{"_id":"6ab51530e5ec94313b0310c5","slug":"the-popularity-of-ayurveda-is-steadily-rising-dr-suman-rathi-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-140357-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही : डाॅ. सुमन राठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही : डाॅ. सुमन राठी
विज्ञापन
24jjrp04- अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों को सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की ओर से सुखद भविष्य के लिए आयुर्वेद विषय पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुमन राठी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब समय आ गया है कि आयुर्वेद चिकित्सक अपनी चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता को वैज्ञानिक आधार पर और मजबूत करें।
कार्यक्रम के दौरान हृदयाघात विषय पर सीएमई कार्यशाला आयोजित की गई। शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने हृदयाघात के दौरान तत्काल चिकित्सा, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
विशिष्ट वक्ता रोहतक अष्टांग आयुर्वेद संस्थान के प्रधान डॉ. संजय जाखड़ ने कहा कि गलत खानपान और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण रोगों में वृद्धि हो रही है। जीवनशैली में सुधार से कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने पंचकर्म को आयुर्वेद की महत्वपूर्ण देन बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
योगाचार्य आचार्य बलदेव ने योग, प्राणायाम और व्यायाम के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है। कार्यक्रम में डॉ. रवींद्र मलिक, डॉ. नरेश दलाल, डॉ. पवन राज्याण, डॉ. रवि गोदारा, डॉ. विजय कंकरवाल और डॉ. ज्योति गोदारा सहित अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
झज्जर। अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की ओर से सुखद भविष्य के लिए आयुर्वेद विषय पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुमन राठी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब समय आ गया है कि आयुर्वेद चिकित्सक अपनी चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता को वैज्ञानिक आधार पर और मजबूत करें।
कार्यक्रम के दौरान हृदयाघात विषय पर सीएमई कार्यशाला आयोजित की गई। शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने हृदयाघात के दौरान तत्काल चिकित्सा, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
विज्ञापन
विशिष्ट वक्ता रोहतक अष्टांग आयुर्वेद संस्थान के प्रधान डॉ. संजय जाखड़ ने कहा कि गलत खानपान और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण रोगों में वृद्धि हो रही है। जीवनशैली में सुधार से कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने पंचकर्म को आयुर्वेद की महत्वपूर्ण देन बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
योगाचार्य आचार्य बलदेव ने योग, प्राणायाम और व्यायाम के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है। कार्यक्रम में डॉ. रवींद्र मलिक, डॉ. नरेश दलाल, डॉ. पवन राज्याण, डॉ. रवि गोदारा, डॉ. विजय कंकरवाल और डॉ. ज्योति गोदारा सहित अन्य उपस्थित रहे।