वर्ल्ड कप 2023: हम देश के लिए खेलते हैं
टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पूरे वर्ल्ड कप में दिया इसलिए ये हार याद रखने से अच्छा है, हम ये याद रखें कि आखिरी मैच छोड़कर हमने हर मैच जीता है, हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है, विराट मैन ऑफ द सीरीज तो शमी कम मैच खेलकर भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी कहलाए।
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क्या हुआ जो कप हमारा नहीं हो पाया, ऐसी अनगिनत चीज है जो इस वर्ल्ड कप के दौरान हमारी हुई है जो हमारी टीम ने ही हमको दी है।
आखिरी मैच में पहुंचने तक अजेय रही भारतीय टीम एक मिसाल कायम कर चुकी है, जहां ये बात कहना बिलकुल गलत नहीं है कि आखिरी में आप जीतो या न जीतो ये मायने नहीं रखता, तब जब आप पूरी मेहनत और लगन के साथ शुरू से अंत तक खेले हो।
टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पूरे वर्ल्ड कप में दिया इसलिए ये हार याद रखने से अच्छा है, हम ये याद रखें कि आखिरी मैच छोड़कर हमने हर मैच जीता है, हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है, विराट मैन ऑफ द सीरीज तो शमी कम मैच खेलकर भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी कहलाए।
हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए ये जानना काफी है
1. लीडरशिप हो तो रोहित जैसी, अपनी कुशलता से टीम को हर मैच जीताने वाले रणनीतिकार रोहित एक शानदार लीडर कहलाने का हक रखते हैं। हर खिलाड़ी की ताकत को पहचान कर उसका सही इस्तेमाल करना ये अच्छे लीडर होने की पहचान है जो सीखने लायक है।
2. मौका मिला है तो अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए, शुरुआती मैच में शमी को नहीं खिलाया गया, पर फिर जैसे ही उन्हें मौका मिला उन्होंने अपना जादू दिखा ही दिया, इसलिए आपको भी जब भी मौका मिले उसका भरपूर उपयोग कीजिए, दूसरे मौके के भरोसे कभी ना बैठें।
3. विराट का विराट हौंसला, विराट के बारे में जो कहा जाए कम है पर निश्चित ही वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने हमेशा हमे बढ़ते रहने और नई-नई सफलताओं को छूने की तरफ ही प्रेरित किया है। विराट देश के लिए खेले, जब ही तो मैन ऑफ द सीरीज मिलने के बावजूद खुश नहीं दिखे, क्योंकि उनका उद्देश्य वर्ल्ड कप जीतना था इसलिए आपका उद्देश्य क्या है ये हमेशा ध्यान रखें।
4. हौंसला बनाए रखें, चाहे आपको लग रहा है कि अब तो आप किसी कीमत पर सफल नहीं हो पाएंगे फिर भी टीम इंडिया की तरह हौंसला और कोशिश आखिरी दम तक करते रहे, ताकि फिर परिणाम जो भी हो, बस आपको या किसी को ये नहीं लगना चाहिए कि आपने कोई भी कसर छोड़ी थी अपने लक्ष्य को पाने में।
बात इतनी सी है कि हम भले आखिर में जीत नहीं पाए पर पिछली सारी जीतों की संतुष्टि ने हमको टूटने नहीं दिया। खिलाड़ियो के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का नतीजा है कि वर्ल्ड कप जाने के बाद भी पिछली सारी जीतों की यादें सुकून देने वाली हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।