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सुबह की सुस्ती का कारण अलार्म का स्नूज बटन तो नहीं? जानिए नींद पर इसका असर

Sun, 08 Feb 2026 06:54 AM IST
देवेश त्रिपाठी मेलिंडा वेनर मोयर, द न्यूयॉर्क टाइम्स
मेलिंडा वेनर मोयर, द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Sun, 08 Feb 2026 06:54 AM IST
सार

अगर ऐसा नहीं है और आप स्नूज वाला बटन दबाकर थोड़ा और सोने की इच्छा रखने वालों में से हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के बारे में काफी कुछ कहता है।

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नींद और अलार्म का स्नूज बटन - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

हाल ही में एक अध्ययन में, जिसमें दुनिया भर के 21,000 से ज्यादा वयस्कों की नींद की आदतों  पर ध्यान दिया गया, शोधकर्ताओं ने एक हैरान करने वाली प्रवृत्ति देखी। रिकॉर्ड की गई आधी से ज्यादा रातों के बाद, भागीदारों ने जगने से पहले औसतन 2.4 बार अलार्म का स्नूज बटन दबाया। आम तौर पर लोग अलार्म को इसलिए स्नूज करते हैं ताकि जागने से पहले थोड़ी और नींद ले सकें। कुछ लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा स्नूज करते हैं, जिनमें रात में देर तक जागने वाले वे लोग शामिल हैं, जिन्हें जागने पर अक्सर नींद आती है, और जो रात भर बार-बार जागते हैं।
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नींद विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात पर बहुत कम रिसर्च हुई है कि स्नूज करने से आपकी सेहत या जिंदगी की गुणवत्ता पर कैसे, या क्या कोई असर पड़ता है। पर उपलब्ध अध्ययन बताते हैं कि इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति अलार्म क्यों स्नूज कर रहा है और क्या यह आदत खराब नींद की आदतों को बढ़ा रही है या उन्हें बढ़ावा दे रही है। कुछ नींद विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आपको मिलने वाली गहरी नींद की मात्रा कम हो सकती है। गहरी नींद दिमाग की सेहत और याददाश्त बढ़ाने, भावनाओं को समझने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। गहरी नींद का यह चरण ज्यादातर सुबह के शुरुआती घंटों में होता है। बोस्टन के ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल की स्लीप साइंटिस्ट रेबेका रॉबिन्स ने कहा कि स्नूज करना एक बुरा विचार हो सकता है, अगर इससे आपका सोने का कार्यक्रम अनियमित हो जाता है। अगर अलार्म स्नूज करने से आप कभी-कभी सामान्य से आधे घंटे देर से उठते हैं, तो आपके शरीर की अंदरूनी घड़ी खराब हो सकती है, जिससे भविष्य में समय पर सोना और उठना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। डॉ. रॉबिन्स ने कहा, 'फिर, जब आप दोबारा सोते हैं, तो हल्की नींद होने की संभावना है, जो टुकड़ों में होगी और उतनी आरामदायक नहीं होगी।'
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न्यूयॉर्क सिटी के अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी और साइकेट्री की क्लिनिकल एसोसिएट प्रोफेसर शेल्बी हैरिस ने कहा कि कभी-कभी खराब नींद की आदतों या नींद की बीमारियों को प्रबंधित करने के लिए स्नूजिंग का इस्तेमाल सहारे के तौर पर किया जाता है। डॉ. गोल्डस्टीन कहते हैं, चूंकि स्नूज करने वाले लोग अपनी नींद का आखिरी हिस्सा हल्की नींद में बिताते हैं, इसलिए उन्हें कभी-कभी सुबह की सुस्ती कम करने में मदद मिल सकती है। यह कुछ लोगों को 'उठने और काम शुरू करने' के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
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