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ये म्यूचुअल फंड का पूरा गणित, ऐसे ना करना निवेश वरना हो जाएगा घाटा

Wed, 05 Dec 2018 04:07 PM IST
Updated Wed, 05 Dec 2018 04:07 PM IST
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invest risk in mutual funds mutual fund in india
पिछले चार वर्षों से इक्विटी में सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए जो रिटेल निवेशक आए हैं, उन्हें अच्छा लाभ हुआ है। - फोटो : File Photo

पिछले चार वर्षों से इक्विटी में सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए जो रिटेल निवेशक आए हैं, उन्हें अच्छा लाभ हुआ है। लेकिन हाल के दिनों में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखे गए हैं और अब उनमें से ज्यादातर निवेशकों की निवेश के प्रति सोच बदल गई है और वे यह सोच रहे हैं कि क्या वे अपने एसआईपी को जारी रखें? वे सोच रहे हैं कि वे तब तक एसआईपी को रोक दें जब तक कि बाजार में फिर से तेजी न आए। लेकिन मेरा मानना है कि आप एसआईपी को क्वांटिटेटिव तरीके से देखें, क्योंकि आखिरकार निवेश से हमें प्रभावित करनेवाली एकमात्र चीज नकारात्मक रिटर्न का विचार है।

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एसआईपी का प्रदर्शन
पिछले साल वैल्यू रिसर्च ने विविधीकरण इक्विटी फंडों के एसआईपी के प्रदर्शन के शेयरों को लेकर वास्तविक रिटर्न पर आधारित पिछले 25 सालों (1992-2017) के रिटर्न का एक विश्लेषण किया था। इस दौरान दो बड़े घटनाक्रम देखे गए जिसमें एक तो साल 2001 में डॉट कॉम बबल था और 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट था। इसके अलावा 1999 से 2000, 2004-2007 और 2014 से 2016 के दौरान ढेर सारी तेजी बाजार में देखी गई। इस विश्लेषण में एक दिलचस्प बात एसआईपी को लेकर सामने आई।

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लंबी अवधि का लाभ
जब भी बात म्यूचुअल फंड की आती है, तो बाजार के विश्लेषक और सलाहकार हमेशा लंबी अवधि के निवेश और धैर्य को लेकर बात करते हैं। वैल्यू रिसर्च के मुताबिक सभी विविधीकरण इक्विटी फंड्स के एसआईपी की 10 साल की अवधि का यील्ड देखें तो केवल 0.3 फीसदी मामलों में ही यह नकारात्मक रहा है। आगे चलकर अगर कोई चार साल से अधिक की अवधि के लिए निवेश करता है तो 90 फीसदी यह मुमकिन है कि वह रिटर्न सकारात्मक होगा। इसलिए यदि एसआईपी निवेश लगातार एक दशक के लिए रहता है तो यहां नुकसान होने कई आशंका शून्य हो जाती है।

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दो अंकों में रिटर्न
विश्लेषण में पता चला है कि यदि किसी ने अपने एसआईपी को चार साल या उससे अधिक समय के लिए जारी रखा है तो 62 फीसदी मामलों में दो अंकों में रिटर्न मिला है। यदि एसआईपी का निवेश दस सालों के लिए है तो 77 फीसदी मामलों में इसने 10 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। आमतौर पर एक धैर्यवान निवेशक के लिए एसआईपी का यील्ड 15 से 19 फीसदी तक होता है। बाजार में समय का एक महत्व है। उन निवेशकों के लिए, जो बाजार की तेजी में निवेश कर दुखी हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि यदि वे लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं तो उन्हें इससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए। आपके लिए नकारात्मक रिटर्न तभी हो सकता है जब आप 1-2 साल के लिए निवेश करते हैं और कम अवधि के लिए हमेशा डेट फंड के बारे में सोचना चाहिए।

शीर्ष पर बाजार और उतार-चढ़ाव
वैल्यू रिसर्च ने पाया कि जिन निवेशकों ने साल 2007 में बाजार के शीर्ष पर निवेश किया था, उसमें से 60 फीसदी एसआईपी को रोक दिया गया। लेकिन आगे चलकर साल 2011 में 99 फीसदी निवेशकों ने उसी शीर्ष बाजार में अपने निवेश से पैसे कमाए। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर दुखी नहीं होना चाहिए, यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं। महत्वपूर्ण यह है कि बाजार के सभी चक्रों में आपको बना रहना चाहिए।

वित्तीय लक्ष्य और स्कीम
एक रिटेल निवेशक के रूप में आपको एसआईपी के लिए एक ऐसी स्कीम का चयन करना चाहिए जो आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करे। यदि कोई निवेशक इन स्कीमों से परिचित नहीं है तो उसे किसी अच्छे वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए। आपको समय-समय पर अपने निवेश के फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि अच्छी स्कीमें शीर्ष तिमाही प्रदर्शन में आपको अच्छा रिटर्न देती हैं।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.

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