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कड़कती ठंड में बैंक में कैश आने का इंतजार करते रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:29 PM IST
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बहादुरगढ़।
नोटबंदी के काफी समय बीत जाने के बाद भी बैंकों में व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। कड़कती ठंड में भी सुबह-सुबह लोग बैंकों के बाहर लाइन में आकर लग जाते हैं। जबकि एटीएम एटीएम बूथों में तो रात को भी लाइन लगी रहती है।
बैंकों में धीरे-धीरे कैश की समस्या का समाधान तो हो रहा है, मगर भीड़ टूटने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में कैश आया हुआ था। जिन बैंकों में सुबह कैश नहीं था वहां 12 बजे के बाद कैश आ चुका था। इन बैंकों के बाहर लोगों की काफी लंबी लाइनें लगी रही। लोग बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लग गए थे। कुछेक बैंक ऐसे थे जहां बेहद जल्दी कैश खत्म हो गया, इस कारण लोगों में गुस्सा देखने को भी मिला। बैंक अधिकारियों द्वारा अगले दिन का नाम लेने पर मजबूरन लोग मायूस होकर वापस अपने घर चल दिए। शहर में एटीएम व्यवस्था में भी बिल्कुल सुधार देखने को नहीं मिल रहा। बाजारी क्षेत्र में केवल दो-तीन एटीएम ही चालू रहते हैं। इसके अलावा बाकी सभी बूथ शोपीस बने हुए हैं। जिन बूथों में रुपये होते हैं, वहां रात को भी लोगों की लाइन लगी रहती है।
आमजन बोले
शहर के निवासी राहुल ने कहा कि नोटबंदी हुए काफी समय हो गया है। इतने दिन बाद भी व्यवस्था दुरुस्त न होना हैरानी वाली बात है। यदि बैंक अधिकारी लोगों की समस्याओं को ध्यान में रख कर ईमानदारी से काम करें तो शायद हालात में कुछ सुधार आए। बिमला ने कहा कि सर्दी लगातार बढ़ रही है। सुबह आकर लाइन में लगते हैं। एक तो कामकाज नहीं हो पाते, ऊपर से सर्दी में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती है। दिक्कतें तो तब पैदा होती है, जब बैंक वाले कहते हैं कैश नहीं है। इन हालातों में लाइन में खड़े होकर ही कैश आने का इंतजार किया जाता है। विवेक ने कहा कि सरकार और बैंकों को आमजन की समस्याओं पर ध्यान देना होगा।
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नोटबंदी के काफी समय बीत जाने के बाद भी बैंकों में व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। कड़कती ठंड में भी सुबह-सुबह लोग बैंकों के बाहर लाइन में आकर लग जाते हैं। जबकि एटीएम एटीएम बूथों में तो रात को भी लाइन लगी रहती है।
बैंकों में धीरे-धीरे कैश की समस्या का समाधान तो हो रहा है, मगर भीड़ टूटने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में कैश आया हुआ था। जिन बैंकों में सुबह कैश नहीं था वहां 12 बजे के बाद कैश आ चुका था। इन बैंकों के बाहर लोगों की काफी लंबी लाइनें लगी रही। लोग बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लग गए थे। कुछेक बैंक ऐसे थे जहां बेहद जल्दी कैश खत्म हो गया, इस कारण लोगों में गुस्सा देखने को भी मिला। बैंक अधिकारियों द्वारा अगले दिन का नाम लेने पर मजबूरन लोग मायूस होकर वापस अपने घर चल दिए। शहर में एटीएम व्यवस्था में भी बिल्कुल सुधार देखने को नहीं मिल रहा। बाजारी क्षेत्र में केवल दो-तीन एटीएम ही चालू रहते हैं। इसके अलावा बाकी सभी बूथ शोपीस बने हुए हैं। जिन बूथों में रुपये होते हैं, वहां रात को भी लोगों की लाइन लगी रहती है।
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आमजन बोले
शहर के निवासी राहुल ने कहा कि नोटबंदी हुए काफी समय हो गया है। इतने दिन बाद भी व्यवस्था दुरुस्त न होना हैरानी वाली बात है। यदि बैंक अधिकारी लोगों की समस्याओं को ध्यान में रख कर ईमानदारी से काम करें तो शायद हालात में कुछ सुधार आए। बिमला ने कहा कि सर्दी लगातार बढ़ रही है। सुबह आकर लाइन में लगते हैं। एक तो कामकाज नहीं हो पाते, ऊपर से सर्दी में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती है। दिक्कतें तो तब पैदा होती है, जब बैंक वाले कहते हैं कैश नहीं है। इन हालातों में लाइन में खड़े होकर ही कैश आने का इंतजार किया जाता है। विवेक ने कहा कि सरकार और बैंकों को आमजन की समस्याओं पर ध्यान देना होगा।
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