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महाराष्ट्र का सबसे अनोखा स्कूल, कोंकण के बच्चे खेत-खलियान, घर-आंगन में लगा रहे पेड़

Shirish Khareशिरीष खरे Updated Sat, 30 Nov 2019 08:25 AM IST
यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कर्दल गांव का है।
यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कर्दल गांव का है। - फोटो : Social Media
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आमतौर पर पारंपरिक शिक्षण पद्धति में पर्यावरण जैसे महत्त्व के विषय सिर्फ किताबों और स्कूल की चारदीवारी तक सीमित रह जाते हैं। लेकिन, बच्चों पर केंद्रित एक शिक्षण गतिविधि छोटी उम्र में धरती को बचाने और उसे सजाने-संवारने का माध्यम बन गया है।
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इससे जुड़े कई गृह-कार्य बच्चों के साथ शिक्षक और पालकों के बीच मजबूत संबंधों की धुरी तो बन ही रहे हैं, इन गृह-कार्यों से पूरा गांव भी पर्यावरण को प्रति जागरूक हो रहा है। महाराष्ट्र के उत्तर कोंकण के समुद्र तटीय पालघर जिले में ऐसा ही एक स्कूल है, जहां बरसात के दिनों में बच्चे बड़ों की मदद से खेत, खलियान, घर, आंगन में पेड़ लगा रहे हैं।

यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कर्दल गांव का है। मल्हार कोली आदिवासी बहुल इस गांव की आबादी करीब ढाई हजार है। मल्हार कोली आदिवासी बहुल इस गांव में वर्ष 1979 में मराठी माध्यम की शाला स्थापित हुई थी।

जिला परिषद के प्राथमिक स्कूल में इस समय पहली से चौथी तक कुल 90 बच्चे हैं। यहां प्रधानाध्यापिका छाया ठाकुर के अलावा चार शिक्षक पदस्थ हैं। इस शाला में बीते दो वर्षों से इस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
 
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