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स्वीडन और फिनलैंड में 'जी सर' और 'जी मैडम' बोलना माना जाता है निरादर

Priyamvada Sahayप्रियंवदा सहाय Updated Sat, 06 Jul 2019 12:44 PM IST
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ऑफिस - फोटो : pixabay
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सम्मान के जिन शब्दों को हम और आप बड़े शिद्दत से अपने देश में अपनाते हैं उसकी उम्मीद रखना या वैसा कहना दूसरे देशों में आपको निराश कर सकता है। संभव है कि सम्मान व आदर भाव के परंपरागत भारतीय तरीक़ों को बाहर में अपनाकर आप चौंक भी जाएं। क्योंकि जिसे आप और हम सम्मान देना समझ रहे हैं, ज़रूरी नहीं कि इसे सम्मान के रुप में ही देखा जाएगा। ऐसे शब्द विदेशियों को चौंकाते हैं। तो ज़्यादातर इसे बेवजह की चाटुकारिता भी समझते हैं। 
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जी हां, स्वीडन या फ़िनलैंड में अगर आपने डॉक्टर, वक़ील,मास्टर, जज, मंत्री या प्रधानमंत्री को उनके पेशे में साहब लगाकर बुलाया तो समझ लीजिए यह उनका निरादर होगा। यह समझा जा सकता है कि आपको उनके पेशे पर कुछ संदेह है या उन्हें बेवजह उनका काम याद दिला रहे हैं तभी बारबार विशेषण के रूप में उनके पेशे से संबोधित कर रहे हैं। या फिर सर या साहब लगाकर बात कर रहे हैं। जबकि उनका एक नाम है जिनसे उन्हें पुकारा जा सकता है। नाम की जगह पेशे से पुकारना ग़लत होगा।
 
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