दिल्ली के बाद अब बंगाल में लगा "देश के गद्दारों को गोली मारो" का नारा, सियासत गरमाई
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"देश के गद्दारों को, गोली मारो....को" नारा अब पश्चिम बंगाल भी पहुंच गया। रविवार को कोलकाता में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के दौरान भाजपा समर्थकों की ओर से लगे इस नारे पर बंगाल में सिसायत गरमा गई है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी ओर, तमाम राजनीतिक दलों में इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होने लगा है। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस औऱ वामपंथी दलों ने जहां इसके लिए भाजपा को कठघरे में खड़ा कर दिया है, वहीं भाजपा ने इसे टीएमसी की साजिश करार देते हुए अपना बचाव किया है।
रविवार को वाम दलों और कांग्रेस ने शाह के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उन्होंने शाह गो बैक के नारे लगाते हुए उनको काले झंडे दिखाए थे। कोलकाता में कई जगह शाह के पुतले भी जलाए गए थे। इसी दौरान धर्मतल्ला इलाके के जवाहर लाल नेहरु रोड पर रैली में शामिल होने के लिए जा रहे भाजपा समर्थक इन दोनों दलों के समर्थकों से भिड़ गए। उसी दौरान भाजपाइयों ने गोली मारो... का नारा लगाया। इस नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सरकार ने पुलिस को इसकी जांच का निर्देश दिया। उसके बाद ही पुलिस अभियुक्तों की तलाश में जुट गई।
तृणमूल कांग्रेस समेत तमाम दलों ने ऐसे नारे के लिए भाजपा की खिंचाई की है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में ऐसे नारे से लोगों का दिल नहीं जीता जा सकता। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्र सवाल करते हैं कि आखिर पुलिस ने उसी समय नारे लगाने वालों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम का आरोप था कि भाजपा ने सांप्रदयिक तनाव फैलाने के मकसद से ही रविवार की रैली आयोजित की थी। कई बुद्धिजीवियों ने भी इस नारे के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया है।
जाने-माने अभिनेता सौमित्र चटर्जी ने कहा है कि भाजपा की नीतियां ही अलोकतांत्रिक है। वह फासीवाद की राह पर चल रही है। साहित्यकार शीर्षेंदु मुखर्जी कहते हैं कि ऐसे नारे लगाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों के किलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष इस मामले में पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को साजिश करार देते हैं। उनका आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को लगातार झूठे मामलों में फंसा कर परेशान कर रही है। बांकुड़ा के भाजपा सांसद सुभाष नस्कर कहते हैं कि रैली में तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोगों ने यह नारा लगा कर पार्टी को बदनाम करने की साजिश की है।
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने रविवार को अपनी रैली में दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में भाजपा दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने दोहराया नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने का कानून है। इस मौके पर उन्होंने आर नय अन्यया यानी और अन्याय नहीं शीर्षक से भाजपा के नए अभियान की भी शुरुआत की। शाह ने अपने भाषण के दौरान भ्रष्टाचार, सिंडीकेट, तोलाबाजी (उगाही), कानून व व्यवस्था और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमले किए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहे कुछ भी कर लें, केंद्र सरकार सीएए लागू कर करोड़ों शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए कृतसंकल्प हैं। शाह ने दावा किया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल विकास के मामले में काफी पिछड़ गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पांच साल के भाजपा को मौका देकर देखें। पार्टी बंगाल को सोनार बांग्ला यानी सोने का बंगाल बना देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए अब तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। ऐसे में आने वाले दिनों में बंगाल का राजनीतिक माहौल और गरमाने के आसार हैं।
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