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निवेश-बचत: विवाह पर अनंत खर्चा...अब सही प्रबंधन जरूरी; कौन क्या खर्च करेगा, पहले से तय करें

Mon, 15 Jul 2024 06:52 AM IST
दीपक कुमार शर्मा नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 15 Jul 2024 06:52 AM IST
सार

भारतीय परिवार बच्चों के विवाह कार्यक्रमों पर भारी-भरकम यानी ‘अनंत’ खर्च करते हैं। वे कर्ज लेने में भी संकोच नहीं करते हैं। ऐसा करना सामान्य बात है, लेकिन शादी के बाद बच्चों से खर्चों पर बात नहीं करना असामान्य है। दूल्हा-दुल्हन को भी चाहिए कि वे इन खर्चों पर चर्चा करें और पैसों के सही प्रबंधन पर ध्यान दें।

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Indian families do not hesitate take loans to spend endlessly on childrens weddings
भारतीय विवाह (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

जब भी कभी भारतीय परिवारों में होने वाले खर्चों की बात आती है, तो घर खरीदने के बाद सबसे बड़ा खर्च बच्चों की शादी पर होता है। दुनिया की सबसे चर्चित शादी पिछले सात महीनों से सुर्खियों में है और अगर आंकड़ों पर गौर करें तो मुकेश अंबानी ने अपने बेटे अनंत की शादी पर करीब 5,000 करोड़ खर्च किया। यह सबसे महंगी रस्म अदायगी कई प्री-वेडिंग और सगाई कार्यक्रमों के बाद 12 जुलाई को खत्म हो गई। भारतीय शादियों पर इतना (अनंत) खर्च करते हैं कि कई बार वे इसके लिए कर्ज लेने में भी संकोच नहीं करते हैं।

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अनंत अंबानी के शादी समारोह में सामूहिक विवाह कार्यक्रम भी शामिल था, इसलिए शादियों पर होने वाला खर्च कोई असामान्य बात नहीं मानी जाती है। शादी के साथ कई जिम्मेदारियां आती हैं और कपल के पैसे का खर्च एक ऐसी चीज है, जिसके लिए सभी को तैयार रहना पड़ता है। एक ओर तो हम कुंडली मिलान कर मैच मेकिंग पर बहुत ध्यान देते हैं। दोनों की पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच करते हैं। आयोजन स्थल और आमंत्रित मेहमानों के लिए खाने-पीने का पूरा ख्याल करते हैं, लेकिन हम जिस चीज पर गंभीरता से ध्यान नहीं देते हैं, वह है...शादी के बाद पैसे के प्रबंधन को लेकर दूल्हे और दुल्हन का नजरिया।
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चर्चा में जीवनसाथी से बरतें ईमानदारी
हमारी वित्तीय आदतें वैवाहिक जीवन में बड़ा रोल अदा करती हैं। पैसा कपल के लिए सबसे कठिन विषयों में से एक हो सकता है। लेकिन, चाहे कितना भी असहज क्यों न लगे, शादी और पैसे के बारे में याद रखने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण शब्द हैं...कभी झूठ न बोलें। जिस तरह ईमानदारी किसी भी रिश्ते की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है, वित्तीय चर्चा में भी इसकी उतनी ही भूमिका है। इसलिए, जीवनसाथी से वित्तीय मामलों में भी ईमानदारी बरतें।
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पैसों के प्रबंधन के तीन मुख्य तरीके
विवाहित जोड़े अपने पैसे का प्रबंधन तीन मुख्य तरीकों से कर सकते हैं। अलग-अलग, संयुक्त रूप से या अलग और संयुक्त खातों के कॉम्बिनेशन के साथ। दंपती की स्थिति के आधार पर देखें तो कामकाजी दंपती या उनमें से कोई एक वर्किंग हो तो खातों का कॉम्बिनेशन उनके काम और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े मामलों को संभालने के लिए अच्छी तरह से काम करता है। यह दोहरी आय की शक्ति या किसी के पास जो कुछ भी है, उसे मैनेज करने की सच्चाई को जानने के लिए वित्तीय अनुशासन भी लाता है।

कौन क्या खर्च करेगा, पहले से तय करें
कौन क्या खर्च करेगा, इस पर पहले से ही नियम निर्धारित कर लें। इससे न सिर्फ जिम्मेदारियां बंट जाती होती हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि किन घरेलू खर्चों का कौन कितना भुगतान कर रहा है। माता-पिता के साथ रहने के दौरान पिछले अनुभवों के विपरीत, संभवतः आपके पास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा, जिस पर आप पैसों के मामलों में भरोसा कर सकें। इसके अलावा, नवविवाहित जोड़े अक्सर शुरुआती खर्चों को अनदेखा कर देते हैं। कई बार तो वे ऐसा तब तक करते हैं, जब तक कोई वित्तीय संकट न आ जाए।

निर्धारित करें वित्तीय लक्ष्य
शादी के तुरंत बाद अगर संभव हो तो पहले ही पैसे से संबंधित चिंताओं, मौजूदा संपत्तियों और देनदारियों पर चर्चा करें ताकि दोनों मिलकर कोई वित्तीय लक्ष्य निर्धारित कर सकें और भविष्य के लिए उन पर काम कर सकें। पैसों के मामले में स्पष्टता सबसे महत्वपूर्ण है।

घर के खर्चों में बच्चों से लें योगदान
शादी के बाद बच्चे अगर साथ रहते हैं तो माता-पिता को चाहिए कि उन्हें घर में योगदान करने के लिए कहें। जब आपको निकट भविष्य में सेवानिवृत्ति के बाद खुद के खर्चों के लिए पैसे की जरूरत है, तो सभी के लिए देने वाले की भूमिका न निभाएं।   

  • बच्चों के साथ विवाह पर होने वाले खर्चों पर चर्चा करने की भी अच्छी आदत बनाएं। बच्चे अक्सर मानते हैं कि वे अपनी शादी पर बहुत ज्यादा खर्च करने की इच्छा रखते हैं। शादी जीवन में एक बार होने वाली घटना हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप जरूरत से ज्यादा खर्च करें।    
  • इन दिनों डेस्टिनेशन वेडिंग लोकप्रिय हो रही है। देखा जाए तो यह कम खर्चीली हो सकती हैं, अगर आप इसे पहले से प्लान करें। इसे एक यादगार इवेंट बनाने के लिए कम खर्च वाली शादी के मौसम की तलाश करें।
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