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खुला आकाश: ऐसी धमकियों को कैसे रोका जाए? बम की अफवाह झूठी निकलने पर आरोपी पर सख्त कार्रवाई समय की मांग

Sun, 17 Nov 2024 06:27 AM IST
शुभम कुमार डॉ. महेश परिमल
डॉ. महेश परिमल Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 17 Nov 2024 06:27 AM IST
सार

देश में लगातार बम की धमकी की अफवाह बढ़ती जा रही है। ऐसे में बम रखने की घटना यदि अफवाह निकले तो आरोपी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी धमकियों से सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। हर जगह दहशत फैल जाती है और पूरा सरकारी अमला इसकी जांच में जुट जाता है।
 

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How to stop such threats? If the bomb rumour turns out to be false, strict action against the accused is the
विमान - फोटो : एएनआई

विस्तार

अक्सर विमान, स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल, मंदिर जैसी संस्थाओं पर बम रखने की धमकी आती है। इन धमकियों के कारण सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। एयरपोर्ट से लेकर स्कूल, कॉलेज और मंदिरों में दहशत फैल जाती है। पूरा सरकारी अमला इसकी तस्दीक में जुट जाता है और अंत में पता चलता है कि कुछ लोगों ने केवल मजे के लिए यह धमकी थी। कई बार तो किसी बच्चे ने यह संदेश भेजा था। इन सभी का माध्यम सोशल मीडिया ही होता है।
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एक धमकी सैकड़ों नुकसान
अगर किसी फ्लाइट को उड़ाने की धमकी मिलती है तो उसकी जांच की प्रक्रिया में काफी रुपये का नुकसान होता है। फ्लाइट खाली कराई जाती है। गहन चेकिंग होती है तो यात्रियों को दिक्कत होना भी लाजिमी है। ऐसे में एयरलाइन्स यात्रियों की सुविधा के लिए तमाम व्यवस्थाएं करती है। उड़ान ज्यादा लेट होने पर रिफंड भी करना पड़ता है। यात्रियों को बाहर रुकना पड़ता है।  दूसरी उड़ानें भी प्रभावित होती हैं।
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विकृत मानसिकता के लोगों का काम
विकृत मानसिकता के कुछ लोग भी इस काम में लगे रहते हैं। अपनी विकृति की संतुष्टि के कारण वे इस तरह के काम को अंजाम देते हैं। इस दिशा में कार्रवाई हुई तो कुछ ऐसे लोग पकड़े गए हैं, जो यह नहीं जानते थे कि वे क्या कर रहे हैं। कहीं कोई नाबालिग पकड़ा गया तो कहीं कोई नाराज प्रेमी। इससे यह बात भी सिद्ध होती है कि आजकल बच्चों आैर युवाओं में धैर्य नाम की कोई चीज नहीं बची है। वे आगे-पीछे कुछ भी सोचे बिना इस तरह के काम करते हैं। कई बार तो उन्हें इसका भी भान नहीं होता कि उनका किसी ने इस्तेमाल कर लिया। अनजाने में वे इस तरह का काम कर बैठते हैं।
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सरकार का कर्तव्य
ऐसे में सरकार का यह कर्तव्य है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे लोगों को पकड़कर उन्हें ऐसी सजा दे कि वह दूसरों के लिए सबक बन सके। हाल के दिनों में एयरलाइन कंपनियों को लगातार धमकियां मिलने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं और सभी कर्मचारियों से इसका पालन करने को कहा है।


वहीं सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत सख्ती के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर गलत सूचना को तुरंत रोकने के लिए कहा गया है। वैसे यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि क्या इस तरह की घटना किसी संगठन की धमकी है या किसी की शरारत। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह भारतीय विमानन कंपनियों को घाटे में पहुंचाने की साजिश हो। इस दिशा में भी गहनता से जांच होनी चाहिए।
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