NFO: नई स्कीम में पैसा लगाकर मुनाफा बनाने का अवसर, नए होने की वजह से आमतौर पर सस्ते होते हैं न्यू फंड ऑफर
एसेट मैनेजमेंट कंपनी जब नई म्यूचुअल फंड स्कीम लाती है, तो उसके लिए एनएफओ पेश करती है। इसके जरिये जुटाई पूंजी को एएमसी इक्विटी मार्केट, बॉन्ड या किसी और एसेट में निवेश करती हैं। इसलिए, एनएफओ पर बाजार में उतार-चढ़ाव का असर रहता है।
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शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच अगर जोखिम के साथ शुरुआत में ही रिटर्न पाना चाहते हैं तो न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) में निवेश कर सकते हैं। प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तर्ज पर म्यूचुअल फंड चलाने वाली एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (एएमसी) भी बाजार से पैसा जुटाने के लिए एनएफओ लाती हैं। बाजार में नया होने की वजह से ये आमतौर पर सस्ते हैं। इसके जरिये कंपनियां निवेशकों को अपनी किसी नई स्कीम में पैसे लगाने के लिए आमंत्रित करती हैं।
उतार-चढ़ाव का रहता है असर
एसेट मैनेजमेंट कंपनी जब नई म्यूचुअल फंड स्कीम लाती है, तो उसके लिए एनएफओ पेश करती है। इसके जरिये जुटाई पूंजी को एएमसी इक्विटी मार्केट, बॉन्ड या किसी और एसेट में निवेश करती हैं। इसलिए, एनएफओ पर बाजार में उतार-चढ़ाव का असर रहता है। इस निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के जरिये ही कंपनियां मुनाफा कमाने की कोशिश करती हैं। इसका लाभ निवेशकों को उनकी यूनिट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में मिलता है। इस मुनाफे का कुछ हिस्सा एएमसी खर्च और फंड मैनेजर्स की फीस के तौर पर निकल जाता है, जिसे एक्सपेंस रेश्यो भी कहा जाता है।
फायदा
- एनएफओ निवेशकों को शुरुआत से ही एक नई निवेश रणनीति का हिस्सा बनने का मौका देता है।
- सब्सक्रिप्शन अवधि में एनएफओ यूनिट की कीमत कम होती हैं। यह निवेशकों को शुरुआत में कम निवेश के साथ अधिक संख्या में यूनिट दिलाने की पेशकश करता है।
- फंड हाउस नए लॉन्च एनएफओ के लिए अनुभवी फंड मैनेजर नियुक्त करते हैं। इनकी विशेषज्ञता बेहतर रिटर्न दिलाने में सहायक हो सकती है।
नुकसान
- लॉन्च स्कीम का पिछला रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता, इसलिए भविष्य में उसके प्रदर्शन का अनुमान लगाना मुश्किल है।
- एनएफओ का वास्तविक प्रदर्शन तब तक अनिश्चित रहता है, जब तक यह बाजार के विभिन्न चक्रों से नहीं गुजरता।
- मौजूदा फंडों के विपरीत, एनएफओ के बारे में सीमित जानकारी उपलब्ध होती है। इससे सही मूल्यांकन में दिक्कत आती है।
- फंड सूचीबद्ध नहीं होने तक इसका स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार नहीं हो सकता है।
खरीदने से पहले जरूर करें रिसर्च
एनएफओ में निवेश के कई लाभ होते हैं। नई स्कीम में निवेश से अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला सकते हैं। हालांकि, एनएफओ खरीदने का फैसला वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम क्षमता और निवेश रणनीति के अनुरूप होना चाहिए। इसलिए, निवेश से पहले गहन रिसर्च करें। फंड मैनेजर की विशेषज्ञता का मूल्यांकन करें। -अखिल चतुर्वेदी, मुख्य कारोबार अधिकारी, मोतीलाल ओसवाल एएमसी