ये है पैसा डबल करने की सबसे अच्छी प्लानिंग, जल्द अमीर बना देंगी ये ट्रिक्स
पैसा आज की ज़िन्दगी में बहुत महत्वपूर्ण है और पैसे को जमा करके निवेश करना एक कला है। यह सब समझने के लिए पर्सनल फाइनेंस को समझना बहुत ज़रूरी हो जाता है।
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पैसा आज की ज़िन्दगी में बहुत महत्वपूर्ण है और पैसे को जमा करके निवेश करना एक कला है। यह सब समझने के लिए पर्सनल फाइनेंस को समझना बहुत ज़रूरी हो जाता है। पर्सनल फाइनेंस को मनी मैनेजमेंट भी कहा जाता है। पैसा सब कमाते हैं, लेकिन उसी पैसे को बचा के डबल करना सब के बस की बात नहीं है .
क्या होता है पर्सनल फाइनेंस
पर्सनल फाइनेंस में काफी चीज़े आती है जैसे कि फाइनेंसियल प्लानिंग , निवेश कैसे करना चाहिए , टैक्स कैसे बचाया जाए , घर और पर्सनल खर्चा कैसे किया जाए आदि यह सब पर्सनल फाइनेंस का एक हिस्सा हैं। आज के वक़्त में पर्सनल फाइनेंशियल प्लानिंग बहुत ही ज़रूरी हो गई है। इससे हम रिटायरमेंट भी प्लान कर सकते हैं। बच्चों जरूरतों और यहां तक कि शादी की प्लानिंग कर सकते हैं। फाइनेंशियल प्लानिंग के अंतर्गत भविष्य की जरूरतों के मुताबिक पैसों के बजट की प्लानिंग की जाती है।
जरूरी है टैक्स बचाना
टैक्स को कैसे बचाया जाए यह भी हिस्सा भी इसी का है। हमें पूरी तरह से चीज़ो को समझना होता है कि कहां -कहां पर टैक्स की बचत कर सकते हैं और जो पैसा टैक्स में बच जाए उसे कैसे निवेश किया जा सकता है। पैसे बचाकर निवेश करना भी आना चाहिए। हर एक इंसान का पर्सनल फाइनेंशियल मैनेजमेंट अलग होता है। कोई ज़्यादा रिस्क ले सकता है और कोई बहुत कम। दरअसल, वित्तीय जोखिम ही मुनाफा की दिशा तय करता है और जो व्यक्ति जितना रिस्क ले सकता है वह उतने ही मुनाफे के बारे में उम्मीद लगा सकता है।
वित्तीय सलाहकार से सलाह
बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए जरूरी है कि आप किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। भविष्य की जरूरतों के लिए पैसा बचाने के लिए सबसे जरूरी है अपनी सैलरी का ठीक से नियोजन। सैलरी का कौन सा हिस्सा किस तरह से खर्च करना है और कितना बचाना है यह सब किसी भी व्यक्ति को पता होना चाहिए।
कैसे करें मनी मैनेजमेंट
फाइनेंशियल प्लानिंग में सबसे जरूरी काम है मनी मैनेजमेंट। हर माह बजट बनाएं। बचत का पैसा सैलरी अकाउंट से ही सेविंग अकाउंट में डाल दें या उसकी एफडी बना दे। इस तरह आप चाह कर भी वो पैसा नहीं खर्च कर पाएंगे जो बचत के लिए रखा गया है। खर्च को लिखते रहें और एक इमरेजेंसी फंड बनाना बिल्कुल ना भूलें। व्यर्थ के खर्चों को कम करें और जेब खर्च को भी कंट्रोल करें। यदि सैलरी कम हो तो कम से कम छोटी ही सही एफडी प्लान करे ताकि आपकी भविष्य की जरूरतों के लिए काम आए। मनी मैनेजमेंट एक बेहतर प्लानिंग का हिस्सा है। पैसा कमाना जितना आसान ही है उतना ही मुश्किल है बचाना। बेहतर है कि आप पर्सनल फाइनेंस के लिए वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.