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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: एग्नेस वार्डा- न्यू वेव सिनेमा की पुरोधा

Sat, 15 Jul 2023 12:45 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Sat, 15 Jul 2023 12:45 PM IST
सार

एग्नेस वार्डा को अब तक कुल 73 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इन्होंने फीचर फिल्मों के साथ ही खूब सारी लघु तथा डॉक्यूमेंट्री बनाई हैं। 2017 की फिल्म ‘फेसेस प्लेसेस’ इनकी सर्वोत्तम डॉक्यूमेंट्री है।

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एग्नेस वार्डा, फ्रांस की फिल्म निर्देशक - फोटो : Twitter

विस्तार

एग्नेस वार्डा फ्रांस से आती हैं, जहां संस्कृति और स्वतंत्र रचनात्मकता की एक लम्बी परम्परा रही है। जहां स्त्रियां निरंतर सृजनात्मकता से जुड़ी रहीं हैं। महिला फिल्म निर्देशकों के लिए फ्रांस एक उपजाऊ देश रहा है। वार्डा ने अपने फिल्म निर्देशन की शुरुआत पचास के दशक में चली न्यू वेव के साथ की। न्यू वेव सिनेमा की ग्रैंडमदर मानी जानी वाली एग्नेस वार्डा का जन्म 30 मई 1928 को बेल्जियम में हुआ। जन्म के समय इन्हें एर्लेट वार्डा नाम दिया गया था। इनके पिता यूजीन जीन एक इंजीनियर थे और माता का नाम क्रिस्टीन पास्केट वार्डा था। जब वे 18 साल की हुई उन्होंने खुद अपना नाम कानूनन बदल कर एर्लेट से एग्नेस वार्डा कर लिया। 1962 में एग्नेस वार्डा ने जैक डेमी से शादी की, जैक की अक्टूबर 1990 में मृत्यु हुई। इनकी मेथ्यु डेमी संतान है।

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फोटोग्राफी का अध्ययन करने के बाद उन्होंने दस साल तक फोटोग्राफर के रूप में पेरिस की एक थियेटर कम्पनी में काम किया। यहीं से उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘ला पोंटी कोर्ट’ के अभिनेता मिले। इसमें इन्होंने जिस स्थान पर शूटिंग की वहीं के मछुआरों को अपनी फिल्म में लिया। यह फिल्म आठ सालों में बनी, इस बीच ये फोटोग्राफर का काम करने के साथ-साथ कई लघु और प्रयोगात्मक फिल्में भी बनाती रहीं। एग्नेस वार्डा ने नारीवादी थीम को खोजते हुए डॉक्यूमेंट्री को अपना माध्यम बनाया। 
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उनके फ्रेंच न्यू वेव सिनेमा से जुड़े दोस्तों की तरह न तो वे सिनेमा मैगजीन से जुड़ी थीं और न ही वे सिनेमा देखने के पीछे उन लोगों की तरह पागल थीं। उन्होंने पचास के मध्य तक (जब वे फिल्म बनाने लगीं तब तक) उनके अनुसार उन्होंने मुश्किल से दस फिल्में देखी थीं। जबकि उनके दोस्त एक दिन में कई-कई फिल्म देख डालते थे।
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कम फिल्में देखने के फायदे को लेकर वे बताती हैं कि कम फिल्म देखने के कारण वे इस विषय में अनुभवहीन थीं इसीलिए उन्हें फिल्म में प्रयोग करने का साहस मिला और उन्होंने मनमाफिक फिल्में बनाई। इसके बावजूद उन्हें न्यू वेव का पूर्वज कहा जाता था, यह भी उस समय जब वे केवल तीस साल की युवा थीं।


चर्चित फिल्म ‘क्लेओ फ्रॉम 5 टू 7’

वे 1962 में फीचर लेंथ फिल्म की ओर लौटी और ‘क्लेओ फ्रॉम 5 टू 7’ बनाई। इस कॉमेडी, ड्रामा, म्युजिकल फिल्म में एक युवा गायिका, स्वास्थ्य के प्रति अतिचिंतित स्त्री अपने कैंसर टेस्ट की मेडिकल रिपोर्ट जानने के लिए अपने डॉक्टर का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इस फिल्म को देखते हुए ऋतुपर्ण घोष की फिल्म ‘असुख’ यदि आपने देखी है, का स्मरण हो आना स्वाभाविक है। डेढ़ घंटे की फिल्म ‘क्लेओ फ्रॉम 5 टू 7’ का मूल शीर्षक ‘क्लेओ डे 5 टू 7’ था।

इस फिल्म का लेखन तथा निर्देशन दोनों एग्नेस वार्डा ने किया है। इसमें कोरीन मैरचांड, एन्टोइन बौर्सेलर, डोमनिक डैवरे ने भूमिकाएं की हैं और इसे फ्रेंच सिन्डिकेट ऑफ क्रिटिक का 1963 का सर्वोत्तम फिल्म का पुरस्कार प्राप्त हुआ। विडंबना है कि खुद एग्नेस वार्डा 29 मार्च 2019 को कैंसर से जूझती हुई गुजरीं। उनकी मृत्यु फ्रांस के पेरिस में हुई।

चार्ल्स डिकेंस के काम पर एग्नेस वार्डा ने 1965 में एक लघु फिल्म ‘क्रिसमस कैरोल’ बनाई। पैसों के अभाव में यह पूरी करना मुश्किल था। मगर इस दस मिनट की फिल्म को नब्बे के दशक के अंत में दिखाया गया।  उनकी अगली फिल्म ‘हैप्पीनेस’ एक प्रयोगात्मक चित्रात्मक फिल्म थी जिसे कई पुरस्कार मिले।

इन्होंने  वियतनाम में अमेरिकी उपस्थिति की आलोचना करते हुए ‘फार फ्रॉम वियतनाम’ फिल्म तथा ‘ब्लैक पैंथर’ नाम से इस संगठन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई। ‘ब्लैक पैंथर’ के लिए पुरस्कार मिला। ‘लॉयन्स लव’ इनकी इंग्लिश भाषा में बनने वाली पहली थी। इसे इन्होंने 1969 में पूरा किया, इसे मिश्रित समीक्षा मिली। 

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1962 की फीचर लेंथ फिल्म ‘क्लेओ फ्रॉम 5 टू 7’ - फोटो : Twitter

नारीवादी फिल्म- ‘वन सिन्ग्स, दि अदर डजंट’

1977 में बनी ‘वन सिन्ग्स, दि अदर डजंट’ उनकी एक प्रमुख नारीवादी फिल्म है। इस फिल्म में गाने की इच्छुक एक लड़की पॉम (पौलीन) तथा संघर्ष करती, दो बच्चों की मां सुज़ैन के जीवन को दिखाया गया है। 22 साल की सुजैन बिन ब्याही मां है और अब तीसरी बार गर्भवती है। यह फिल्म फ्रांस में चल रहे नारी आंदोलन की पृष्ठभूमि में बनाई गई है। यह स्त्रियों के गर्भाधान के अधिकार की बात करती है। दो घंटे की इस फिल्म में पंद्रह साल तक दो स्त्रियां बचे रहने के लिए संघर्ष करती हैं।

पौलीन ने 17 साल की उम्र में माता-पिता और स्कूल से छुटकारा पा कर घुमक्कड़ स्ट्रीट सिंगर बनना तय किया है। वह गाती है, ‘टेक द रोड अज इट कम्स/इंवेंट एवेरीथिंग फ्रॉम ए टूजेड/ एंड डोन्ट बी अफ्रेड’। गर्भपात के सामने उसका गाना नारी आंदोलन का अहं हिस्सा बन जाता है जब वह गाती है, ‘बॉयलॉजी’ज नॉट फेट/द डॉक’स लॉज आर आउट ऑफ डेट/माई बॉडी इस माइन’। यह फिल्म स्त्रियों के बहनापा की धारणा को मजबूत करती है। इस फिल्म को इसकी विषय वस्तु और तकनीकी के लिए सराया गया। इसके लिए उन्हें एक पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

1986 में इनकी निर्देशित फिल्म ‘विद आउट रूफ ओर लॉ’ को भी खूब सराहना मिली। यह अमेरिका में ‘वेगाबॉन्ड’ नाम से रिलीज हुई। इसमें एक किशोरी फ्रांस के ग्रामीण क्षेत्र में घूम रही है, उसी की भावनाओं और सामाजिक समस्याओं का इसमें चित्रण है। असल में एक युवा स्त्री का शरीर खड्ड में जमा हुआ मिलता है। फिल्म फ्लैशबैक तकनीक का प्रयोग करते हुए साथ ही साक्षात्कारों द्वारा उसकी अप्रत्याशित मौत का रहस्य खोलती है। इस पौने दो घंटे की फिल्म को आठ पुरस्कार प्राप्त हुए थे। इसमें सैन्ड्रीन बोनैयर, माचा मेरिल ने भूमिकाएं की हैं।


73 पुरस्कार हैं इनके नाम

1991 में उन्होंने युवाओं पर एक राजनैतिक शॉर्ट फिल्म, ‘जेको डे नैन्टेस’ बनाई। एग्नेस वार्डा को अब तक कुल 73 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इन्होंने फीचर फिल्मों के साथ ही खूब सारी लघु तथा डॉक्यूमेंट्री बनाई हैं।

2017 की फिल्म ‘फेसेस प्लेसेस’ इनकी सर्वोत्तम डॉक्यूमेंट्री है, इसमें वे तथा उनके सह-निर्देशक, 30 साल के फोटोग्राफर, स्ट्रीट आर्टिस्ट जेआर फ्रांस के ग्रामीण में भ्रमण करते हैं, दोनों की दोस्ती अनमेल दोस्ती का उदाहरण है। दोनों मिलकर स्थानीय लोगों का ‘लार्जर दैन लाइफ’ चित्रण करते हैं। इसके लिए इन्हें ऑस्कर नामांकन मिला।

एक साल बाद 2018 में अमेरिका की अकादमी ने इन्हें ऑननरी अवॉर्ड दिया। 2020 में इन्हें ऑस्टीन फिल्म क्रिटिक एसोशिएशन का स्पेशल ऑननरी अवॉर्ड प्रदान किया गया। वे पीढ़ियों के लिए प्रेरक फिल्ममेकर रही हैं। आगे भी वे फिल्म बनाने वालों को राह दिखाने में सक्षम हैं।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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