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पावर प्लांट में काम के दौरान मशीन की चपेट में आया कर्मी, रीढ़ की हड्डी टूटी
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03jjrp21- एपीसीपीएल में हड़ताल कर धरने पर बैठे कर्मचारी। स्रोत : संगठन
साल्हावास। झाड़ली स्थित एपीसीपीएल पावर प्लांट में रविवार को बॉयलर पर काम कर रहे नवादा गांव निवासी विजयपाल 15 टन की मशीन की चपेट में आ गए। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया। साथियों की मदद से उन्हें रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद कर्मचारियों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार को प्रबंधन और यूनियन के बीच बैठक हुई लेकिन सहमति न बनने पर कर्मचारियों ने सोमवार को भी हड़ताल जारी रखी। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सचिन एवं संगठन मंत्री संदीप मास्टर ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नवादा गांव निवासी विजयपाल दो नंबर यूनिट के बॉयलर पर काम कर रहे थे। इस दौरान उसके ऊपर 15 टन की होइस्ट (वजन उठाने वाली मशीन) गिर गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी प्लांट की एंबुलेंस भी आधे घंटे की देरी से पहुंची और प्रबंधन एक घंटे के बाद पहुंचा।
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प्रबंधन के देरी से पहुंचने पर यूनियन अनुबंधित श्रमिक संघ ने आकस्मिक हड़ताल शुरू कर दी जो सोमवार को भी जारी रही। संगठन के प्रेस प्रवक्ता जयपाल के मुताबिक, कर्मचारियों की सुरक्षा एवं अन्य समस्याओं को लेकर कई बार एपीसीपीएल प्रबंधन को बताया गया लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जयपाल ने कहा कि यदि एपीसीपीएल प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं करता है तो अनिश्चितकालीन दिया जाएगा। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष शमशेर सिंह, भारतीय मजदूर संघ झज्जर के जिला मंत्री धीरज जाखड़, सचिव दलबीर, रामवीर, मोतीलाल, मीडिया प्रभारी जयपाल मौजूद रहे।
एपीसीपीएल झाड़ली के प्रवक्ता किशोर ने बताया कि सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार मेडिकल सुविधा दी जा रही हैं। एपीसीपीएल प्रबंधन भारत सरकार की गाइड लाइन अनुसार काम कर रही है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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हादसे के बाद कर्मचारियों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार को प्रबंधन और यूनियन के बीच बैठक हुई लेकिन सहमति न बनने पर कर्मचारियों ने सोमवार को भी हड़ताल जारी रखी। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सचिन एवं संगठन मंत्री संदीप मास्टर ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, नवादा गांव निवासी विजयपाल दो नंबर यूनिट के बॉयलर पर काम कर रहे थे। इस दौरान उसके ऊपर 15 टन की होइस्ट (वजन उठाने वाली मशीन) गिर गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी प्लांट की एंबुलेंस भी आधे घंटे की देरी से पहुंची और प्रबंधन एक घंटे के बाद पहुंचा।
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प्रबंधन के देरी से पहुंचने पर यूनियन अनुबंधित श्रमिक संघ ने आकस्मिक हड़ताल शुरू कर दी जो सोमवार को भी जारी रही। संगठन के प्रेस प्रवक्ता जयपाल के मुताबिक, कर्मचारियों की सुरक्षा एवं अन्य समस्याओं को लेकर कई बार एपीसीपीएल प्रबंधन को बताया गया लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जयपाल ने कहा कि यदि एपीसीपीएल प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं करता है तो अनिश्चितकालीन दिया जाएगा। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष शमशेर सिंह, भारतीय मजदूर संघ झज्जर के जिला मंत्री धीरज जाखड़, सचिव दलबीर, रामवीर, मोतीलाल, मीडिया प्रभारी जयपाल मौजूद रहे।
एपीसीपीएल झाड़ली के प्रवक्ता किशोर ने बताया कि सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार मेडिकल सुविधा दी जा रही हैं। एपीसीपीएल प्रबंधन भारत सरकार की गाइड लाइन अनुसार काम कर रही है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।