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पश्चिम बंगाल डायरी: फिरहाद के खिलाफ किससे करे कोई फरियाद?

सार

फिरहाद हकीम ने चुनावी प्रचार मंच से रेखा पात्रा के विरुद्ध अश्लील बयान दिया है। प्रधानमंत्री का भी मजाक उड़ाया है। रेखा पात्रा ने फिरहाद हकीम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है और उनके इस्तीफे की भी मांग की है। चुनाव आयोग के समक्ष भी शिकायत दर्ज हुई है। आखिर पूरा मामला क्या है?

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Controversy in West Bengal Minister Firhad Hakim’s controversial political remarks and bjp
टीएमसी नेता फिरहाद हाकिम का विवादों से नाता - फोटो : ANI

विस्तार

ममता बनर्जी के विशेष आशीर्वाद व वरदहस्त प्राप्त मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम अक्सर जोश में होश खोकर बेलगाम कुछ भी बोल जाते हैं। दरअसल, विवादित बयानों से फिरहाद हकीम का शुरू से चोली दामन का रिश्ता रहा है। वैसे भी इनके बयानों को लेकर विरोध व हंगामा के अतिरिक्त इनके विरूद्ध कभी भी किसी भी तरह की अदालती, प्रशासनिक या दलीय कोई कार्रवाई हुई ही नहीं। लिहाजा इनका हौसला लगातार बढ़ता गया, बहुत विरोध हुआ तो खानापूर्ति के लिए इन्होंने माफी मांग लिए। इनके इसी तरह के कुछ संवेदनशील और विवादित बयानों पर एक नजर डालते हैं।

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शुरुआत इनके हालिया बयान से ही करते हैं, जिससे न केवल राजनीति बल्कि पूरे राज्य का माहौल गरमा गया है। थोड़ा पीछे चलते हैं, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान संदेशखाली काफी सुर्खियों में रहा था। फिर एक बार सुर्खियां बन रहा है। उस वक़्त सुर्खियों में रहने की वजह कुछ और थी। फिलवक्त सुर्खियों में रहने की वजह कुछ और है। एक समानता है कि उस वक्त रेखा पात्रा बसिरहाट लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार थीं।

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बसिरहाट लोकसभा सीट के अंतर्गत ही संदेशखाली इलाका आता है। इस वक़्त भी रेखा पात्रा ही सुर्खियां की केंद्रबिंदु हैं। साथ में हैं विवादस्पद और अशालीन बयान देकर प्रायः सुर्खियों में रहने वाले ममता बनर्जी सरकार के वरिष्ठ मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम उर्फ बॉबी। इस दफ़े उन्होंने चुनावी प्रचार मंच से रेखा पात्रा के विरुद्ध अश्लील बयान दिया है। प्रधानमंत्री का भी मजाक उड़ाया है।

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रेखा पात्रा ने फिरहाद हकीम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है और उनके इस्तीफे की भी मांग की है। चुनाव आयोग के समक्ष भी शिकायत दर्ज हुई है। आखिर पूरा मामला क्या है?


नार्थ 24 परगना जिला के हारोआ विधानसभा उपचुनाव के प्रचार में गए फिरहाद हकीम ने कहा,

यहां पर कोई एक दाढ़ी वाला आया था चुनाव से पहले। याद है आपको? क्या नाम है? आप लोग बोलिए क्या नाम है? उनका नाम है नरेंद्र मोदी। बाप रे बाप, यहां पर आकर कैसे रो रहे थे। मेरी संदेशखाली की माता-बहनों के नाम पर रो रहे थे। उन्होंने संदेशखाली से अपना उम्मीदवार भी दे दिया। वह सुश्री महिला अब कहां हैं? हाजी नुरुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। हार गया हारा हुआ माल। कई लाख वोटों से हार गया। हार कर केस किया। भाजपा केवल केस समझती है। जनता के साथ खड़ा होना उन्हें नहीं आता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रेखा पात्रा पर बदजुबानी के साथ-साथ संदेशखाली पर भी एक शर्मनाक बात बोल गए। फिरहाद हकीम ने कहा कि

"मेरे एक दोस्त थे संदेशखाली में। उनकी बेटी की शादी कैनिंग में तय हुई थी। लड़के वाले इस रिश्ते से मुकर गए हैं। लड़के वालों ने कहा कि उनके पड़ोसी कहेंगे संदेशखाली से लाई गई बेटी पवित्र नहीं है। इस घटना के बाद से लगातार लड़की के पिता और माता रोए जा रहे हैं। इस इलाके में इतना बड़ा कलंक कौन लगा दिया? भाजपा ने लगा दिया।" 

गौरतलब है कि इनके मित्र संदेशखाली के रहने वाले हैं और जहां शादी तय हुई थी कैनिंग, यह इन्हीं का इलाका है। बावजूद इसके इन्होंने मित्र के लिए स्वयं कुछ नहीं किया। यह सिर्फ इस तरह की ही भाषणबाजी करते हैं।

Controversy in West Bengal Minister Firhad Hakim’s controversial political remarks and bjp
फिरहाद हकीम ने गैर-मुस्लिमों को बताया था बदकिस्मत - फोटो : PTI

विवादित बयानों से रहा है नाता

फिरहाद हकीम उर्फ बॉबी हकीम ने इस हंगामे से करीब चार महीने पहले भी एक विस्फोटक बयान दिया था। 3 जुलाई 2024 को एक दिए बयान में गैर-मुस्लिमों को बदकिस्मत बताया था और सार्वजनिक तौर पर इस्लाम कबूल करने का आह्वान किया था।

अप्रैल 16 में कोलकाता के मुस्लिम बहुल इलाके खिदिरपुर व मटियाबुर्ज को 'मिनी पाकिस्तान' करार दिया था। फरवरी 21 में कोलकाता के ही एक मस्जिद में राजनीतिक भाषण देते हुए देखा और सुना गया था जबकि यह आदर्श आचार संहिता का सरासर उल्लंघन था। हद तो तब हुई थी जब दिसंबर 23 में पश्चिम बंगाल की मुख्य भाषा बांग्ला पर हमला करते हुए कहा था कि एक ऐसा समय आएगा जब पश्चिम बंगाल के 50 प्रतिशत लोग केवल उर्दू बोलेंगे।

बांग्ला भाषियों ने भी इसका पुरजोर विरोध किया था और इन्होंने हमेशा की तरह माफी मांग ली थी। सवाल है कि फिरहाद के खिलाफ आखिर किससे कोई करे फरियाद।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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