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पाक तो छोड़िए चीन और अमेरिका के पास भी नहीं है ऐसी मिसाइल, युद्ध में होगी गेम चेंजर साबित

shashank dwivediशशांक द्विवेदी Updated Sat, 05 Oct 2019 08:08 AM IST
ब्रह्मोस मिसाइल
ब्रह्मोस मिसाइल - फोटो : Brahmos Aerospace
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एक बड़ी सामरिक कामयाबी हासिल करते हुए भारत ने सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' का सफल परीक्षण कर लिया । ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसॉनिक मिसाइल माना जा रहा है, जिसकी रफ़्तार 2.8 मैक यानि ध्वनि की रफ़्तार से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
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290 किमी तक लक्ष्य भेद सकती है ब्रह्मोस
दुश्मन की सीमा में घुसकर लक्ष्य भेदने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल इसी गति से हमला करने में सक्षम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के बालासोर जिले में ब्रह्मोस के जमीन से जमीन पर मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया है । नए संस्करण का प्रोपल्शन सिस्टम, एयरफ्रेम, पॉवर सप्लाई समेत कई अहम उपकरण स्वदेश में ही विकसित किए गए हैं। ब्रह्मोस का नया संस्करण 290 किमी तक लक्ष्य को भेद सकता है।  परीक्षण में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने सभी फ्लाइट पैरामीटर्स को पूरा लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया।  



चीन और पाकिस्तान के पास भी नहीं है ऐसी मिसाइल
भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम से तैयार हुई इस मिसाइल का जल और थल से पहले भी  सफल परीक्षण किया जा चुका है । इस तरह यह तय हो गया है कि ब्रह्मोस जल, थल और वायु से छोड़ी जा सकने वाली मिसाइल बन गई है। इस क्षमता को ट्रायड कहा जाता है, ट्रायड की विश्वसनीय क्षमता इससे पहले सिर्फ़ अमरीका, रूस और सीमित रूप से फ्रांस के पास मौजूद है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ब्रह्मोस जैसी क्षमता वाली मिसाइल भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के पास भी नहीं है। अधिकतम स्वदेशी उपकरणों से लैस ब्रह्मोस के नए संस्करण का इस्तेमाल थल सेना करती है। ब्रह्मोस मिसाइल को हवा,  जमीन या समुद्र में मौजूद प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है। 
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