फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   history of world cinema in hindi, Wim Wenders is a German filmmaker and his movies

विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: विम वेंडर्स- रोड मूवीज का बादशाह

Fri, 01 Sep 2023 03:58 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Fri, 01 Sep 2023 03:58 PM IST
सार

89 पुरस्कार विजेता तथा तीन बार ऑस्कर के लिए नामांकित विम वेंडर्स ने प्रशिक्षण के दौरान कई लघु तथा एक फीचर फिल्म बनाई। उन्हें ख्याति दिलाने वाली उनकी ‘दि अमेरिकन फ्रैंड’ आई। इस फिल्म ने डेनिस होपर को अंतरराष्ट्रीय सिने-फलक पर स्थापित कर दिया।

विज्ञापन
history of world cinema in hindi, Wim Wenders is a German filmmaker and his movies
wim wenders - फोटो : Twitter

विस्तार

विम वेंडर्स की फिल्म पहली बार मैंने एक फिल्म फेस्टिवल में बहुत पहले देखी थी। अधिक तो कुछ याद नहीं, बस इतना याद है कि कैमरा लोगों के पैर की ऊंचाई पर है और पूरी फिल्म इसी कोण से फिल्माई गई है। फिल्म का नाम याद नहीं, हां, यह याद रहा कि यह फिल्म दूसरी फिल्मों से हट कर थी। बाद में विम वेंडर्स की कई अन्य फिल्में देखीं। वे लोकेशन पर फिल्मांकन तथा रोड मूवीज के लिए जाने जाते हैं।

विज्ञापन


निर्देशक, प्रोड्यूसर, लेखक 14 अगस्त 1945 को जर्मनी में जन्मे विम वेंडर्स के जन्म का नाम अर्नेस्ट विल्हेम वेंडर्स है। विम उनका पुकारू नाम है। पहले वे चिकित्सक बनना चाहते थे पर बाद में फिलॉसफी पढ़ने लगे लेकिन जल्द ही पढ़ाई छोड़ दी और चित्रकार बनने के ख्याल से पेरिस आ गए। पर असली प्यार फिल्मों से हुआ हालांकि उन्हें फ्रेंच नेशनल फिल्म स्कूल में प्रवेश नहीं मिला।
विज्ञापन


वे फिल्म देखते और उत्कीर्णक (एन्ग्रेवर) का काम करते, फिर 1967 में पश्चिमी जर्मनी लौट आए। फिर उन्होंने म्युनिख की यूनिवर्सिटी ऑफ टेलिविजन एंड फिल्म में पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ वे अखबार केलिए फिल्म समीक्षा करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


89 पुरस्कार विजेता तथा तीन बार ऑस्कर के लिए नामांकित विम वेंडर्स ने प्रशिक्षण के दौरान कई लघु तथा एक फीचर फिल्म बनाई। उनकी इस फीचर फिल्म का नाम ‘समर इन द सिटी’ (1971) है। करीब दो घंटे की इस फिल्म में जेल से निकले एक आदमी का नए यथार्थ से परिचय होता है। इस फिल्म का लेखन उन्होंने खुद किया और इसे प्रड्यूस करने के साथ-साथ इसमें अभिनय भी किया है, पर उनका नाम क्रेडिट में नहीं आता है।

जर्मनी में इस समय जर्मन न्यू वेव चल रहा था और विम वेंडर्स इसका एक प्रमुख हिस्सा थे। उनकी अगली फिल्मों से उन्हें प्रसिद्धि मिलनी प्रारंभ हो गई। अगली फिल्म उन्होंने पीटर हैंडके के उपन्यास ‘द गोली’ज एन्जायटी एट द पेनाल्टी किक’ पर बनाई। ये वही नाटककार, उपन्यासकार, कवि, लेखक, सिने-निर्देशक पीटर हैंडके हैं, जिन्हें 2019 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

पीटर हैंडके भी फिल्म बनाने से जुड़े हुए थे उन्होंने विम वेंडर्स के साथ मिलकर कई फिल्मों के स्क्रीनप्ले लिखे जिनका विम वेंडर्स ने निर्देशन किया। ‘द गोली’ज एन्जायटी एट द पेनाल्टी किक’ का स्क्रीनप्ले भी दोनों ने मिल कर लिखा।

1972 की इस करीब पौने दो घंटे की फिल्म में गोलकीपर जोसेफ ब्लोच गलत चाल के कारण खेल से बाहर कर दिया जाता है, फिर गुस्से और कुंठा से भरा यह व्यक्ति क्या करता है यही इस फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म को वेनिस फिल्म समारोह में पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

history of world cinema in hindi, Wim Wenders is a German filmmaker and his movies
विम वेंडर्स की फिल्में - फोटो : Istock

‘विंग्स ऑफ डिजायर’ भी दोनों ने संग मिल कर लिखी। दो घंटे से कुछ ऊपर की इस ड्रामा, रोमांस, फैंटसी फिल्म में एक देवदूत ऊपर से बर्लिन के लोगों के क्रियाकलापों को देखता है। इसी बीच उसे एक मनुष्य से प्यार हो जाता है और वह शारीरिक अस्तित्व और उससे जुड़ी खुशियों के लिए लालायित हो उठता है। इस फिल्म को कई पुरस्कार प्राप्त हुए।

इसके पहले उन्होंने कई अन्य फिल्में निर्देशित की। 1974 में उनकी फिल्म ‘एलिस इन द सिटीज’ आई और एक बार फिर से विम वेंडर्स के नाम की धूम मच गई। करीब दो घंटे की इस फिल्म में एक जर्मन फोटो-पत्रकार न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर एक नौ साल की बच्ची की हिप्पी मां से मिलकर बहुत दु:खी और उदास है। स्त्री ने जानबूझ कर बच्ची उस पर थोप दी है।

लड़की की ग्रैंडमदर को खोजने के चक्कर में वह बच्ची का कृत्रिम पिता बन बैठता है। इसे जर्मन फिल्म क्रिटिक्स एसोशियेशन का पुरस्कार मिला। इस रोड मूवी ने विम वेंडर्स को न्यू वेव सिनेमा के लीडर के रूप में स्थापित कर दिया। इस फिल्म को भी उनके प्रिय सिनेमाटोग्राफर रोबी मुलर ने फिल्माया है। एलिस के रूप में येला रोटलैंडर दर्शकों को याद रह जाती है।


छह पुरस्कारों वाली फिल्म ‘रॉन्ग मूव’

अगले साल विम वेंडर्स ने अपनी रोड मूवी त्रयी की फिल्म ‘रॉन्ग मूव’ बनाई। पौने दो घंटे की इस फिल्म को छह पुरस्कार प्राप्त हुए। एक युवा कलाकार रोड ट्रिप पर निकलता है और रास्ते में कई अन्य कलाकारों से मिलता है। सबके-सब क्रोध तथा चिंता से भरे हुए हैं और वे ग्रामीण जर्मनी की दुर्दशा से दु:खी हैं। किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, कलात्मक सब दृष्टि से गलत चाल हुई है। फिल्म का कुरूप, निष्ठुर रूप दर्शकों को अपनी गिरफ्त में ले लेता है।

रोड मूवी त्रयी की तीसरी फिल्म है, ‘किंग्स ऑफ रोड’। जगह-जगह जाकर फिल्म प्रोजेक्टर की मरम्मत करने वाला कारीगर एक अवसादग्रस्त मनोवैज्ञानिक की जान बचाता है। मनोवैज्ञानिक अपनी कार लेकर नदी में उतर गया था, क्योंकि उसकी शादी टूट गई है। दोनों किरदार अपने-अपने अतीत से बचना चाह रहे हैं। फिर दोनों की रोड यात्रा प्रारंभ होती है।

करीब तीन घंटे की इस फिल्म में दोनों की दोस्ती होती है और दोनों जर्मनी के तमाम ग्रामीण क्षेत्र के मूवी थियेटर में जाते हैं। देश अभी भी युद्ध की तबाही में डूबा हुआ है। इस फिल्म का खूबसूरत फिल्मांकन विम वेंडर्स के प्रिय सिनेमाटोग्राफर रोबी मुलर ने ही किया है।


फिल्म ‘दि अमेरिकन फ्रेंड

अगले साल उन्हें ख्याति दिलाने वाली उनकी एक और फिल्म ‘दि अमेरिकन फ्रैंड’ आई। इसमें डेनिस होपर ने काम किया है। इस फिल्म ने डेनिस होपर को अंतरराष्ट्रीय सिने-फलक पर स्थापित कर दिया, होपर को कान समारोह में पाम ड’ओर के लिए नामित किया गया। अमेरिका के फिल्म को नेशनल बोर्ड ऑफ रिव्यू ने सर्वोत्तम विदेशी फिल्म के रूप में इंगित किया।

हमारे यहां सिने-ज्यूरी को लेकर तमाम तरह की बातें होती रहती हैं। यहां विम वेंडर की कही एक बात जानना रोचक होगा, इससे पता चलता है कि ज्यूरी को कभी-कभी किन दबावों के बीच काम करना पड़ता है। वे बताते हैं कि वे एक बार कान फिल्म समारोह की ज्यूरी में थे और स्पाइक ली की फिल्म को पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया। विम वेंडर्स को उन्होंने धमकी दी कि वे बेसबॉल लेकर उनका इंतजार कर रहे हैं।

वेंडर्स का कहना था कि उन्हें बेसबॉल लेकर केवल उनका नहीं पूरी ज्यूरी का इंतजार करना चाहिए था क्योंकि पुरस्कार का निर्णय उनका नहीं सभी का सम्मिलित निर्णय था। वैसे वेंडर के अनुसार स्पाइक ली की फिल्म ‘स्कूल डेज’ बुरी फिल्म नहीं थी, बस ली का भाग्य उस साल खराब था।

अभी भी सक्रिय विम वेंडर्स की फिल्म ‘पेरिस, टेक्सस’ को सर्वोत्तम निर्देशन का बाफ्टा फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ। यहां भी एक आदमी निरुद्देश्य भटक रहा है।




-----------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): 
यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed