फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   history of world cinema, Citizen Kane an American drama film

विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: सिटिजन केन- एक युवा की प्रौढ़ रचना

Mon, 13 Feb 2023 04:14 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Mon, 13 Feb 2023 04:14 PM IST
सार

‘सिटिजन केन’ फिल्म की शुरुआत और अंत दोनों एक ही दृश्य से होती है। तार से घिरे जानाडू के बाहर लटका क्लोजअप में ‘प्रवेश निषिद्ध है’ (नो ट्रेसपासिंग) का साइनबोर्ड। जानाडू जो चार्ल्स फोस्टर केन का विशाल महल और परिसर है और अंत में उसकी शरण स्थली भी। यह एक रूपक है, रूपक जो दिखाता है कि कैसे केन स्वयं को दूसरों से अलग करता जाता है, भावात्मक रूप से अंत में कोई भी उसके साथ नहीं है।

विज्ञापन
history of world cinema, Citizen Kane an American drama film
सिटिजन केन 1941 - फोटो : Twitter

विस्तार

‘अगर मेरी एक हॉबी होती तो मैं तत्काल उससे पैसे बनाता या उसे त्याग देता।’  एक साक्षात्कार में यह कहने वाले एक छोटे नए लड़के को इतना अधिकार मिलना कई लोगों को हजम नहीं हुआ। यहां तक कि करार करने वाली कंपनी आर.के.ओ. के कई पदाधिकारी भी इस बात से खफा थे और उन्होंने अड़चन डालने में कोई कोताही नहीं की। वे उसके खिलाफ मोर्चा खोल कर बैठ गए। हॉलीवुड के कुलीनों के बीच वह बाहरी और अजनबी था, वे उससे अछूत की तरह व्यवहार करते।

विज्ञापन


तीन फिल्म बनाने की बात हुई थी लेकिन दो ठंडे बस्ते में चली गई और ऑर्सन वेल्स ने बनाई केवल ‘सिटिजन केन’। जिसके विषय में प्रसिद्ध आलोचक और फिल्म सिद्धांतकार आंद्रे बाजां का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं, यदि उसने केवल दो फिल्में, ‘सिटिजन केन’ और ‘द मैग्नीफिसेंट एम्बरसन्स’ बनाई होती तो भी सिनेमा के  इतिहास में ऑर्सन वेल्स की प्रमुख स्थिति होती। इसका यह मतलब नहीं है कि उसकी बाद की फिल्मों का महत्व कम है। वेल्स सिनेमा में जो ले कर आया उसका निचोड़ उसकी इन दो पहली फिल्मों में है। उसकी फिल्मों में ये दो फिल्में एक बड़ा दृश्य रचती हैं, जिनका साथ-साथ अध्ययन किया जाना आवश्यक है।

विज्ञापन

ओर्सन वेल्स के लिए चुनौतियां

मात्र 26 साल के युवा ओर्सन वेल्स ने चार्ल्स फोस्टर केन के नाम से विलियम रैन्डोल्फ हिर्स्ट को परदे पर उतार दिया था। हिर्स्ट और अपने जीवन के अलावा वेल्स ने इस फिल्म में कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की घटनाओं को जोड़ा था। उसने इसमें शिकागो के उद्योग पूंजीपतियों यथा सैमुअल इन्सल और हेरॉल्ड मैक्कोर्मिक के जीवन के कुछ हिस्से भी शामिल किए थे। केन की भूमिका में वह खुद था।

विज्ञापन
विज्ञापन


अभी फिल्म बन ही रही थी कि शक्तिशाली हिर्स्ट ने एक तरह से आदेश जारी कर दिया कि कोई अखबार इस फिल्म पर कुछ नहीं लिखेगा, इसके विज्ञापन नहीं प्रकाशित करेगा। और ऐसा ही हुआ भी, फिल्म रिलीज होने पर सब कुछ बड़ा ठंडा-ठंडा रहा। इतना ही नहीं हिर्स्ट ने तो फिल्म को जला कर नष्ट कर डालने का भी प्रयास किया था और इस काम के लिए बाकायदा लोगों को सुपारी दी थी। उसने वेल्स को कम्युनिस्ट और समलैंगी के रूप में प्रचारित करके बदनाम किया।

हिर्स्ट का प्रभाव था कि नौ श्रेणियों में नामित होने के बावजूद इस फिल्म को मात्र एक अकादमी पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार मूल कथा लेखन के लिए हर्मन जे. मैनकिविक्ज और ऑर्सन वेल्स को संयुक्त रूप से मिला। इतने अड़ंगे डाल कर भी हिर्स्ट ‘सिटिजन केन’ को अमर होने से न रोक सका। वेल्स ने छाया के संयोजन, संगीत, सेट, ड्रेस, कलाकारों के चुनाव, कैमरा एंगल्स, अभिनय के बेहतरीन चुनाव से एक कालजयी फिल्म का निर्माण किया है। आज ‘सिटीज़न केन’ के अध्ययन के बिना कोई सिने-पाठ्यक्रम पूरा नहीं होता है।

फिल्म की पटकथा

फिल्म दिखाती है कि केन के जीवन की शुरुआत समाज सेवा करते हुए प्रकाशन की दुनिया में प्रवेश से होती है। शीघ्र ही वह अपनी शक्ति का दुरुपयोग क्रूर और हिंसक तरीके से करने लगता है। फिल्म की पूरी कहानी मुख्यरूप से फ्लैशबैक में चलती है और यह जेरी थॉम्पसन रिपोर्टर की खोज की कहानी है। मरते समय बूढ़ा चार्ल्स फोस्टर केन एक शब्द कहता है, ‘रोजबड’। रिपोर्टर इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए तमाम लोगों से मिलता है और एक-एक कर केन के जीवन के विभिन्न पक्ष सामने आते जाते हैं।

पूरी फिल्म में केन के जीवन से जुड़ा कोई व्यक्ति ‘रोजबड’ की गुत्थी न सुलझा सका। लेकिन दर्शक देखता है कि रोजबड उस फिसलपट्टी (स्लेज) का नाम है जिस पर बचपन में चार्ल्स बैठा था और फिल्म के अंत की ओर केन की संपत्ति का लेखाजोखा करने के बाद बेकार के सामानों के साथ यह स्लेज भी जला दी जाती है। वेल्स ने इसके द्वारा एक रूपक रचा है। सब कुछ नश्वर है, अंत में कुछ नहीं बचता है। आदमी खाली हाथ जाता है।

फिल्म केन को एक उग्र, धनी, शक्ति और प्रशंसा के लिए पागल व्यक्ति के रूप में चित्रित करती है। शायद अधिकांश सेल्फमेड व्यक्ति ऐसे ही अहंकारी होते हैं, इसी कारण अकेले भी। रोशनी, कैमरा और एक्शन हट जाता है। चकाचौंध, चमक और ठाठबाट उठ जाता है। स्क्रिप्ट, वेशभूषा और मेकअप उतर जाता है। फिल्म-मेकिंग अपने केंद्र में असल में कहन की शैली है। वेल्स प्रथम श्रेणी का कहानी कहने वाला, एक किस्सागो था।

history of world cinema, Citizen Kane an American drama film
सिटिजन केन फिल्म का दृश्य - फोटो : Twitter

‘सिटिजन केन’ फिल्म की शुरुआत और अंत दोनों एक ही दृश्य से होती है। तार से घिरे जानाडू के बाहर लटका क्लोजअप में ‘प्रवेश निषिद्ध है’ (नो ट्रेसपासिंग) का साइनबोर्ड। जानाडू जो चार्ल्स फोस्टर केन का विशाल महल और परिसर है और अंत में उसकी शरण स्थली भी। यह एक रूपक है, रूपक जो दिखाता है कि कैसे केन स्वयं को दूसरों से अलग करता जाता है, भावात्मक रूप से अंत में कोई भी उसके साथ नहीं है।

केन अमेरिका के राष्ट्रपति की भतीजी एमिली नोर्टन से विवाह करता है, विवाह जो कुछ सालों के लिए ही रहता है। इन कुछ सालों में बहुत कुछ बदलता है, दोनों के रिश्तों की पूरी कहानी का फिल्मांकन अपनी विशेषता के लिए सिनेमा के इतिहास में दर्ज है। गजब का मोंटेज है। दोनों ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठे हैं, वक्त के साथ उनका रूप-रंग, व्यवहार, भाषा-बोली-बानी सब बदलती जाती है। बड़ी तेजी से सब घटित होता है। मेकअप मैन मॉरिस सैडरमैन के मेकअप का कमाल है कि बारह-सोलह साल के लंबे समय को हर दो साल के एक शॉट में समेटा गया है।


एक दिन में ही पूरे दृश्य का फिल्मांकन

इस पूरे दृश्य का फिल्मांकन मात्र एक दिन में हुआ था। आसान नहीं है हर दो साल में हुए व्यक्तित्व और वेशभूषा को भिन्न रूप में दर्शाना। हर बार दोनों पात्रों का मेकअप और ड्रेस बदल जाता है, लोकेशन वही डायनिंग टेबल रहता है। समय और स्थान को संपादन की कुशलता से साधा गया है। पूरा दृश्य केवल दो मिनट में समेटा गया है। यही दृश्य ऑफीशियली शूटिंग का पहला दृश्य था। 

वेल्स सहित फिल्म के कई अभिनेता युवा थे लेकिन फिल्म की कहानी के अनुसार उनकी उम्र बढ़ती जाती है, वे बुढ़ापे तक कहानी का अंग हैं। युवाओं को कुशल मेकअप के सहारे वृद्ध बनाने  का जटिल और कठिन काम मॉरिस सैडरमैन ने किया है। युवा और वृद्ध केन की भूमिका के लिए 25 साल के वेल्स को घंटों भारी-भरकम मेकअप करवाना पड़ता और काफी समय उसमें रहना पड़ता था। उन दिनों युवा अभिनेताओं को वृद्ध बनाते समय उनकी आंख की चमक कम करने के लिए लेंस का प्रयोग किया जाता था, जिसे लगाए रखना आसान न था।  वेल्स आधी रात से मेकअप के लिए उपस्थित हो जाता था। फिर गई शाम तक काम करता रहता।

लगातार ‘साइट एंड साउंड’ के पांच साल के पोल में ‘सिटिजन केन’ महान फिल्म की श्रेणी में रही।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed