फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   Dalai Lama won a Grammy Award, an award given to a spiritual leader for music of the soul.

Dalai Lama: 90 साल की उम्र में दलाई लामा ने ग्रैमी जीता, आत्मा के संगीत के लिए एक धर्म गुरु को मिला अवार्ड

Tue, 03 Feb 2026 07:47 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 03 Feb 2026 07:47 AM IST
सार

दलाई लामा को स्टोरीटेलिंग के जरिये शांति व करुणा का संदेश दुनिया भर तक पहुंचाने के लिए 90 वर्ष की उम्र में ग्रैमी मिला है। उनका एल्बम मेडिटेशन्स : द रिफ्लेक्शन्स ऑफ हिज होलिनेस द दलाई लामा  उनकी शिक्षाओं को संगीत से जोड़ता है। आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के इस एल्बम का संगीत प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्रों अमन अली बंगश और अयान अली बंगश द्वारा तैयार और प्रस्तुत किया गया है।

विज्ञापन
Dalai Lama won a Grammy Award, an award given to a spiritual leader for music of the soul.
दलाई लामा को पहला ग्रैमी अवॉर्ड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इस बार चकाचौंध और रोशनी से भरे स्टेज से फिल्म और संगीत के बदलते आधुनिक रूपों में ग्रैमी अवॉर्ड का एलान इसलिए भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि दुनिया के प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हिज होलिनेस दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। 14वें दलाई लामा ने 90 साल की उम्र में अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता है। उन्हें मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शन्स ऑफ हिज होलिनेस द दलाई लामा  एल्बम के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑडियोबुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में पुरस्कार मिला है।

विज्ञापन


90 साल की उम्र में पहला ग्रैमी अवार्ड जीतकर दलाई लामा ने इतिहास रचा है। उनका एल्बम उनकी शिक्षाओं को प्रसिद्ध कलाकारों के संगीत के साथ जोड़ता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दर्शकों तक शांति और करुणा के संदेश को पहुंचाना है। अपनी धार्मिक आस्था और शांति दूत के रूप में दुनिया में प्रसिद्ध दलाई लामा को बौद्ध धर्म के उस नेता के रूप में जाना जाता है, जिसने 21वीं सदी में नए नजरिये और सोच से एक नया समाज रचा है।
विज्ञापन


अपनी प्रतिक्रिया में दलाई लामा ने कहा है कि वे इस पुरस्कार को 'हमारी साझा वैश्विक जिम्मेदारी की मान्यता' के रूप में देखते हैं। भारत में धर्मशाला में निर्वासित जीवन जी रहे 90 वर्षीय बौद्ध आध्यात्मिक नेता को सोमवार को लॉस एंजेल्स में ग्रैमी समारोह में विजेता घोषित किया गया। उनकी ऑडियो बुक में रूफस वेनराइट जैसे कलाकार शामिल हैं, जिन्होंने उनकी ओर से पुरस्कार स्वीकार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


तिब्बती मातृभूमि के लिए अधिक स्वायत्तता की अथक मुहिम चलाने वाले दलाई लामा की दुनिया भर में प्रशंसा की जाती है, जिसे बीजिंग अपना अभिन्न अंग कहता है। दलाई लामा जब 23 साल के थे, तो 1959 में चीनी सेना से अपनी जान बचाने के लिए तिब्बती राजधानी ल्हासा से भागकर भारत आ गए थे और फिर कभी वापस नहीं आए। तिब्बती बौद्ध मानते हैं कि आध्यात्मिक नेता का 14वां पुनर्जन्म है।


इस एल्बम का संगीत प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्रों अमन अली बंगश और अयान अली बंगश द्वारा तैयार और प्रस्तुत किया गया है। इसमें शांति, स्व-जागरूकता, पर्यावरण और दया के बारे में दलाई लामा की शिक्षाएं और विचार प्रदर्शित किए गए हैं और इसमें रूफस वेनराइट, मैगी रोजर्स और आंद्रा डे जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने भी योगदान दिया है। यह प्रोजेक्ट ग्रैमी विजेता कबीर सहगल द्वारा तैयार किया गया है। उन्हें इस तरह अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना वास्तव में खुली आवाजों और शांतिपूर्ण भविष्य का सम्मान है।   -प्रो. डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू, ब्रॉडकास्टर, मीडिया विश्लेषक और दूरदर्शन के पूर्व उप महानिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed