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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   MLA raised issue of Bastar education system during monsoon session of the Legislative Assembly

बस्तर की शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा सदन में: कोंडागांव में B.Ed.-D.Ed. कॉलेज की मांग, NEP-2020 लागू करने पर जोर

Mon, 13 Jul 2026 07:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 13 Jul 2026 07:01 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव में शासकीय B.Ed.-D.Ed. कॉलेज खोलने और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर शिक्षक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सकेगी।

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MLA raised issue of Bastar education system during monsoon session of the Legislative Assembly
कोंडागांव विधायक व भाजपा नेता लता उसेंडी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कोंडागांव विधायक व भाजपा नेता लता उसेंडी ने बस्तर अंचल की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने कोंडागांव जिले में शासकीय बीएड एवं डीएड कॉलेज की स्थापना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए सरकार से आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

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सदन में चर्चा के दौरान विधायक उसेंडी ने कहा कि कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग के हजारों युवाओं को शिक्षक प्रशिक्षण के लिए आज भी बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। जिले में शासकीय B.Ed. और D.Ed. कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है तथा उन्हें आवास और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान खुलने से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
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लता उसेंडी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित होगी।
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उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, कौशल विकास और युवाओं को रोजगारोन्मुख अवसर उपलब्ध कराना है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्र में इसका प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। विधायक ने कहा कि शिक्षक शिक्षा संस्थानों का विस्तार और विश्वविद्यालय स्तर पर नई शिक्षा नीति का पूर्ण क्रियान्वयन क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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