मोदी 3.0: परिवर्तन के एक दशक की यात्रा और शासन में एक 'न्यू नॉर्मल' की शुरुआत
Modi 3.0: पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने पारदर्शिता, निर्णय और समावेशिता द्वारा चिह्नित 'न्यू नॉर्मल' स्थापित करते हुए भारत के शासन को फिर से परिभाषित किया है। ऑपरेशन सिंदूर, जिसने पाकिस्तान में नौ आतंकी शिविरों और 11 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, इस बदलाव का प्रतीक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने पारदर्शिता, निर्णय और समावेशिता द्वारा चिह्नित 'न्यू नॉर्मल' स्थापित करते हुए भारत के शासन को फिर से परिभाषित किया है। ऑपरेशन सिंदूर जिसने पाकिस्तान में नौ आतंकी शिविरों और 11 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, इस बदलाव का प्रतीक है। भारत ने आतंकवाद को युद्ध की कार्यवाही के रूप में माना और पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल को खारिज कर दिया।
मोदी 3.0 का अपना पहला साल पूरा होने के साथ ही किए गए सुधारों ने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, लैंगिक सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भारत की दिशा को बदल दिया है। यह दृष्टि दो सूक्तियों में समाहित है- RAM (राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यस्था और आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और मध्यवर्गीय राहत) और GITA (ग्लोबल पोजिशनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और अंत्योदय)।
R- राष्ट्रीय सुरक्षा
2014 के बाद से भारत ने आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का रुख अपनाया है, जो तुष्टिकरण से मुखर कार्यवाही की ओर बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी गतिविधियां उस नीति को दर्शाती हैं जो आतंकवादियों और उनके सरकारी आकाओं पर लगाम लगाती है और निर्णायक प्रतिक्रिया के लिए डोजियर को खारिज करती है। अनुच्छेद 370 के 2019 में हटने के बाद से जम्मू और कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत कर दिया, जिससे देशभर में एक ध्वज और एक संविधान सुनिश्चित हुआ।
विकास और सुरक्षा अभियानों को मिलाकर माओवाद प्रभावित जिले 2015 में 106 से घटकर 2025 में 18 रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत का संकल्प लिया है। स्वदेशीकरण सूची में 5,000 वस्तुओं और घरेलू उत्पादन के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के डिफेंस बजट का 75% आवंटन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता बढ़ी है। वर्ष 2024-25 में डिफेंस एक्सपोर्ट ₹23,622 करोड़ तक पहुंच गया, जो रणनीतिक स्वायत्तता और ताकत के एक नए युग को चिह्नित करता है।
A- अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता
भारत 2025-26 में 6.3-6.8% की अनुमानित वृद्धि के साथ 'फ्रैंजिल फाइव' से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बदल गया है, जो जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी बनने की ओर अग्रसर है। आर्थिक सुधारों के साथ साथ अप्रैल 2020 से एफडीआई ने 1 ट्रिलियन डॉलर को पार किया है, जिसमें H1 FY 2024-25 में 26% की वृद्धि शामिल है। पिछले साल भारत का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 825 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। जो इन्फ्लेशन यूपीए सरकार के तहत औसतन 8.2% और अक्सर दोहरे अंकों को छूती थी, वो आज कोविड और यूक्रेन-रूस युद्ध जैसे वैश्विक संकटों के बावजूद 4-5.5% तक कम हो गई है। आत्मनिर्भरता के लिए जो रक्षा से परे फैला हुआ है, नवाचार, विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के साथ, भारत खुदको एक इन्वेस्टमेंट हब के रूप में स्थापित करता है।
M- महिला सशक्तिकरण और मध्यम वर्ग राहत
महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास मोदी 3.0 की आधारशिला है। लिंगानुपात सुधरकर प्रति 1,000 पुरुषों (NFHS-5) पर 1,020 महिलाओं तक पहुंच गया है। पीएमएमवीवाई के तहत 4 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को 18,500 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया गया है, जबकि 10.33 करोड़ धुआं मुक्त रसोई ने महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार किया है।
महिलाओं को मुद्रा ऋण का 68 फीसदी (14.72 लाख करोड़ रुपये) मिला और वे पीएम आवास-ग्रामीण घरों के 73 फीसदी घरों की मालिक हैं। स्कूलों में शौचालय और नल के पानी के कनेक्शन जैसी पहल महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देती हैं।
ट्रिपल तालक के खिलाफ कानून, समान नागरिक संहिता और महिला आरक्षण अधिनियम समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं। महिला अधिकारियों जैसे कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग, युवा लड़कियों को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करती हैं, जिसमें महिला नेतृत्व का प्रदर्शन किया जाता है।
मध्यम वर्ग को ₹12.75 लाख तक की कर छूट और नियंत्रित इन्फ्लेशन से लाभ होता है जिससे उनका वित्तीय बोझ भी कम हुआ है। 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्र 50-90% कम लागत पर आम जनता को जेनेरिक दवाएं प्रदान करते हैं। आयुष्मान भारत के 50 करोड़ भारतीयों के लिए 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर हुआ है। 23 शहरों में मेट्रो सेवाएं, 136 वंदे भारत ट्रेनें और आधुनिक हवाई अड्डे कनेक्टिविटी बढ़ाते हैं जो आम नागरिक की रफ़्तार भरी जिंदगी को आसान बनाता है। डिजिटल इंडिया 46 करोड़ UPI उपयोगकर्ताओं, 52 करोड़ डिजिलॉकर उपयोगकर्ताओं और डेटा लागत में 97% की गिरावट के साथ फलता-फूलता है, जिससे मध्यम वर्ग अधिक जुड़ा हुआ और आकांक्षी बन जाता है।
G- ग्लोबल पोजिशनिंग
भारत की विदेश नीति शक्ति और करुणा का संतुलन है। भारत की G20 अध्यक्षता ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं पर चर्चा करने में नेतृत्व का प्रदर्शन किया। वैक्सीन मैत्री ने 100+ देशों को 30 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराक वितरित की, जिससे वैश्विक एकजुटता में भारत की भूमिका मजबूत हुई। भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क करता है, हमास के खिलाफ इजरायल के साथ खड़ा है और पश्चिम एशिया और गल्फ के साथ संबंधों को और मजबूत मजबूती की ओर ले जाता है। "नॉन अलाइंड" से "ऑल अलाइंड तक के दृष्टिकोण में स्थानांतरित होकर, भारत ने वैश्विक विश्वास को अर्जित किया है, जो यूनाइटेड नेशन में अतीत के अलगाव को उलटते हुए पहलगाम से ऑपरेशन सिंदूर तक समर्थन में स्पष्ट है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।