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द साइकोलॉजी ऑफ मनी: धन के दीवानो...किस्मत और जोखिम सगे भाई-बहन हैं

Sun, 12 Nov 2023 07:10 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Sun, 12 Nov 2023 07:10 AM IST
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Diwali Prosperity and The Psychology of Money
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

बरसों से वित्तीय मामलों पर लिखने वाले मशहूर मॉर्गन हाउसेल अपनी बेस्टसेलर किताब 'द साइकोलॉजी ऑफ मनी' में कहते हैं, हम भावुक इंसान हैं, हम मार्केटिंग वाली 'रिटर्न ऑन इनवेस्टमेंट' मशीन नहीं। हम वित्तीय विश्लेषण के भारी-भरकम सिद्धांतों और तरकीबों से नहीं अपने आग्रहों, कमजोरियों, इच्छाओं और संयोगों से अपनी संभावनाएं रचते हैं। पैसों को लेकर 18 ऐसी चीजें उन्होंने खोजी हैं, जो पैसों को लेकर हमारा मनोविज्ञान बनाती हैं।

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दीपावली पर उनकी किताब से कुछ शानदार सूक्तियां:

  • आपके ईगो और कमाई के बीच जो फर्क है, उसका नाम बचत है।
  • कुछ ऐसे घरों में पैदा होते हैं, जहां पढ़ने-लिखने पर जोर होता है, कुछ जगह स्थिति इसके उलट होती है। कुछ युद्ध और गरीबी के बीच पैदा होते हैं। चाहे जहां हों, मैं चाहता हूं कि आप कामयाब हों, मगर इतना याद रखें-तमाम कामयाबियां मेहनत का फल नहीं होतीं, न ही तमाम समृद्धियां ठाले बैठे रहने से उपजती हैं। जब भी आप खुद को और दूसरों को 'जज' करें, तो यह दिमाग में रखकर चलें।
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  • धन का सबसे बड़ा आंतरिक मूल्य यह है कि यह आपको अपने वक्त को काबू में रखने की ताकत देता है।
  • यह दिखाने के लिए खर्च करना कि आपके पास अथाह पैसा है, पैसा कम होते जाने की गारंटी है।
  • अच्छे फैसले जरूरी नहीं कि हमेशा तर्क की कसौटी पर सही हों।(पर वे अच्छे हैं)
  • अपनी बचत बढ़ाने के सबसे अच्छे तरीकों में एक आमदनी बढ़ाना नहीं, भीतर की मानवीयता बढ़ाना है।
  • पैसे का इस्तेमाल अपने वक्त पर नियंत्रण के लिए करें, क्योंकि यही आपकी खुशी का हिसाब तय करता है। आप कब, क्यों, किसके साथ और किस स्तर तक क्या करना चाहते हैं, इसकी शक्ति तभी मिलेगी। फाइनेंस में यही सबसे बड़ा डिविडेंड यानी लाभांश है।
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  • भद्र बनें और कम दिखावा करें। आपके पास कितनी संपत्ति है, इससे किसी को मतलब नहीं है। आप शायद एक शानदार कार और आकर्षक घड़ी खरीदने के बारे में सोचते होंगे। लेकिन जो चीज आप असल में पाना चाहते हैं, वह सम्मान और प्रशंसा है। यह आप दयालुता और मानवता का परिचय देकर ही पा सकते हैं।
  • आपकी मेहनत अपनी जगह है, लेकिन असल में परिणाम किस्मत और जोखिम पर निर्भर करता है। ये दोनों सगी संतानें हैं। यह दुनिया बहुत जटिल है, जो किसी को सौ फीसदी परिश्रम करने से सौ फीसदी नतीजा हासिल करने नहीं देती।
  • लोगों के कर्ज के बोझ में डूबने के बारे में जानने के लिए यह पता लगाना जरूरी नहीं है कि ब्याज दरें क्या थीं, इसके बजाय उसके लालच, असुरक्षा और उम्मीदों का इतिहास जानना कहीं ज्यादा जरूरी है।
  • हर चीज की कीमत होती है, पर हर कीमत लेबल पर नहीं लिखी होती।
  • किस्मत और जोखिम की इज्जत कीजिए क्योंकि इससे आप अपने यथार्थ लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। आपको अपने आदर्श यानी रोल मॉडल तय करने में भी आसानी होगी।
  • लोगों की संपत्ति के बारे में हमारी राय उन सूचनाओं से बनती है, जो हमारे पास होती हैं, या वह व्यक्ति जैसा रहता-दिखता है, पर हमने उसका बैंक स्टेटमेंट या कर्ज का हिसाब तो नहीं देखा? कपड़े, कार, घर, इंस्टग्राम-आधुनिक पूंजीवाद  लोगों को तब तक फर्जी होना सिखाता है, जब तक कि फर्जी होना ही सबसे लोकप्रिय उद्योग न हो जाए।
  • अमीर होने का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि आप सुबह उठें और कह सकें-'हां, जो मैं करना चाहता हूं, वह कर सकता हूं।
  • सबसे बड़ा वित्तीय कौशल यह है कि, हर बार आप अपना गोल-पोस्ट यानी लक्ष्य-बिंदु बदलना बंद कर दें।  

(द साइकोलॉजी ऑफ मनी को भारत में जैको पब्लिकेशन ने छापा है और मूल संस्करण हरिमन हाउस का है)

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