फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   how sweden became the startup capital of europe know about swedish startups culture

इस देश में स्टार्टअप शुरू करने के लिए कंपनियां ही देती हैं छुट्टी, सफल नहीं हुए तो नौकरी पर वापस 

Tue, 18 Jun 2019 06:46 PM IST
Priyamvada Sahay प्रियंवदा सहाय
Updated Tue, 18 Jun 2019 06:46 PM IST
विज्ञापन
how sweden became the startup capital of europe know about swedish startups culture
स्वीडन स्टार्टअप का हब बनता जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला

अपना व्यवसाय शुरू करने की तमन्ना हम जैसे लाखों भारतीय ज़रूर रखते हैं लेकिन करना मुमकिन नहीं लगता। इसके कारण में कभी आर्थिक समस्या होती है तो कभी नौकरी जाने का ख़तरा। नौकरी में रहते ऐसा सोचना टेढ़ी खीर से ज्यादा कुछ नहीं लगता। लेकिन स्वीडन एक ऐसा देश है जो अपने यहां लोगों को नौकरी से छुट्टी लेकर डंके की चोट पर खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करता है।

विज्ञापन


क्यों स्टार्टअप हब बन रहा है स्वीडन? 
यूरोप के इस छोटे से देश को हाल के वर्षों में स्टार्टअप हब के रूप में जाना जाने लगा है। इसके लिए सरकार इच्छुक लोगों की भरपूर आर्थिक सहायता के साथ नौकरी नहीं जाने की गारंटी भी देती है, जिससे कोई भी व्यक्ति नौकरी जाने की आशंका से दूर होकर अपनी सोच को आसानी से अंजाम दे सकता है। 
विज्ञापन


दरअसल, सिलिकॉन वैली कैलिफ़ोर्निया के बाद स्वीडन एक ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा स्टार्टअप शुरू होते हैं। ऐसा हो भी क्यों नहीं, एक अच्छी सोच को अंजाम देने के लिए यहां सरकार ने ऐसे नियम बनाए हैं ताकि आप नौकरी में रहते हुए अपनी परिकल्पना को साकार कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वीडन के क़ानून के मुताबिक़ अगर किसी व्यक्ति ने छह माह तक पूर्णकालिक नौकरी की है और आगे वह खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो इसके लिए बाक़ायदा कंपनी आपको छुट्टी देगी। स्टार्टअप के प्रपोज़ल पर कंपनियों को छह माह की छुट्टी देना अनिवार्य है।
 

how sweden became the startup capital of europe know about swedish startups culture
कंपनियां स्वीडन में स्टार्टअप खोलने के लिए छुट्टी देती है। - फोटो : फाइल फोटो

प्रत्येक कर्मचारी को अपने पूरे कार्यकाल में एक दफ़ा इस छुट्टी को लेने का अधिकार है। इस दौरान बेशक कर्मचारी को वेतन नहीं मिलता (अनपेड लीव) लेकिन यह ज़रूर है कि आपके इस फ़ैसले को सुनकर नियोक्ता कंपनी नौकरी से निकालेगी नहीं। बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि छह माह में अगर नया व्यवसाय ठीक से नहीं चल पा रहा या अनिश्चितताएं घिरी हुई हैं तो आप नौकरी में वापस आ सकते हैं। नौकरी में वापसी को लेकर कंपनियां अपने कर्मचारियों को कभी मना नहीं कर सकती हैं।

इस वजहों से छुट्टी हो सकती है कैंसिल 
महज़ दो कारणों से कोई कंपनी छुट्टी के प्रस्ताव को नामंज़ूर कर सकती है। पहला यह है कि कर्मचारी उस ओहदे पर विराजमान हो या ऐसी ज़िम्मेदारी उसके पास हो कि अगर वह नौकरी से छह माह के लिए छुट्टी ले लेता है तो इससे कंपनी का कामकाज प्रभावित हो रहा हो। और दूसरा यह कि वह कंपनी का डायरेक्ट कॉम्पिटिटर नहीं हो। यानी कर्मचारी के जरिए शुरू किया जाने वाला व्यवसाय उसकी मौजूदा कंपनी के जैसी या उसी ढर्रे पर एक ही प्रकृति के व्यवसाय वाली नहीं हो। अगर नया स्टार्टअप शुरू करते हुए इनका ख़याल रखा जाता है तो छह माह का अनपेड लीव मिलना तय है। 

how sweden became the startup capital of europe know about swedish startups culture
स्वीडन की स्टार्टअप कंपनियां दुनिया की नामचीन अरबों डॉलर की कंपनियों में शुमार हैं। - फोटो : फाइल फोटो

सरकार की उदार नीति का परिणाम यह है कि स्वीडन की स्टार्टअप कंपनियां दुनिया की नामचीन अरबों डॉलर की कंपनियों में शुमार हैं। फिर चाहे वह संगीत से जुड़ी डिजिटल म्यूज़िक सर्विस कंपनी स्पोर्टीफाई (Spotify) या इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचाने वाला वीडियो चैट ऐप स्काइप (Skype)या फिर बात वीडियो गेम डेवलपर मेजांग (Mojang) की हो। आपको मालूम हो कि गाना सुनने के लिए आज दुनिया भर में सबसे ज्यादा स्पोर्टीफाई (Spotify)का उपयोग होता है। लोग स्पोर्टीफाई के जरिए अलग-अलग देशों में अपने  पसंदीदा गाने तमाम भाषाओं में सुन रहे हैं।

इन कंपनियों का दुनिया में बजता है डंका 
स्पोर्टीफाई स्वीडन के सफल स्टार्टअप कंपनियों में शामिल है। इसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। देखते ही देखते यह कंपनी अरबों डॉलर की बन चुकी है। पिछले साल यह कंपनी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज मे भी सूचीबद्ध हो चुकी है। जबकि स्काइप (Skype) जो कभी स्वीडिश स्टार्टअप कंपनी थी आज दुनिया भर में अपना डंका बजा रही है। वर्ष 2011 में माइक्रोसॉफ़्ट ने 8.5 अरब डॉलर में इसका अधिग्रहण किया था। जबकि मोजांग (Mojang) को भी माइक्रोसॉफ़्ट ने ही साल 2014 में 2.4 अरब डॉलर में अधिग्रहित कर लिया था। करोड़ों-अरबों की कमाई करने वाले स्टार्टअप की फ़ेहरिस्त में यहां हर वर्ष नये नाम शामिल हो रहे हैं। 

जानने वाली बात यह है कि स्वीडन में काम करने वालों को कई तरह की क़ानूनन छुट्टी लेने का अधिकार है। इसमें 480 दिनों की पैरेंटल लीव, उच्च शिक्षा या स्वीडिश भाषा सीखने के लिए छुट्टी, स्टार्टअप शुरू करने के लिए छुट्टी, परिजनों की देखभाल के लिए छुट्टियां भी यहां मिलती है। हालांकि स्वीडिश भाषा सीखने के लिए छुट्टी अमूमन वहां दी जाती है जहां कर्मचारी का स्वीडिश जानना अनिवार्य है।

यह छुट्टी ज़्यादातर यहां के सरकारी कामकाज से ताल्लुक़ रखने वाले कर्मचारियों को मिलती है। वहीं दूसरी छुट्टियों को लेने के लिए कर्मचारी का ईमानदार होना निहायत ज़रूरी है। वह किसी तरह से नियोक्ता को धोखे में रखकर इन छुट्टियों का लाभ नहीं उठा सकता। स्वीडन की कंपनियों में कामकाज का पैटर्न कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर अपेक्षाकृत ज्यादा आसान बनाया गया है। शायद यही वजह है कि यहां कार्यस्थल पर शोषण, कर्मचारियों को मानसिक तनाव या इससे जुड़ी बीमारियां कम होती हैं।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed