बात करता है, उन्हें नायिका के बरक्स खड़ा करता है। जेम की पत्नी आयशा उसकी मां आसमां दोनों आदर्श पत्नियां हैं। जेम की होने वाली बीवी के बारे में उसका पिता कहता है, ‘तुमने ठीक अपनी मां जैसी लड़की पाई है।’ ये दोनों औरतें परम्परागत परिवार से आती हैं।

एक फर्क है जेम की मां का बच्चा हुआ, आयशा को औलाद नहीं हुई। फिर भी जेम और आयशा खुश है। जेम की मां आसमां को जब जेम का पिता छोड़ जाता है तब भी वह उसके प्रति वफादार बनी रहती है और बेटे तथा परिवार की फिकर करती है। उपन्यास दिखाता है कि आयशा बांझ है। जेम केवल एक बार लाल बाल वाली के साथ सो कर उससे औलाद पैदा कर चुका है।

इन दोनों औरतों में फर्क है। आसमां अनपढ़ है, आर्थिक रूप से पूरी तरह अपने पति पर निर्भर। पति उसे छोड़ जाता है तो उसकी माली हालत खराब हो जाती है, जेम को काम की खोज में निकलना पड़ता है। आयशा पढ़ी-लिखी है। कॉलेज में पढ़ते समय वे मिले थे, धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती होती है। जेम उससे संबंध बनाना चाहता है, आयशा शादी के पहले जिस्मानी नजदीकी नहीं बनाती है। बाद में दोनों की सगाई और शादी होती है।
 
आर्थिक रूप से स्वतंत्र आयशा घर संभालती है, पति की रूचि और कारोबार में साथ देती है। पति के प्रति वफादार रहती है। जेम उसे लाल बाल वाली औरत से अपने संबंध को तब तक नहीं बताता है जब तक कि पानी सिर के ऊपर नहीं आ जाता है। लाल बाल वाली ऐसी औरत है जिसका संबंध जेम के पिता से था। जब जेम उससे संबंध बनाता है तब भी वह जानती थी कि जेम कौन है। वह कुआं खोदने वाले उस्ताद महमूद को भी जानती है।

वह किशोर जेम से एक बार जिस्मानी संबंध बनाती है। गुलजहां जेम से कहती है, ‘डरो मत, मैं तुम्हारी मां की उम्र की हूं।’ हमबिस्तर होने के वक्त वह केवल 17 साल का था जबकि लाल बाल वाली 33 साल की एक शादीशुदा औरत थी। उसकी दो बार शादी हो चुकी थी, उस समय उसका दूसरा पति जीवित था। पिता-पुत्र एक तरह की औरत, परम्परागत औरत से शादी और एक ही औरत, लुभाने वाली औरत, लाल बाल वाली, गुलजहां से प्रेम करते हैं।

‘द रेड हेयर्ड वुमन’ कहानी है परिवार की, मोहब्बत की, जवानी-बुढ़ापे की, रिवायत-आधुनिकता की। यह कहानी है तुर्की के बदलते सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक परिवेश की। तुर्की के समाज में औरत की।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें [email protected] पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 
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