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मोदी के इन कामों से खुश अप्रवासी भारतीयों ने भाजपा को दी ये रैंकिंग

Sat, 25 May 2019 01:04 PM IST
Priyamvada Sahay प्रियंवदा सहाय
Updated Sat, 25 May 2019 01:04 PM IST
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lok sabha chunav result 2019 bjp won pm modi NRIs show support for PM Modi
एनआरआई के बीच पीएम मोदी का कार्यकाल बेहद लोकप्रिय रहा है। - फोटो : PTI

पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज की समीक्षा करने पर बेशक कुछ मोर्चे पर उनका पलड़ा भारी तो कुछ पर हल्का रहा है। लेकिन उनका कार्यकाल अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के बीच बेहद लोकप्रिय व असरदार रहा है। स्वीडन, लातविया और स्पेन में रहने वाले अनिवासी भारतीयों से आम चुनाव 2019 पर हुई चर्चा के आधार पर पता चलता है कि पीएम मोदी के दोबारा चुने जाने पर अप्रवासी भारतीयों में जश्न और जोश का माहौल है। विदेशों में उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी है।

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एनआरआई क्या कहते हैं नरेंद्र मोदी के बारे में  
नरेंद्र मोदी के प्रशंसक मानते हैं कि बेशक मोदी अपने पूरे जीवन काल में भारत को यूरोप या अमेरिका की तरह समृद्ध नहीं बना पाए, लेकिन वे इसके लिए ईमानदारी से अपनी कोशिश जारी रखे हुए हैं। अब भारत की चर्चा घोटाले, भ्रष्टाचार या बड़े शहरों में यहां-वहां फैली गंदगी को लेकर नहीं होती, बल्कि अंतरिक्ष सफलता, स्वच्छता अभियान की सफलता और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर होती है। यहां नोटबंदी या जीएसटी की जटिलताओं को दरकिनार कर इसके दूरगामी परिणाम गिनाए जाते हैं।
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ओसीआई (ओवरसीज़ सिटीजनशिप ऑफ़ इंडिया) लोगों का एक खेमा मोदी को इसलिए भी पसंद करता है क्योंकि पिछले कार्यकाल में उन्होंने पुराने नियमों को हटाकर भारतीय मूल के लोगों के लिए नए नियमों को आसान बनाया है। अब उन्हें भारत जाने पर हमेशा थाने में अपने मौजूदगी की हाज़िरी नहीं लगानी होती है।
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नई सरकार से उनकी मांग दोहरी नागरिकता (ड्यूएल सिटीजनशिप) को लेकर उठने लगी है। - फोटो : PTI

नई सरकार से उनकी मांग दोहरी नागरिकता (ड्यूएल सिटीजनशिप) को लेकर उठने लगी है, ताकि दूसरे देश में रहने पर उन्हें भारत की नागरिकता गंवानी नहीं पड़े। वहीं चुनावों में एनआरआई और ओसीआई के मतदान की व्यवस्था की मांग भी हो रही है।

अनिवासी भारतीय कहते हैं कि चुनावों में उनके सीधे मतदान की मांग लंबे समय से है। अलग-अलग देशों से हमेशा इसके लिए आवाज उठाई जाती है, इसलिए नई सरकार को देश से बाहर रहने वालों भारतीयों पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो इससे मोदी की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी। उम्मीद की जा रही है कि अगले 5 सालों में भी आम जनता की मांगों को ध्यान में रखकर क़दम उठाए जाएंगे। 

मोदी के अलावा नहीं है विकल्प?  
एनआरआई कहते हैं कि भाजपा के अंदर या दूसरे विपक्षी दलों में उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी से बेहतर विकल्प नहीं दिखता। वे अनुशासित, परिश्रमी व ऊर्जावान हैं। वे ज़मीन से जुड़े हुए मुखर नेता हैं, जो प्राचीन भारत और मॉडर्न भारत को साथ लेकर चलने की कोशिश में है। यह उनकी छवि का असर है कि लोग उन्हें भाजपा का सबसे मज़बूत नेता मान रहे हैं। वे मानते हैं कि मोदी की वजह से यहां भारत के बारे में सकारात्मक चर्चाएं बढ़ी है। आईटी कंपनियां हो या फिर यहाँ कि सरकार सब की नज़र मोदी की रणनीति पर है। यह भारत के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से खुश हैं एनआरआई - फोटो : पीटीआई

यहां रहने वाले भारतीय जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज से ख़ुश हैं। वे मानते हैं कि भले ही मोदी परफ़ेक्ट नहीं हैं लेकिन किसी भी दूसरे दल के नेता से बेहतर और असरदार ज़रूर हैं। उनका असर बच्चों और बड़ों दोनों पर है। ऐसा नहीं है कि उनके कामकाज में ख़ामी नहीं है, लेकिन वे दूसरे राजनीतिक दलों के विकल्पों से बेहतर हैं। 

अधिकांश एनआरआई का मत है कि भाजपा सरकार ने आर्थिक सुधार के लिए जो क़दम उठाये हैं उसका लाभ अगले दशक में नये भारत को मिलेगा। वे इस बात से काफ़ी ख़ुश हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का पक्ष पुरज़ोर तरीके से रखा जा रहा है। भारत को अब उस तरीके से सुना और समझा जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ। 

आपको यह जानना दिलचस्प होगा कि जब राजनीतिक दलों की रेटिंग देने की बात हुई तो ज़्यादातर लोगों ने नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भाजपा सरकार को दस में सात अंक देकर पहले पायदान पर रखा। जबकि कांग्रेस पार्टी के मौजूदा हाल और नेतृत्व से निराश होकर उसे औसत से कम माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

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