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नोटबंदी के 30 दिन पूरे पर हालात नहीं सुधरे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 08 Dec 2016 09:08 PM IST
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नोटबंदी के 30 दिन पूरे पर हालात नहीं सुधरे
- फोटो : अमर उजाला
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500, 1000 के नोट बंद हुए बृहस्पतिवार को 30 दिन पूरे हो गए, मगर हालत अब भी नहीं सुधरे हैं। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक को बृहस्पतिवार को महज 2.5 लाख रुपए मिले। कैश की भारी किल्लत को देखते हुए बैंक अधिकतम 2500 रुपए दे रहे हैं। वहीं श्रीरीठा साहिब के पंजाब एंड सिंध बैंक में नगदी बृहस्पतिवार को भी नहीं था। इसके अलावा चार अन्य बैंकों में भी बमुश्किल एक दिन का कैश बचा है।
भारतीय स्टेट बैंक की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि एसबीआई ने क्यू मैनेजमेंट सिस्टम (क्यूएमएस) लागू किया है। इसके तहत रकम निकालने वाले हर व्यक्ति को टोकन दिया जा रहा है। इससे बैंक में लाइन लगना बंद हो गई है। वहीं मुख्य प्रबंधक पांगती का कहना है कि कैश चेस्ट में नगदी की स्थिति को देखते हुए बैंकों को रकम दी जा रही है। बैंकों की जरूरत को देखते हुए अधिकतम 10 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एटीएम के हाल भी खस्ता रहे। महज पांच एटीएम से रकम निकल पा रही थी।
एक माह में कम हो गया कारोबार
नोटबंदी के 30 दिन पूरे हो गए हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि वे सरकार के इस फैसले की भावना के साथ हैं, लेकिन परेशानियां कम नहीं हो रही है और इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। इलैक्ट्रीशियन पुष्कर राय, दीप जनरल स्टोर के नितिश राय, पंडित बसंत पांडेय, सब्जी विक्रेता किशोर कलखुड़िया, कारोबारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नारायण पांडेय का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी छोटे नोटों की हो रही है।
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500 रुपए के नोट नहीं होने से ग्राहकों को वापस करने में मुश्किल हो रही है। इसके चलते या तो उधारी बढ़ रही है या फिर ब्रिकी घट रही है। कई लोगों का कहना है कि एक माह में 8 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बिक्री में कमी आ चुकी है।
भारतीय स्टेट बैंक की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि एसबीआई ने क्यू मैनेजमेंट सिस्टम (क्यूएमएस) लागू किया है। इसके तहत रकम निकालने वाले हर व्यक्ति को टोकन दिया जा रहा है। इससे बैंक में लाइन लगना बंद हो गई है। वहीं मुख्य प्रबंधक पांगती का कहना है कि कैश चेस्ट में नगदी की स्थिति को देखते हुए बैंकों को रकम दी जा रही है। बैंकों की जरूरत को देखते हुए अधिकतम 10 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एटीएम के हाल भी खस्ता रहे। महज पांच एटीएम से रकम निकल पा रही थी।
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एक माह में कम हो गया कारोबार
नोटबंदी के 30 दिन पूरे हो गए हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि वे सरकार के इस फैसले की भावना के साथ हैं, लेकिन परेशानियां कम नहीं हो रही है और इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। इलैक्ट्रीशियन पुष्कर राय, दीप जनरल स्टोर के नितिश राय, पंडित बसंत पांडेय, सब्जी विक्रेता किशोर कलखुड़िया, कारोबारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नारायण पांडेय का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी छोटे नोटों की हो रही है।
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500 रुपए के नोट नहीं होने से ग्राहकों को वापस करने में मुश्किल हो रही है। इसके चलते या तो उधारी बढ़ रही है या फिर ब्रिकी घट रही है। कई लोगों का कहना है कि एक माह में 8 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बिक्री में कमी आ चुकी है।