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पश्चिम बंगाल से बंगाली में परिजनों की डिटेल, बीएलओ नहीं पढ़ पाए तो एआई का लिया सहारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:44 AM IST
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When the BLO could not read the family details provided in Bengali from West Bengal, they resorted to using AI for assistance.
08jjrp14- शहीद रमेश कुमार राजकीय स्कूल में मतदाता को जानकारी देते बीएलओ। संवाद
रवि हसिजा
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झज्जर। जिले के सभी बूथों पर वीरवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का आयोजन किया गया। मतदाता अपने दावे और आपत्तियों को दूर करवाने के लिए पहुंचे। शहीद रमेश कुमार राजकीय स्कूल में वीरवार को अलग ही मामला देखने को मिला।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल निवासी एवं पिछले 25 सालों से झज्जर में रह रहे एक व्यक्ति ने अपनी वोट पश्चिम बंगाल स्थित अपने गांव से झज्जर में शिफ्ट करवाने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उसकी 2002 की मतदाता सूची में परिजनों की 2002 की जानकारी पश्चिम बंगाल के गांव से मंगवाई। जब मतदाता सूची उनके पास आई तो वह बंगाली भाषा में थी।
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वह अपनी रिपोर्ट लेकर शहीद रमेश कुमार राजकीय स्कूल में बीएलओ के पास पहुंचे, लेकिन यहां मौजूद बीएलओ भी बंगाली भाषा नहीं जानते थे। हालांकि संबंधित व्यक्ति ने उसे पढ़कर बता दिया, लेकिन उस रिपोर्ट के सही सत्यापन कराना जरूरी थी। अन्य बीएलओ भी बंगाली भाषा नहीं जानते थे।
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इसके बाद बीएलओ को एआई का ध्यान आया और बीएलओ ने उस दस्तावेज को स्कैन कर मोबाइल के माध्यम से एआई को इसकी डायरेक्शन दी। इसके बाद एआई ने पूरे पेज को स्कैन कर बंगाली भाषा में लिखी पूरी जानकारी को हिंदी में ट्रांसलेट कर दिया। इस पर 2002 की मतदाता सूची से संबंधित व्यक्ति के पूरे परिवार की जानकारी सामने आ गई और दस्तावेज बीएलओ को जमा करवाए गए।



9283 मामले सुनवाई के लिए लंबित
जिले के सभी बूथों पर मतदाताओं के दावे व आपत्तियों की सुनवाई हुई। जिले में कुल 9283 सुनवाई मामले लंबित हैं। ये लंबित मामले कुल मामलों का 6.06 फीसदी हैं। विशेष शिविरों और घर-घर सर्वे के दौरान 1474 लंबित मामलों की सुनवाई की गई है। चुनाव आयोग ने अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण, प्रभावी निगरानी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आज भी लगेगा शिविर
नोटिस की सुनवाई समय पर पूरी करने के लिए आज भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में उन मतदान केंद्रों पर घर-घर सर्वे भी होगा, जहां मतदाताओं ने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। ऐसे सभी पात्र मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने दस्तावेज बूथ लेवल अधिकारी को जमा करवाएं। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी योग्य मतदाताओं के नाम छह नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकें।
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