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यूरोप के आकाश में होली के रंग, फैल रहा है होली का बाजार

Wed, 30 Mar 2022 11:10 AM IST
Priyamvada Sahay प्रियंवदा सहाय
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:10 AM IST
सार

होली भले ही भारतीयों के लिए त्योहार है जिसे साल में एक बार फाल्गुन मास में मनाया जाता है। लेकिन यूरोप के लिए होली की परिकल्पना व्यवसाय का रूप ले चुकी है। आश्चर्य यह है कि यूरोप में होली को बाजारवाद से जोड़ने की कवायद हम भारतीयों ने नहीं की है बल्कि यह सोच एक जर्मन व्यक्ति की है जो कि कभी भारत में होली देखकर आए थे।

उन्होंने इस त्योहार को व्यवसाय में बदलने की सोची। और देखते ही देखते यह कई देशों में लोकप्रिय हो गया। अब होली खेलने के लिए यह जरूरी नहीं रहा कि आप फाल्गुनी होली ही खेलें, आप अपनी सुविधा और छुट्टी के मुताबिक किसी दूसरे माह में भी खेल सकते हैं।

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How Holi Has become a market in Europe
यूरोप में बढ़ता होली का बाज़ार - फोटो : प्रियंवदा सहाय

विस्तार

होली भले ही भारतीयों के लिए त्योहार है जिसे साल में एक बार फाल्गुन मास में मनाया जाता है। लेकिन यूरोप के लिए होली की परिकल्पना व्यवसाय का रूप ले चुकी है। आश्चर्य यह है कि यूरोप में होली को बाजारवाद से जोड़ने की कवायद हम भारतीयों ने नहीं की है बल्कि यह सोच एक जर्मन व्यक्ति की है जो कि कभी भारत में होली देखकर आए थे।

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उन्होंने इस त्योहार को व्यवसाय में बदलने की सोची। और देखते ही देखते यह कई देशों में लोकप्रिय हो गया। अब होली खेलने के लिए यह जरूरी नहीं रहा कि आप फाल्गुनी होली ही खेलें, आप अपनी सुविधा और छुट्टी के मुताबिक किसी दूसरे माह में भी खेल सकते हैं।  
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यूरोप में कई इवेंट कंपनियां होली के कॉन्सेप्ट को बेचकर मोटी कमाई कर रही हैं। वहीं लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। यह कहा जा सकता है कि अगर आप यूरोप में रहते हैं तो आपको हर वर्ष एक से ज्यादा बार होली खेलने का मौक़ा मिल सकता है। यूरोप में होली को इस तरह से पेश करने वाली पहली अंतर्राष्ट्रीय इवेंट कंपनी Holi Concept GmbH है।
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इस जर्मन कंपनी के फाउंडर जैस्पर हॉलमैन की कहानी भी दिलचस्प है। आपको बता दूं कि उन्होंने इस कंपनी की नींव दो अन्य जर्मन मैक्स रिडेल और मैक्सिम डेरेनको के साथ मिलकर करीब ग्यारह वर्ष पहले रखी थी।

साल 2011 में जब वे दिल्ली गए तो वहां चारों ओर होली की धूम थी। उन्होंने होली खेलने में लोगों की मस्ती, गर्मजोशी भरे माहौल को अनुभव किया। वे इस त्योहार से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने बर्लिन (जर्मनी) आकर खुद होली को कुछ फेरबदल के साथ यूरोप में मनाने की तैयारी की। यह फेरबदल खासतौर पर होली मनाने के समय को लेकर की गई।

दरअसल होली फाल्गुन मास (अमूमन मार्च) में मनाया जाता है। लेकिन ठंडे प्रदेशों में रंगों वाली होली खेलने के लिए मार्च का महीना उपयुक्त नहीं है। इसलिए अप्रैल - अगस्त के बीच होली का आयोजन सार्वजनिक तौर पर किया जाता है। तो इस तरह होली इवेंट गर्मियों की छुट्टी में पहली दफा 2012 में जर्मनी में मनाया गया।

यह इतना सफल व लोकप्रिय रहा कि आयोजकों ने इसके बाद से कभी पीछे मुड़कर कर नहीं देखा। वे कलर फेस्ट इवेंट का आयोजन दूसरे देशों में भी करने लगे। उन्होंने एक साल में 22 जगहों पर होली का आयोजन किया और उस वर्ष करीब तीन लाख लोग होली फेस्टिवल विजिटर बने। इसी बीच होली वर्ल्ड टूर के आयोजन की घोषणा हुई। इसके लिए कंपनी से ऑनलाइन पूछताछ करने वालों की संख्या भी लाखों में रही। यह यूरोप में इतना लोकप्रिय हुआ कि यहां की मीडिया में भी होली इवेंट सुर्खियां बटोरने लगा और सकारात्मक समीक्षाएं होने लगी।

How Holi Has become a market in Europe
यूरोप में बढ़ता होली का बाजार - फोटो : Pixabay

इस होली इवेंट में शामिल हो चुके प्रशांत का कहना है कि ग्लोबल लोगों के साथ भारत की होली अपने आप में काफी दिलचस्प है। यह इवेंट में शामिल होने वालों को एक खास तरह का अनुभव दिलाता है। लोगों को एक दूसरे की संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलता है। जबकि भारत की होली को लेकर लोगों का उत्साह भी बढ़ता जाता है।

यह देखना काफी मनोहारी है कि होली इवेंट में कई देशों के लोग एक साथ रंग गुलाल उड़ाते नजर आते हैं। प्रशांत इस वर्ष दोबारा होली इवेंट में जाने की तैयारी में हैं। लेकिन इस बार होली आयोजित करने वाली इवेंट कंपनी दूसरी है। उन्होंने बताया कि वे कलर ऑब्सटेकल रन में हिस्सा लेंगे।

इसके एक टिकट कि कीमत करीब 400-500 स्वीडिश क्रोना के बराबर है। लेकिन यह कीमत होली इवेंट की मस्ती के लिए बहुत ज्यादा नहीं है। आपको बता दूं कि  Holi Concept GmbH कंपनी 2012 से अबतक क़रीब दो दर्जन देशों में इसका आयोजन कर चुकी है।

इनमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इटली, आयरलैंड, मैक्सिको, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, पेरू, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्विट्जरलैंड, यूके समेत कई नाम शामिल हैं।

कोरोना महामारी में ठप्प पड़ चुके इस तरह के आयोजनों को दोबारा बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। डेनमार्क में 23 अप्रैल को होने वाले होली इवेंट में अब तक करीब दो हजार लोगों ने शामिल होने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। इसका आयोजन एचएसएस डेनमार्क के जरिए किया जाएगा।

इसी तरह स्वीडन में होली इवेंट में शामिल होने के लिए करीब तीन हज़ार लोगों ने दिलचस्पी जाहिर की है। इवेंट कंपनियों का मानना है कि आने वाले दिनों में होली इवेंट का आकार अभी और भी बढ़ेगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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