फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   mahendra singh dhoni announces retirement from indian cricket dhoni untold stories by fans

महेंद्र सिंह धोनी: गाजियाबाद में माही को फिल्में दिखाने का होता रहा ये इंतजाम

Mon, 17 Aug 2020 10:02 AM IST
Harish Sharma हरीश शर्मा
Updated Mon, 17 Aug 2020 10:02 AM IST
विज्ञापन
mahendra singh dhoni announces retirement from indian cricket dhoni untold stories by fans
कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को संन्यास की घोषणा की तो मेरे जेहन में विश्वकप का हेलीकॉप्टर शॉट सबसे पहले आया। - फोटो : social media

कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को संन्यास की घोषणा की तो मेरे जेहन में विश्वकप का हेलीकॉप्टर शॉट सबसे पहले आया। सचिन की तरह यदि उन्होंने भी किसी मैच के बाद रिटायरमेंट की घोषणा की होती तो मैच के बाद पूरा स्टेडियम ही क्या पूरा भारत ‘धोनी-धोनी’ के शोर से गूंज जाता। लाखों करोड़ों लोगों की आंखे नम होती। लेकिन, धोनी तो हमेशा कुछ अलग ही करते हैं, मैदान के अंदर भी और मैदान के बाहर भी। इस बार भी इंस्टाग्राम पर अलग ही अंदाज में उन्होंने सभी किंतु परंतु पर विराम लगा दिया।

विज्ञापन


संन्यास की घोषणा के बाद लाखों लेख लिखे जा चुके हैं। मैं ऐसा क्या लिखूं जो अलग हो जिसकी चर्चा कम हुई हो। तब मुझे लगा मुझे अपनी मुलाकातें लिखनी चाहिए जो अलग ही थीं।

विज्ञापन


धोनी के बारे में सबसे पहले 2002-2003 में मेरे साथी मित्र दीपक गुप्ता ने मुझे बताया। उनके पापा गोपाल गुप्ता इंडियन एयरलाइंस की क्रिकेट टीम से जुड़े थे और उन्होंने बिहार टीम से खेलने वाले युवा धोनी की बल्लेबाजी के किस्से पढ़े और सुने थे।

विज्ञापन
विज्ञापन


गोपाल गुप्ता ने यह बात एयर इंडिया टीम के मैनेजर जय सिंह को बताई। उसके बाद धोनी एयर इंडिया टीम का हिस्सा बने। उसी टीम में धोनी के मित्र और बाद में धोनी का तमाम व्यवसायिक कार्य देखने वाले अरुण पांडेय भी खेलते थे। 


गोपाल गुप्ता को लगता था यह लड़का अगले दो तीन साल में भारत के लिए न सिर्फ खेलेगा बल्कि एक दिन कप्तान भी बनेगा।


तब मुझे लगा था कि दीपक के पापा अति उत्साह में बोल गए हैं, लेकिन 2004 में जब धोनी की खबरें आने लगी तो मुझे गोपाल गुप्ता की बात सही लगने लगी। हालांकि गोपाल गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई।

दिसंबर 2004 के बाद धोनी एक ऐसा सितारा बनकर उभरा जिसका कोई सानी नही जिसने ऊंचाइयों की उन मंजिलों को छुआ जो कुछ ही लोगों के नसीब में होती हैं।

एक बार हमने धोनी और उनके मित्रों के लिए सितंबर 2006 में फिल्म "खोसला का घोसला" का शो आधे घंटे तक रोके रखा...

mahendra singh dhoni announces retirement from indian cricket dhoni untold stories by fans
धोनी उस समय भी शांत ही रहते थे। - फोटो : social media

पहली बार मेरी मुलाकात माही से जून 2006 में हुई थी। दरअसल मेरे पास मेरे मित्र अतुल गंगवार का फोन आया माही को अपने कुछ दोस्तों के साथ फिल्म "फिर हेराफेरी" देखनी है। क्या आप कुछ ऐसी व्यवस्था कर सकते हैं कि लोग अधिक न हों। मेरे पास इंदिरापुरम में एक मल्टीप्लेक्स का पीआर का काम था, मेरे मित्र राहुल शर्मा उस मल्टीप्लेक्स को मैनेज करते थे। मैंने उनसे बात की और यह भी बताया कि कोई मीडिया नहीं, कोई प्रचार नहीं। फिर भी वह तुरंत तैयार हो गए। 


राहुल शर्मा ने नए-नए बने लाउंज को हमारे लिए खोल दिया। लाउंज में जाने का रास्ता अलग से ही था। इसमें करीब 24 लक्जरी सीट थी। तय समय से धोनी अपने कुछ मित्रों के साथ आए। पहले लाउंज में बैठकर बातचीत हुई फोटो हुए। अरुण पांडेय के साथ कुछ लोग और भी थे उस दिन। धोनी उस समय भी शांत ही रहते थे।

अभिवादन का उत्तर भी मुस्कराहट से ही देते थे। मैंने पूछा भी कि कैसी फिल्म पसंद करते हैं, तो वह बोले हर तरह की फिल्म अच्छी लगती है, लेकिन कॉमेडी की फिल्म देखना अधिक अच्छा लगता है। किशोर कुमार के गाने मुझे अच्छे लगते हैं। जॉन अब्राहम की तरह मोटरसाइकिल चलाना उन्हें पसंद है। जॉन अभी भी उनके अच्छे मित्र हैं।

एक बार हमने धोनी और उनके मित्रों के लिए सितंबर 2006 में फिल्म "खोसला का घोसला" का शो आधे घंटे तक रोके रखा। ये बात गाजियाबाद में ही वैशाली के एक सिनेमा हाॅॅल की है। रात 9 बजे का शो था और ऊपर की चार पंक्तियां सिर्फ हमारे लिए रोकी गईं थी। हमें बताया गया कि धोनी और साथी आधे घंटे देर से आएंगे।

इसकी सूचना सार्वजनिक करने के बाद हमने लोगों से अनुरोध किया कि फिल्म को देर से शुरू करने की वह सब सहमति दें। धोनी अपने मित्रों के साथ रात 9.30 बजे करीब पहुंचे। उनके साथ पूरी टोली थी। धोनी ने पहुंचते ही सबसे पहले सबसे माफी मांगी। फिर इंटरवल में लोगों के साथ फोटो खिंचाए और फिल्म खत्म होने के बाद सिनेमाघर के सभी स्टाफ के साथ फोटो खिंचवा कर सबको खुश कर दिया।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed