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न्यूजीलैंड का वो मैदान जहां दर्शक भूल जाता है क्रिकेट देखना

Mon, 03 Feb 2020 01:01 AM IST
Vimal Kumar विमल कुमार
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:01 AM IST
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IND vs NZ Mount Maunganui Stadium and Beautiful Atmosphere
Mount Maunganui Stadium - फोटो : सोशल मीडिया

मैदान से ठीक कुछ ही मीटर पीछे समुद्र और बेहद नजदीक एक मशहूर पहाड़। भारत और न्यूजीलैंड के बीचे खेले गए पाचंवे टी-20 का क्रिकेट स्टेडियम बे ओवल अपने आप में खूबसूरती की एक मिसाल है। लगता ही नहीं है कि आप मैच देखने के लिए किसी क्रिकेट मैदान में पहुंचे हैं।

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ऐसा लगता है कि छुट्टियां मनाने के लिए परिवार वाले अपने रविवार का लुत्फ घास में बैठकर क्रिकेट मैच देखकर उठा रहें हैं। रात में खेले जाने वाले इस मैच के दौरान आसमान का दृश्य इतना मनमोहक है कि आप गेंद और बल्ले का मुकाबला छोड़कर आकाश को ही निहारने लगेंगे।
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सिर्फ 10 हजार की क्षमता वाले इस मैदान में दर्शक स्टैंड की बजाए बाउंड्री से बेहद करीब सटे घास के ऊपर बैठते हैं, लेकिन रविवार की रात को मैच को देखने के लिए 6278 लोग मौजूद थे। ये संख्या आधिकारिक तौर पर न्यूजीलैंड के मीडिया प्रभारी ने दी जब उन्हें ये पता चला कि मैं एक लेख इस मुदे पर लिख रहा हूं। आपको ऐसा महसूस होगा कि आप किसी अंतरराष्ट्रीय मैच ना देखकर कोई स्थानीय मैच देख रहें हों।
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हां, इतना जरुर है कि दर्शकों में आधे करीब भारतीय हैं और उनके ढोल-नगाड़ें और शोर-शराबे आपको ये एहसास कराएं कि शायद मैच कहीं भारत के किसी छोटे से शहर में तो नहीं हो रहा। लेकिन, एक बात मायूस करने वाली है कुछ हुड़दंगी दर्शक न्यूजीलैंड में रहते हुए भी यहां के स्थानीय लोगों का मजाक उड़ा रहें है। लेकिन, एक तबका ऐसा भी है जो स्थानीय लोगों को उनके रवैये के लिए खेद जता रहा है।

भारतीय दर्शक इरफान-इरफान का नारा लगाने लगते हैं।

पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान जब मैच के दौरान कमेंट्री करने के बाद मैदान पर होते हैं तो भारतीय दर्शक इरफान-इरफान का नारा लगाने लगते हैं। सैकड़ों लोग इरफान के साथ सेल्फी और वीडियो बना रहे हैं। भारत में आपको कभी भी किसी खिलाड़ी के साथ इतना नजदीक जाने का मौका नहीं मिलेगा और ना ही इतने इत्मिनान से तस्वीरें खिंचाने और बातें करने का मौका मिलेगा। कीवी दर्शकों के तो और मजे हैं। वहां के पूर्व खिलाड़ी और मौजूदा खिलाड़ी तो बेहद आराम से आम दर्शकों को घुलते-मिलते दिखाई देतें हैं।

सुरक्षा भी यहां ऐसा मुद्दा नहीं है कि आप परेशान हो जाएं। भारत से तो एकदम तुलना ही नहीं हो सकती है, क्योंकि वहां तो किसी भी मैदान में इंटरनेशनल मैच के दौरान ऐसे सुरक्षा नियमों से गुजरना पड़ता है कि आप परेशान होकर कई बार ये सोचतें है कि अच्छा होता ये मैच टीवी पर ही देख लेते। लेकिन, यहां पर मैदान के ठीक बाहर आप क्रिकेट भी खेल सकतें हैं। बच्चे मजे कर सकते हैं।

क्या आपको यकीन होगा कि यहां के प्रेस बॉक्स में इस मैच को कवर करने के लिए एक भी स्थानीय रिपोर्टर मौजूद नहीं है! जी हां, प्रेस बॉक्स में आठ भारतीय प्रेस से हैं, जबकि न्यूजीलैंड से एक भी पत्रकार नहीं। मेरे करियर में ये पहला मौका है जिसमें मैं एक ऐसे मैच को कवर कर रहा हूं जहां एक भी कीवी पत्रकार मौजूद नहीं है। दो स्थानीय रेडियो से पत्रकार हैं, लेकिन वो रेडियो स्टेशन भी हिंदी के हैं और पत्रकार भी हिंदुस्तानी जो पिछले कई सालों से यहीं के हो चुके हैं।

कप्तान केन विलियमसन के न खेलना का अफसोस

मैंने जब ये बात न्यूजीलैंड के मीडिया मैनेजर से पूछी तो उन्होंने एक दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि हाल के सालों में मीडिया में क्रिकेट कवरेज को लेकर कॉस्ट कटिंग काफी हुई है (मैनें हां में हां मिलाते हुआ कि कमोबेश भारत में भी ऐसी ही स्थिति है!)

और दूसरी वजह है कि टी-20 मैचों के दौरान इतना वक्त नहीं होता है कि आप बहुत ज्यादा मैच के बाहर कहानियां ढूंढ पाएं और तीसरी वजह ये है कि स्थानीय स्काई स्पोर्ट्स का कई मीडिया संस्थान के साथ करार है जिसके चलते वो ज्यादातर खबरें वहीं से उठा लेतें हैं।

हां, स्थानीय दर्शकों को इस बात का अफसोस है कि इस मैच में कप्तान केन विलियमसन नहीं खेल रहें हैं। दरअसल, विलियमसन इसी शहर के हैं और इस छोटे से शहर के बहुत बड़े हीरो। उनके नहीं खेलने से कीवी दर्शकों में थोड़ी मायूसी है। विलियमसन के अलावा ट्रेंट बोल्ट भी इसी शहर के हैं। लेकिन, ये बेहद शांत और छोटा शहर है, लेकिन कुदरत ने इसे जबरदस्त खूबसूरती से नवाजा है। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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