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झज्जर अनाज मंडी में जगह की कमी का मुद्दा डीसी के सामने उठाया
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13jjrp13- अनाज मंडी में खरीफ फसल खरीद प्रक्रिया का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल। स्रोत : प्रचा
- फोटो : photo
झज्जर। जिला उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान आढ़तियों ने मंडी में जगह की कमी के चलते अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने की मांग की। डीसी ने उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद पूनिया और पूर्व प्रधान चांद पहलवान ने बताया कि मंडी में जगह कम होने से किसानों को फसल रखने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस बार बारिश कम होने और नहरों में पानी की कमी के कारण धान और बाजरे की फसल कम हुई है, जिससे मंडी में आवक भी कम रही है।
दौरे के दौरान धर्मकांटा बंद मिलने पर डीसी ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर उसे ठीक करवाने और ऑपरेटर की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इससे किसानों को फसल की तुलाई में परेशानी नहीं होगी।
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आढ़तियों ने बाजरे के भावांतर भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि निजी खरीदार 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदते हैं तो सरकार को किसानों को 800 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके अलावा, ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास बनवाते समय बाजरे की फसल की मात्रा शून्य या निर्धारित मात्रा से कम दिखने की समस्या भी उठाई गई। डीसी ने एसडीएम को इसका जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद पूनिया और पूर्व प्रधान चांद पहलवान ने बताया कि मंडी में जगह कम होने से किसानों को फसल रखने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस बार बारिश कम होने और नहरों में पानी की कमी के कारण धान और बाजरे की फसल कम हुई है, जिससे मंडी में आवक भी कम रही है।
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दौरे के दौरान धर्मकांटा बंद मिलने पर डीसी ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर उसे ठीक करवाने और ऑपरेटर की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इससे किसानों को फसल की तुलाई में परेशानी नहीं होगी।
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आढ़तियों ने बाजरे के भावांतर भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि निजी खरीदार 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदते हैं तो सरकार को किसानों को 800 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके अलावा, ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास बनवाते समय बाजरे की फसल की मात्रा शून्य या निर्धारित मात्रा से कम दिखने की समस्या भी उठाई गई। डीसी ने एसडीएम को इसका जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।