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कोरोना संग जीना है: महामारी ने बदल दी हमारी जीवनशैली, आगे और दिखेंगे बदलाव
सार
- कोरोना वायरस ने हमारे जीने का अंदाज ही बदल कर रख दिया है।
- घरेलू नौकरों का रिवाज भारतीय घरों में सामान्य बात है।
- वर्क फ्रॉम होम के साथ साथ स्टडी फ्रॉम होम की संस्कृति भी पनपेगी।
- लैपटॉप, कंप्यूटर और स्मार्टफोन का बाजार तेजी से बढ़ेगा।
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कोरोना वायरस ने हमे एक नई दुनिया की ओर धकेल दिया है।
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
अनचाहे ही सही, कोरोना वायरस ने हमें एक नई दुनिया की ओर धकेल दिया है और हमारे जीने का अंदाज ही बदल कर रख दिया है। आने वाले समय मे हमें जीवन की प्राचीन भारतीय पद्धति और उन्नत देशों के रहन सहन का मिला-जुला रूप देखने को मिल सकता है।
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उदाहरण के लिए भारतीय जीवनशेली में हमें बाहर से घर लौटने के पश्चात जूते-चप्पल घर के बाहर ही उतारकर और अंदर आते ही अपने हाथ, पैर और चेहरा अच्छे से स्वच्छ करना सिखाया जाता रहा है। आज भी कई घरों और कार्यालयों में जूते-चप्पल बाहर ही उतारने का निवेदन छपा रहता है।
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इसके ठीक विपरीत, अमेरिका और यूरोप के उन्नत देशों में बेखटके जूते पहनकर बिस्तर पर आराम फरमाने का भी चलन सामान्य है। आने वाले समय मे इन देशों में कोरोना के खौफ के चलते भारतीय पद्धति का अनुसरण हो तो आश्चर्य नही होना चाहिए।
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उसी तरह, घरेलू नौकरों का रिवाज भारतीय घरों में सामान्य बात है और संपन्न परिवारों में तो पूरे दिन के लिए नौकर-चाकर रखे जाते हैं जो झाड़ू पोंछा, बर्तन मांजना, कपड़े धोने से लगाकर, भोजन पकाना, बाजार से सामान खरीदकर लाना, कपड़ोंं पर इस्त्री करना जैसे कई रोजमर्रा के घरेलू कार्य करते हैं।
इसके ठीक विपरीत, उन्नत देशों में घरेलू-नौकरों की उपलब्धता की समस्या के चलते ये सभी कार्य मशीनों द्वारा किए जाते हैं जैसे कपड़े धोने के लिए वॉशिंग मशीन, बर्तन धोने के लिए डिश वॉशर, झाड़ू के लिए वैक्यूम क्लीनर आदि।
नई परिस्थितियों में संक्रमण की आशंका के चलते भारत मे भी घरेलू नौकरों की जगह ये मशीनें अथवा उपकरण अवश्य ही लेंगे यह निश्चित है क्योंकि हर व्यक्ति के लिए अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा सर्वोपरि होगी, इसमें किसी भी तरह के शक की कोई गुंजाइश नही है।
इसी तरह वर्क फ्रॉम होम के साथ साथ स्टडी फ्रॉम होम की संस्कृति भी पनपेगी जिसके चलते ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन की भी आवश्यकता होगी और लैपटॉप, कंप्यूटर और स्मार्टफोन का बाजार भी तेजी से बढ़ेगा।
नई जीवनशैली के लिए कई तरह के नए उत्पाद भी बाजार में आएंगे जो नई जीवनशैली की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। लोगों के खानपान में भी बेहद महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे और लोगों का रुझान पौष्टिक भोजन की ओर अधिक होगा और जंक फूड का बाजार तेजी से घटेगा क्योंकि ये जंक फूड शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को कम करती है जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है।
कुल मिलाकर यह बदली हुई जीवनशैली ही अब न्यू नॉर्मल होगा और हम सबको अब अपने आपको इस नई दुनिया के लिए मानसिक रूप से तैयार होना होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।