विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: साहित्याधारित फिल्मों के निर्देशक- जो राइट
लंदन में जन्मे जो राइट सिने-निर्देशन के अलावा ड्रामा कलाकार भी हैं। फिल्म से बचे समय में वे ड्रामा क्लब में नजर आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपने माता-पिता (जॉन राइट एवं लिंडी राइट) के पपेट थियेटर से की थी।
विस्तार
इंग्लिश सिने-निर्देशक जो राइट को खासतौर पर ‘प्राइड एंड प्रिजुडिस’, ‘अटोनमेंट’ तथा ‘आना केरेनीना’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, वैसे उन्होंने कई और फिल्में भी बनाई हैं। उनकी अन्य फिल्मों के नाम हैं- ‘डार्केस्ट ऑवर’, ‘प्रिंसेस एंड पेपरनोज’, ‘द वूमन इन द विन्डो’, ‘हना’, ‘ब्लैक मिरर’, ‘सोलोइस्ट’ आदि। जो राइट की झोली में 12 पुरस्कार में 2 बाफ्टा पुरस्कार भी शामिल हैं। उन्हें चार बार ऑस्कर नामांकन भी मिला है।
25 अगस्त 1972 को लंदन में जन्मे जो राइट सिने-निर्देशन के अलावा ड्रामा कलाकार भी हैं। फिल्म से बचे समय में वे ड्रामा क्लब में नजर आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपने माता-पिता (जॉन राइट एवं लिंडी राइट) के पपेट थियेटर से की थी। वे थियेटर स्कूल में पढ़ाने का काम भी करते हैं। इतना ही नहीं वे मंच तथा फिल्म के अभिनेता भी हैं।
उन्होंने टीवी के ‘वनफुट इन द ग्रेव’ के एक एपीसोड में अभिनय किया तथा ‘रेवोल्यूशन’ फिल्म में काम किया, हालांकि क्रेडिट में उनका नाम नहीं आता है। उन्होंने लंदन के सेंट मार्टिन्स आर्ट स्कूल सेफिल्म मेकिंग का कोर्स किया है और कैम्बेरवेल आर्ट कॉलेज से भी प्रशिक्षण पाया है।
जो का भारत से रिश्ता
सदा से पेंटिंग में रुचि रखने वाले जो राइट का दूर से ही सही, एक समय भारत से संबंध रहा है। 2010 से 2019 तक वे अनुष्का शंकर के पति और सितार मास्टर रविशंकर के दामाद थे। अनुष्का और उनके दो बेटे (जुबीन शंकर राइट तथा मोहन शंकर राइट) हैं। अब तलाक के बाद वे अलग रह रहे हैं। गर्लफ्रेंड से उनकी एक बेटी भी है।
केरा नाइटली उनकी एक पसंदीदा अभिनेत्री हैं। प्रसिद्ध अभिनेत्री केरा नाइटली ने जो राइट के निर्देशन में अब तक ‘प्राइड एंड प्रिज्यूडीज’ (2005), ‘एटोनमेंट’ (2007) तथा ‘एना केरेनीना’ (2012) तीनफिल्मों में अभिनय किया है। 2007 में जब वे अपनी फिल्म ‘एटोनमेंट’ लेकर वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गए तो वे वहां के इतिहास में फिल्म ले जाने वाले सबसे युवा निर्देशक थे।
‘प्राइड एंड प्रिज्यूडीज’ फिल्म के विषय में उनका कहना है कि यह उनकी पहली सुखांत फिल्म है। वे मानते हैं कि सुखांत और आकांक्षाओं की पूर्ति संस्कृति का हिस्सा है।
हर नई फिल्म उन्हें कुछ सिखा जाती है। 2005 की फिल्म ‘प्राइड एंड प्रिज्यूडीज’ जेन ऑस्टिन के इसी नाम के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है। दो घंटे से कुछ ऊपर की इस फिल्म में मिसेज बेनेट की पांच बेटियां हैं और उनके जीवन का एक ही मिशन है, अपनी बेटियों की शादी। मां की आंख सदा धनी पुरुषों पर रहती है। वे क्रमवार लड़कियों की शादी करना चाहती हैं यानी पहले सबसे बड़ी की,फिर उसके बाद वाली की औरफिर तीसरी की।
मगर चाहने से क्या होता है, कौन कब किसे पसंद करेगा कौन तय कर सकता है? सहज, खूबसूरत एलीजाबेथ के रूप में कैरा नाइटली को परदे पर देखना आंखों को सकून देता है। फिल्म में बॉलडॉन्स की भव्यता देखते बनती है।
दो साल बाद 2007 में फिर जो राइट ने कैरा नाइटली को लेकर ‘एटोनमेंट’ बनाई। बचपन में व्यक्ति खुद को बहुत बुद्धिमान समझते हुए कुछ ऐसा कर जाता है, जिसके कारण कई जिंदगियां बर्बाद हो जाती हैं। एक झूठ जो तबाही मचाता है, वह लाख पश्चाताप के बाद भी ठीक नहीं किया जा सकता है। झूठ बोलने वाला व्यक्ति पश्चाताप की अग्नि में जलता है। मगर पश्चाताप से पाप का मोचन नहीं होता है।
इआन मैकइवान के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है यह करीब दो घंटे की फिल्म। तेरह साल की उम्र में बोला गया झूठ सारी जिंदगी लिख कर उससे होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर पाता है। फिल्म में अभिनय, कहानी और कैमरावर्क सब उत्तम कोटि का है। बिना खुद देखे इस फिल्म को नहीं समझा जा सकता है और न ही इसका आनंद लिया जा सकता है।
‘आना कैरेनीना’ उपन्यास पर आधारित फिल्म
फिर पांच साल बाद हम जो राइट तथा कैरा नाइटली को साथ पाते हैं। एक बार इस बार की फिल्म भी साहित्य आधारित है। इस बार रूस के विश्व प्रसिद्ध रचनाकार लियो टॉल्सटॉय लेखक हैं और उपन्यास है ‘आना कैरेनीना’। इस कालजयी उपन्यास पर अब तक 27 फिल्म बनने की बात इंटरनेट डाटा कहता है। हम खुद को जो राइट कीफिल्म पर सीमित रखेंगे।
दो घंटे की इस फिल्म का स्क्रीनप्ले प्रसिद्ध नाटककार टॉम स्टॉपर्ड ने लिखा है। आना के पति कैरेनीन के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता जूड लॉ हैं, आना के रूप में हैं कैरा नाइटली। गति का प्रतिनिधित्व करती कैरा नाइटली डायनमिक हैं। कैरा नाइटली के डॉयमंड अपनी चमक बिखेर रहे हैं। उपन्यास का यह एक अनोखा संस्करण है। तकरीबन पूरी फिल्म स्टेज सेटिंग पर फिल्माई गई है।
नाटकीयता से भरपूर अभिनय। यहां तक कि घुड़दौड़ की प्रतियोगिता का प्रमुख दृश्य भी स्टेज पर फिल्माया गया है। यह फिल्म तकनीकि का भरपूर उपयोग करती है। शैली के क्या कहने, प्रकाश-छाया, कैमरे के एंग्ल्स, पल-पल बदलते सेट, परदा, पोशाक, जेवरात,फर्नीचर, स्केटिंग रिंग, एडीटिंग। ओह! क्या नहीं है यहां! सब कुछ इतना चमकता हुआ, इतना आकर्षक है कि दर्शक इन सब में खो जाता है।
यही इस फिल्म की ताकत है और यही इस फिल्म की सीमा भी। ग्रेट एक्ट्रेस कैरा नाइटली के विषय में निर्देशक जो राइट का कहना है कि कैरा नाइटली मजबूत और बहादुर है। उनमें तरह-तरह की भूमिका करने का साहस है। वे आना कैरेनीना की आंतरिक संवेदनाओं-भावनाओं को उभारने में सफ़ल रही हैं।
जो राइट के अनुसार उन्होंने ‘आना केरेनीना’ एक बैले के रूप में बनाया है। लोकेशन पर जा कर शूटिंग न करके जो राशि बची वह निर्देशक ने कपड़ों, सेट डेकोरेशन और कैमरा मूवमेंट तथा कोरियोग्राफ़ी पर दिल खोल कर खर्च की। सेट डेकोरेशन तथा फोटोग्राफ्री के लिए इसे ऑस्कार नामांकन प्राप्त हुए।
जो राइट की जिस एक और फिल्म की चर्चा करना चाहूंगी वह है, ‘द वूमन इन द विन्डो’। 2021 की इस फिल्म में खुले स्थान एवं भीड़ से भयभीत एक स्त्री (एमी एडम्स) न्यूयॉर्क में अकेली रह रही है। वह अपने पड़ोसी की जासूसी करने लगती है और एक बहुत बेचैन करने वाला अत्याचार की साक्षी बनती है। क्या सच में अत्याचार हुआ अथवा यह उस स्त्री की कल्पना मात्र है।
फिल्म देखते हुए हिचकॉक की ‘रियर विन्डो’ की याद आनी स्वाभाविक है। परफिल्म देखें और स्वयं तय करें कि यथार्थ क्या है। पौने दो घंटे से कम अवधि की यह फिल्म भी साहित्य पर आधारित है। 2018 में ए.जे. फिन का उपन्यास बेस्ट-सेलर था। हालांकि ‘आना कैरेनीना‘,‘एटोनमेंट’ या ‘प्राइड एंड प्रिज्यूडीज’ से इसकी तुलना नहीं हो सकती है।
जो राइट स्वयं को पैदाइशी सिने-निर्देशक मानते हैं और बहुत भाग्यशाली भी मानते हैं। आशा है शीघ्र हमें उनसे औरफिल्में प्राप्त होंगी।
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