जरूरी सबक: वरिष्ठ नागरिक बच्चों को भी बताएं वित्तीय प्रबंधन; डिजिटल इस्तेमाल और बजट बनाने में भी मदद करें
लोग आमतौर पर बच्चों के साथ वित्तीय प्रबंधन या पैसों के बारे में कम बातचीत करते हैं। लेकिन, आपको इससे बचना चाहिए। बच्चों को पैसे के बारे में सिखाने से उन्हें बड़े होने पर वित्तीय प्रबंधन में मदद मिलती है। अगर उन्हें बचपन में ही आर्थिक रूप से कुछ शिक्षा दी जाए तो यह उनके लिए महत्वपूर्ण सीख होगी।
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विस्तार
जब आप अपने बच्चों को साल-दर-साल बढ़ते हुए देखते हैं तो आपको एहसास होता है कि स्कूल में या कॉलेज में आपको कभी भी व्यक्तिगत रूप से पैसों के प्रबंधन की शिक्षा नहीं दी गई। लोग अक्सर इस बात पर पछताते हैं कि उनके पास स्कूल में कोई ऐसा पाठ्यक्रम नहीं था, जो उन्हें अपने पैसों को संभालना सिखाता हो। आर्थिक प्रबंधन की सीख लेकर जब आप बड़े होते हैं तो यह आपके लिए लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होता है और जीवन में समझदारी भरे वित्तीय निर्णय लेने में मदद करता है। अधिकांश लोग जब बड़े होते हैं तो अपने पर्सनल फाइनेंस को संभालने में गलती कर सीखते हैं। अगर उन्हें बचपन से ही पैसों के प्रबंधन के बारे में नहीं बताया गया है तो इसकी आशंका और बढ़ जाती है।
पैसे के बेहतर उपयोग के बारे में जरूर बताएं
प्राइमरी और मिडल स्कूल के गणित में बच्चों को लाभ और हानि, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज के बारे में तो पढ़ाया जाता है, लेकिन उनका अपने पैसों के साथ कैसे उपयोग करना चाहिए, इसके बारे में कहीं कोई चर्चा ही नहीं होती है। कई शहरी परिवारों ने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए पॉकेट मनी की अवधारणा को अपनाया है। यह एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन, इसमें शायद ही कभी स्पष्ट तरीके से बताए जाते हैं कि उन पैसों का क्या करना है और क्या नहीं। बच्चों को पैसे की खर्च करने की क्षमता से परिचित कराना बुरा नहीं है। लेकिन, बच्चों को यह समझाने की जरूरत है कि वे किस पर खर्च कर रहे हैं और क्या वे वास्तव में साथियों के दबाव के कारण खर्च कर रहे हैं या सिर्फ इसलिए कि उनके पास पैसे हैं। एक स्मार्ट तरीका यह होगा कि उनसे किसी ऐसी चीज के बारे में बात करें जो वे वास्तव में चाहते हैं लेकिन उनकी जेब खर्च से वह नहीं मिल सकती। उन्हें अपना सबसे अच्छा बचत विकल्प तय करने में मदद करें। फिर उन्हें प्रेरित रखने के लिए प्रोग्रेस चार्ट बनाएं। जब वे अपने लक्ष्य तक पहुंचें तो उनकी तारीफ करना न भूलें।
बच्चों को ऐसे दें सीख
- पैसे से जुड़े फैसले लेने वाली बातचीत जोर से करें, ताकि बच्चे आपकी बात सुन सकें। उदाहरण के लिए, आपने ऑनलाइन ऑर्डर करने के बजाय स्थानीय सब्जी मंडी से खरीदारी क्यों चुनी।
- खरीद कीमतों की तुलना जोर से बोलकर करें या दुकानों में किराने के सामान के सेक्शन में उत्पादों की अलग-अलग कीमतें बताने को कहें।
- उनसे खरीदारी का सामान लेने के बाद पैसे देने को कहें। उनके सामने रसीद की जांच करें।
- उनसे पूछें कि उन्होंने आपको पैसे का लेनदेन करते कैसे देखा और उन्हें क्यों लगता है कि आपने वित्तीय लेनदेन खास तरीकों से किया।
निवेश के लिए करें प्रोत्साहित
बच्चे जब कुछ पैसे बचा लेते हैं, तो उनसे निवेश के बारे में बात करें। इसे चक्रवृद्धि ब्याज जैसे लाभ और हानि के सबक से जोड़ सकते हैं। इस तरह, पैसे पर ओनरशिप की भावना जागृत होने के साथ आपका बच्चा बचत पर शोध करने और उसे प्रबंधित करने का महत्व सीख सकता है। गर्मियों में काम करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें। सुनिश्चित करें कि बच्चा अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बचाए।
समय-समय पर अलाउंस देकर समझाएं पैसे का मूल्य
समय-समय पर थोड़े से अलाउंस देकर उन्हें पैसे की कीमत का परिचय कराएं। यह उन्हें कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने या किसी प्रतियोगिता में भाग लेने और मौद्रिक पुरस्कार प्राप्त करने के तरीके से हो सकता है। अलाउंस पाने से बच्चों को पैसे की कीमत और खुद के लिए विकल्प चुनने का परिचय मिलता है। बच्चे जब पैसे कमाते हैं तो अलग तरीके से खर्च करते हैं। जब उन्हें पैसे दिए जाते हैं तो अलग तरीके से खर्च करते हैं। बचत पर जोर दें क्योंकि यह पैसा सिर्फ खर्च करने के बारे में नहीं है।
डिजिटल इस्तेमाल की दें मंजूरी
जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं, आप उन्हें चेक के साथ क्रेडिट कार्ड दे सकते हैं या उन्हें डिजिटल पैसे का उपयोग करने की अनुमति दे सकते हैं। इसकी निगरानी आप स्वयं करें। वे क्रेडिट की अवधारणा को समझेंगे और समय पर इसका भुगतान करने के बारे में जानेंगे। जब बच्चे कॉलेज के बाद अपनी पहली नौकरी करें तो उन्हें उनके वेतन और अनुमानित खर्चों के आधार पर बजट बनाने में मदद करें।