विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: रॉबर्ट डि नीरो- अद्भुत कलाकार
रॉबर्ट की पहली फिल्म जिसने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई, वह थी 1973 में बनी करीब दो घंटे की ‘मीन स्ट्रीट्स’। इस फिल्म के निर्देशक हैं- प्रसिद्ध मार्टिन स्कोरसेस। ‘मीन स्ट्रीट्स’ में रॉबर्ट का चरित्र नकारात्मक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शायद आपने 1991 में बनी हॉलीवुड मूवी ‘केप फियर’ देखी हो। यदि यह फिल्म नहीं देखी, तो इससे प्रेरित होकर मुकुल एस आनंद की बनाई हिन्दी फिल्म ‘खून क्या करेगा?’ जरूर देखी होगी। यदि यह भी नहीं देखी तो ‘केप फियर’ की नकल पर बनी शाहरुख खान, जूही चावला अभिनीत हिन्दी फिल्म ‘डर’ तो अवश्य देखी होगी। वही फिल्म जिसमें शाहरुख खान ‘क...क...क...किरन’ कहता है।
वैसे मैं इन हिन्दी फिल्मों की बात करने नहीं जा रही हूं। मैं तो बात कर रही हूं, ‘केप फियर’ के मुख्य अभिनेता रॉबर्ट डि नीरो की। इस दो ऑस्कर पुरस्कार जीते अमेरिकन अभिनेता, निर्देशक, प्रोड्यूसर का जन्म 17 अगस्त 1943 को हुआ था। मतलब अब वे 80 साल के हो रहे हैं और आज भी सक्रिय हैं। कलाकार माता-पिता की संतान ने स्टेला एडलर तथा अमेरिकन वर्कशॉप से अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
‘मीन स्ट्रीट्स’ फिल्म से मिली सफलता
स्वयं अपनी फिल्में नहीं देखने वाले रॉबर्ट की पहली फिल्म जिसने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई, वह थी 1973 में बनी करीब दो घंटे की ‘मीन स्ट्रीट्स’। इस फिल्म के निर्देशक हैं- प्रसिद्ध मार्टिन स्कोरसेस। ‘मीन स्ट्रीट्स’ में रॉबर्ट का चरित्र नकारात्मक है। हालांकि रॉबर्ट और मार्टिन एक ही इलाके में खेलकूद कर बड़े हुए थे, उन्होंने एक-दूसरे को कई बार देखा भी था, मगर कभी आपस में बात न की थी। लेकिन फिल्मी दुनिया ने दोनों की जोड़ी ने धूम मचा दी।
दोनों ने कई बहुत अच्छी पुरस्कृत फिल्में साथ-साथ कीं। फिर तो निर्देशक मार्टिन तथा अभिनेता रॉबर्ट ने साथ में ‘दि आइरिशमैन’, ‘कैसिनो’,‘केप फियर’, ‘गुड फेलाज’, रेजिंग बुल’ आदि कई फिल्में कीं।
रॉबर्ट डि नीरो ने दो फिल्मों ‘ए ब्रोंक्स टेल’ (1993) तथा ‘द गुड शेफर्ड’ (2006) का निर्देशन भी किया है। उन्होंने एकाध साक्षात्कार दिए हैं, पर उन्हें साक्षात्कार देना पसंद नहीं है। उन्होंने ‘मीन स्ट्रीट्स’ फिल्म के अगले वर्ष फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की प्रसिद्ध फिल्म ‘गॉडफादर’ के दूसरे भाग (1974) में वीटो कोलिओनी की सहायक भूमिका की है, इस फिल्म के मुख्य किरदार माइकेल को एल पैचिनो ने निभाया है।
इस फिल्म को 6 ऑस्कर पुरस्कार मिले, जिसमें सहायक भूमिका के लिए रॉबर्ट को पहला ऑस्कर प्राप्त हुआ। रॉबर्ट डि नीरो तथा एल पैचिनो दोनों कमाल के कलाकार हैं। अक्सर उनके प्रशंसक उनकी तुलना करते हैं और दोनों को एक-दूसरे से भिड़ाने के चक्कर में रहते हैं। मगर दोनों बहुत समझदार हैं।
1976 की फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’
रॉबर्ट की अगली फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ (1976) थी और इस बार वे फिर मार्टिन स्कोरसेस द्वारा निर्देशित थे। करीब दो घंटे की इस फिल्म में रॉबर्ट ने मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति का चरित्र किया है, जो रात को न्यूयॉर्क सिटी में टैक्सी चलाता है। इसमें उनकी नायिका थी, जूडी फॉस्टर। 2 साल की उम्र से अभिनय प्रारंभ करने वाली जूडी फॉस्टर ने यहां 12 साल की वेश्या आइरिस के चरित्र का अभिनय किया है। इस फिल्म का 4 श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकन हुआ था।
इसके बाद हम रॉबर्ट को 1978 की फिल्म ‘द डीयर हंटर’ में देखते हैं। 3 घंटे से कुछ ऊपर की इस फिल्म ने 24 पुरस्कार जीते जिसमें 5 ऑस्कर भी शामिल हैं। वियतनाम युद्ध ने अमेरिकी लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित किया है, किस तरह अमेरिकी लोगों का जीवन छिन्न-भिन्न कर दिया है इसे दिखाने वाली इस फिल्म के निर्देशक माइकेल चिमीनो हैं। इसमें रॉबर्ट के साथ हैं, क्रिस्टोफर वाकिन तथा जॉन कजाले।
1980 में ‘रेजिंग बुल’ में रॉबर्ट एक बार फिर मार्टिन स्कोरेसिस के साथ हैं और इस बार उन्हें सर्वोत्तम नायक का ऑस्कर मिला। 2 घंटे से कुछ ऊपर की इस बायोपिक में एक बॉक्सर जैक की कहानी है, जो ईर्ष्याग्रस्त हो कर रिंग में अपने प्रतिपक्षी के चेहरे को बिगाड़ देता है। कारण उसकी पत्नी ने इस प्रतियोगी को खूबसूरत कह दिया था। लेकिन इस प्रतियोगिता के बाद उसका जीवन भी खराब होता है।
जैक का गुस्सा उसके भीतर की कमतरी की भावना का परिणाम है। इस फिल्म बनाने के पीछे की कहानी भी कम फिल्मी नहीं है।
ऑस्कर फिल्म ‘गुडफेलाज’
1990 में 44 पुरस्कार जीतने वाली फिल्म (जिसमें एक ऑस्कर भी शामिल है) ‘गुडफेलाज’ में दर्शक एक बार फिर रॉबर्ट डि नीरो तथा मार्टिन स्कोरसेस के काम को देखते हैं। यह भी एक बायोपिक है, जिसमें हेनरी हिल तथा उसके माफिया जीवन को दिखाया गया है। एक समीक्षक के अनुसार इस फिल्म प्रत्येक का अभिनय अद्भुत है, अलग से नजर आता है। जिमी कॉन्वे के किरदार में रॉबर्ट इस फिल्म में अपने सर्वोत्तम रूप में हैं। उनकी हर मुद्रा देखने योग्य है। रॉबर्ट डि नीरो के साथ यहां टॉमी डि वीटो के रूप में जो पेशी रॉबर्ट तथा जो पेशी बहुत अच्छे दोस्त हैं, दोनों ने सात फिल्मों में साथ काम किया है।
इस बीच उन्होंने कई अन्य निर्देशकों के साथ काम किया, ‘फ्रैंकेअन्स्टीन’, ‘हीट’, ‘जैकी ब्राउन’ आदि फिल्मों में अभिनय किया। 1991 में वे ‘केप फियर’ में बलात्कार के लिए 14 साल की सजा काट कर जेल से छूटे हैं और एक परिवार के पीछे लगे हैं। मार्टिन स्कोरसेस की इसी फिल्म की बात हम ऊपर कर आए हैं। इसमें रॉबर्ट डि नीरो के साथ हैं निक नॉल्ट तथा जेसिका लैंग। इसमें कुछ देर केलिए ग्रेगरी पेक भी नजर आते हैं।
‘कैसिनो’ (1995) में उनकी नायिका शरॉन स्टोन हैं, साथ ही उनके दोस्त जो पेशी भी हैं। मार्टिन स्कोरसेस की इस तीन घंटे की फिल्म में लॉस वेगास में (रॉबर्ट डि नीरो) तथा निक्की (जो पेशी) दो करीबी दोस्त सैम जुआ साम्राज्य पर कब्जा करना चाहते हैं। दोनों एक सोशलाइट जिंजर (शरॉन स्टोन) के लिए प्रतिस्पर्द्धा में भी शामिल हैं।
अक्सर नकारात्मक भूमिका की करते रहे हैं फिल्में
कई रेस्टोरेंट के मालिक, चार गोल्डेन ग्लोब पुरस्कृत रॉबर्ट डि नीरो अक्सर नकारात्मक भूमिका में नजर आते हैं। वे प्रत्येक भूमिका के लिए चरित्र के बैकग्राउंड का अध्ययन करते हैं साथ ही जमकर शारीरिक एवं मानसिक तैयारी करते हैं। भविष्य में मार्टिन के साथ बार-बार काम करने के इच्छुक रॉबर्ट ने इस सदी में उनके साथ 2019 में एक बार फिर साढ़े तीन घंटे की फिल्म ‘दि आइरिशमैन’ में काम किया है। यहां वे फ्रेंक शीरैन की भूमिका में हैं और उनके साथ उनके दोस्त एल पैचिनो तथा जो पेशी हैं।
‘न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क’ मिडनाइट रन’, ‘मीट द पैरेंट्स’, ‘ब्राजील’, ‘ग्रेट एक्सपेक्टेश्स’ ‘दि अनटचेबल्स’ आदि रॉबर्ट डि नीरो की कुछ अन्य फिल्में हैं। उन्होंने 38 फिल्में प्रड्यूस भी की हैं, सात फिल्मों का साउंडट्रैक बनाया है। रॉबर्ट डि नीरो को अब तक 67 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिसमें दि एएफआई का लाइफटाइम अचीवमेंट एवॉर्ड तथा गोल्डेन ग्लोब सेसिल बी. डेमिले अवॉर्ड भी शामिल है।
-----------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।