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उम्मीद: कितना अलग होगा यह नया साल 2026? जब लोग तकनीक से थककर सुकून, असलियत और ‘कम दिखावे’ की ओर लौटेंगे
Fri, 02 Jan 2026 08:02 AM IST
पवन पांडेय
द न्यूयॉर्क टाइम्स
द न्यूयॉर्क टाइम्स
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 02 Jan 2026 08:02 AM IST
सार
कितना अलग होगा यह नया साल?: 2026 वह साल हो सकता है, जहां तकनीक से थके लोग सुकून ढूंढें, इन्फ्लुएंसर कंटेंट बनाने के दबाव से मुक्त होना चाहें और एआई अपनी कृत्रिमता को छोड़ने की सोचने लगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
एक ऐसी दुनिया में, जो हर मोड़ पर सरप्राइज देने को तैयार हो, असल सवाल यह है कि 2026 हमारे लिए क्या ला रहा है? अब इस बात को लेकर सहमति बढ़ रही है कि स्मार्टफोन हमारी जिंदगी को जटिल और थकाऊ बना रहे हैं, इसलिए आश्चर्य नहीं होगा अगर कम तकनीक वाले उपकरणों की श्रेणी बढ़े। दरअसल, इन विकल्पों की ओर लोगों का उत्साह बढ़ने की वजह उपभोक्तावाद से मिला झटका है, जिसके तहत पहले हमें महंगे मोबाइल फोन बेचे गए और अब उनसे छुटकारा पाने वाले उत्पाद बाजार में आ गए हैं। लेकिन, यह आसान नहीं होगा। कम उन्नत फोन लगातार आने वाले नोटिफिकेशनों से छुटकारा भले दिला दें, लेकिन उबर जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग कर्मचारी क्या ऐसे मोबाइल स्वीकारेंगे, जिनसे वे काम ही न कर सकें। दूसरी बात ये फोन समाज में वर्ग और रुतबे वाली सोच को भी गहरा कर सकते हैं।
2026 में हम इस मंत्र को चरम पर पहुंचते देख सकते हैं कि मार्केटिंग ही सब कुछ है। फिल्मों की मार्केटिंग को हम एक नए स्तर पर पहुंचते देखेंगे। फिल्म के अभिनेता खुद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन जाएंगे, उनके अपने चैनल होंगे। इसकी शुरुआत हो भी चुकी है। एआई को उसके रचयिता की छवियां उत्पन्न करते देख चुके हैं। अब इसके आगे का दौर आएगा। हालांकि, एआई की छवियों में कुछ त्रुटियां रहेंगी, लेकिन उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता जाएगा। एआई की कला जरूरत से ज्यादा पॉलिश की हुई लगती है। जब लोग ऐसी छवियों से थक जाएंगे, तब वे फिर से उस कला व लेखन की तरफ लौटेंगे, जो असलियत दिखाते हैं और जहां खामियां छिपाई नहीं जातीं, बल्कि उनमें ही सुंदरता और खुशी खोजी जाती है। मानवीय कला में कुछ लापरवाही का पुट होता है, वह दरअसल उसका सौंदर्य होता है। 2026 में हम देखेंगे कि क्या एआई अपनी शैली में इसे जगह दे पाता है?
लोगों के व्यवहार में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ सकती है, जो 40 की उम्र में रिटायरमेंट ले लें या अपनी बचत को अनावश्यक चीजों पर खर्च कर दें, क्योंकि जिंदगी के अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि यह दोबारा नहीं मिलेगी। जिंदगी की अनिश्चितता को देखते हुए 2026 में जुए और पूर्वानुमान बाजारों में दिलचस्पी और बढ़े। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव के दिन प्रेडिक्शन मार्केट कल्शी ने टाइम्स स्क्वायर में एक बिलबोर्ड लगाया, जिसमें जोहरान ममदानी की जीत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी गई थी। इस पर 12 करोड़ डॉलर से ज्यादा की बाजी लगी थी। ये प्लेटफॉर्म जुए या कमोडिटी ट्रेडिंग जैसे नए रास्ते खोल रहे हैं। ऐसे में, आगे मनोरंजन को भी खेल की तरह बनाया जाए, जहां लोग शो में आगे क्या होगा, इस पर दांव लगाते देखे जा सकते हैं। 2020 के दशक की शुरुआत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर अपनी जिंदगी रिकॉर्ड करना लोकप्रिय था, लेकिन अब एक नई प्रवृत्ति उभर रही है-एक्सफ्लुएंसर।
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2026 में हम इस मंत्र को चरम पर पहुंचते देख सकते हैं कि मार्केटिंग ही सब कुछ है। फिल्मों की मार्केटिंग को हम एक नए स्तर पर पहुंचते देखेंगे। फिल्म के अभिनेता खुद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन जाएंगे, उनके अपने चैनल होंगे। इसकी शुरुआत हो भी चुकी है। एआई को उसके रचयिता की छवियां उत्पन्न करते देख चुके हैं। अब इसके आगे का दौर आएगा। हालांकि, एआई की छवियों में कुछ त्रुटियां रहेंगी, लेकिन उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता जाएगा। एआई की कला जरूरत से ज्यादा पॉलिश की हुई लगती है। जब लोग ऐसी छवियों से थक जाएंगे, तब वे फिर से उस कला व लेखन की तरफ लौटेंगे, जो असलियत दिखाते हैं और जहां खामियां छिपाई नहीं जातीं, बल्कि उनमें ही सुंदरता और खुशी खोजी जाती है। मानवीय कला में कुछ लापरवाही का पुट होता है, वह दरअसल उसका सौंदर्य होता है। 2026 में हम देखेंगे कि क्या एआई अपनी शैली में इसे जगह दे पाता है?
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लोगों के व्यवहार में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ सकती है, जो 40 की उम्र में रिटायरमेंट ले लें या अपनी बचत को अनावश्यक चीजों पर खर्च कर दें, क्योंकि जिंदगी के अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि यह दोबारा नहीं मिलेगी। जिंदगी की अनिश्चितता को देखते हुए 2026 में जुए और पूर्वानुमान बाजारों में दिलचस्पी और बढ़े। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव के दिन प्रेडिक्शन मार्केट कल्शी ने टाइम्स स्क्वायर में एक बिलबोर्ड लगाया, जिसमें जोहरान ममदानी की जीत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी गई थी। इस पर 12 करोड़ डॉलर से ज्यादा की बाजी लगी थी। ये प्लेटफॉर्म जुए या कमोडिटी ट्रेडिंग जैसे नए रास्ते खोल रहे हैं। ऐसे में, आगे मनोरंजन को भी खेल की तरह बनाया जाए, जहां लोग शो में आगे क्या होगा, इस पर दांव लगाते देखे जा सकते हैं। 2020 के दशक की शुरुआत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर अपनी जिंदगी रिकॉर्ड करना लोकप्रिय था, लेकिन अब एक नई प्रवृत्ति उभर रही है-एक्सफ्लुएंसर।
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