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अमन की हत्या का दोषी कौन, छह माह बाद भी नहीं लग सका पता
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-फोटो 57 : रेलवे रोड पर स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में टूटा पड़ा बास्केटबॉल कोर
- फोटो : Samvad
बहादुरगढ़। शहर के रेलवे रोड स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से 23 नवंबर 2025 को खिलाड़ी अमन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें रोहतक के पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया, जहां 24 नवंबर को उनकी मौत हो गई।
दिसंबर की शुरुआत में थाना शहर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है। जांच अभी तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। न तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की पहचान हो पाई है और न ही किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई है। इससे मृतक के परिजनों में रोष है। परिजनों ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इधर, स्टेडियम में टूटा बास्केटबॉल पोल अब तक नहीं हटाया गया है और न ही नया कोर्ट तैयार किया गया है, जिससे खिलाड़ियों में नाराजगी है।
खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर उठे सवाल
खिलाड़ियों का कहना है कि शहर के किसी भी स्टेडियम या पार्क में बास्केटबॉल का सुरक्षित कोर्ट उपलब्ध नहीं है। उनका सवाल है कि जब शहर में ही खेलने की सुविधाएं नहीं होंगी तो प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी।
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खिलाड़ियों ने बताया कि अमन की मौत के बाद शहर के सभी स्टेडियमों से बास्केटबॉल कोर्ट हटा दिए गए थे। सुरक्षा के नाम पर लिया गया यह फैसला खिलाड़ियों को खेल से वंचित कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि सुरक्षित मानकों के साथ शहर में दोबारा बास्केटबॉल कोर्ट बनाए जाएं।
परिजनों का आरोप—जांच केवल कागजों में सीमित
मृतक अमन के पिता सुरेश ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। दोषियों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से कोर्ट में केस दायर किया गया है।
खिलाड़ियों की मांग
खिलाड़ी ध्रुव कुमार और मयंक ने बताया कि वे घटना से पहले रोजाना रेलवे रोड स्थित स्टेडियम में बास्केटबॉल खेलने जाते थे। अमन भी उनके साथ खेलता था। अब स्टेडियम में न तो कोर्ट है और न ही नया निर्माण हुआ है। खिलाड़ियों ने मांग की है कि शहर में जल्द से जल्द एक आधुनिक और सुरक्षित बास्केटबॉल कोर्ट बनाया जाए, ताकि खिलाड़ी अभ्यास से वंचित न रहें।
-फोटो 57 :
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दिसंबर की शुरुआत में थाना शहर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है। जांच अभी तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। न तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की पहचान हो पाई है और न ही किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई है। इससे मृतक के परिजनों में रोष है। परिजनों ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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इधर, स्टेडियम में टूटा बास्केटबॉल पोल अब तक नहीं हटाया गया है और न ही नया कोर्ट तैयार किया गया है, जिससे खिलाड़ियों में नाराजगी है।
खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर उठे सवाल
खिलाड़ियों का कहना है कि शहर के किसी भी स्टेडियम या पार्क में बास्केटबॉल का सुरक्षित कोर्ट उपलब्ध नहीं है। उनका सवाल है कि जब शहर में ही खेलने की सुविधाएं नहीं होंगी तो प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी।
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खिलाड़ियों ने बताया कि अमन की मौत के बाद शहर के सभी स्टेडियमों से बास्केटबॉल कोर्ट हटा दिए गए थे। सुरक्षा के नाम पर लिया गया यह फैसला खिलाड़ियों को खेल से वंचित कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि सुरक्षित मानकों के साथ शहर में दोबारा बास्केटबॉल कोर्ट बनाए जाएं।
परिजनों का आरोप—जांच केवल कागजों में सीमित
मृतक अमन के पिता सुरेश ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। दोषियों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से कोर्ट में केस दायर किया गया है।
खिलाड़ियों की मांग
खिलाड़ी ध्रुव कुमार और मयंक ने बताया कि वे घटना से पहले रोजाना रेलवे रोड स्थित स्टेडियम में बास्केटबॉल खेलने जाते थे। अमन भी उनके साथ खेलता था। अब स्टेडियम में न तो कोर्ट है और न ही नया निर्माण हुआ है। खिलाड़ियों ने मांग की है कि शहर में जल्द से जल्द एक आधुनिक और सुरक्षित बास्केटबॉल कोर्ट बनाया जाए, ताकि खिलाड़ी अभ्यास से वंचित न रहें।
-फोटो 57 :