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आईटीआई झज्जर में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब से युवा बनेंगे हुनरमंद
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18jjrp12- आईटीआई झज्जर एट गुढ़ा में लैब उद्घाटन पर मौजूद प्राचार्य व अन्य। स्रोत : प्रचार विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। आईटीआई झज्जर एट गुढ़ा में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ना है। यह लैब युवाओं को हुनरमंद बनाने में सहायक होगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन होगा। इसमें युवा अपने इनोवेटिव आइडिया, तकनीकी मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। प्रधानाचार्य जीतपाल ने बताया कि यह लैब सीएसआर के तहत बनी है। इसकी अनुमानित लागत करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये है। यह पहल सरकारी प्रशिक्षण संस्थान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। प्रशिक्षणार्थियों को अब अत्याधुनिक लैब में औद्योगिक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। लैब में असेंबली लाइन, पेंट शॉप, जिग एवं फिक्सचर लैब जैसी सुविधाएं हैं। मारुति सुजुकी बेसिक ट्रेनिंग स्टेशन, मशीनिस्ट लैब और सेफ्टी लैब भी विकसित की गई हैं।
इन सुविधाओं से प्रशिक्षणार्थी आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं को समझेंगे। वे मशीनों का संचालन और सुरक्षा मानकों को व्यावहारिक रूप से सीखेंगे। नोडल अधिकारी जीतपाल ने बताया कि मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, फिटर और वेल्डर व्यवसाय के प्रशिक्षणार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से उनकी औद्योगिक दक्षता बढ़ेगी। इससे वे रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर पाएंगे।
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झज्जर। आईटीआई झज्जर एट गुढ़ा में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ना है। यह लैब युवाओं को हुनरमंद बनाने में सहायक होगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन होगा। इसमें युवा अपने इनोवेटिव आइडिया, तकनीकी मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। प्रधानाचार्य जीतपाल ने बताया कि यह लैब सीएसआर के तहत बनी है। इसकी अनुमानित लागत करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये है। यह पहल सरकारी प्रशिक्षण संस्थान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। प्रशिक्षणार्थियों को अब अत्याधुनिक लैब में औद्योगिक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। लैब में असेंबली लाइन, पेंट शॉप, जिग एवं फिक्सचर लैब जैसी सुविधाएं हैं। मारुति सुजुकी बेसिक ट्रेनिंग स्टेशन, मशीनिस्ट लैब और सेफ्टी लैब भी विकसित की गई हैं।
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इन सुविधाओं से प्रशिक्षणार्थी आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं को समझेंगे। वे मशीनों का संचालन और सुरक्षा मानकों को व्यावहारिक रूप से सीखेंगे। नोडल अधिकारी जीतपाल ने बताया कि मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, फिटर और वेल्डर व्यवसाय के प्रशिक्षणार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से उनकी औद्योगिक दक्षता बढ़ेगी। इससे वे रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर पाएंगे।
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