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सैन्य सम्मान के साथ डीएससी जवान का अंतिम संस्कार, ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से गई जान
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18jjrp16-शेरिया गांव भारतीय सेना की यूनिट डीएससी के जवान नायक प्रवीन कुमार के शव को अंतिम संस्क
- फोटो : रोक लगाए जाने के बाद भी सड़क पर लेपन कार्य करते मजदूर
बेरी (झज्जर)। गांव शेरिया में वीरवार को भारतीय सेना की यूनिट डीएससी के जवान नायक प्रवीन कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के लिए नजदीकी सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उपचार के दौरान हार्टअटैक आने से मौत हो गई।
प्रवीन कुमार आठ दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे। उनको क्या पता था कि परिवार से यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। नायक प्रवीन कुमार के भतीजे सचिन ने बताया कि उनके चाचा 2010 में आर्मी से सेवानिवृत हुए थे। उसके बाद वर्ष 2013 में भारतीय सेना की एक यूनिट डीएससी में नायक भर्ती हुए।
सात दिसंबर को छुट्टी से वापस श्रीनगर ड्यूटी पर गए थे। जब वह 15 दिसंबर की रात को श्रीनगर में ड्यूटी पर थे तो अचानक ऑक्सीजन की कमी होने के कारण तबीयत खराब हो गई। नजदीकी सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसके बाद 17 दिसंबर को उपचार के दाैरान हार्टअटैक आने से मौत हो गई।
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वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव शेरिया में पहुंचा और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नायक प्रवीन कुमार अपने पीछे पत्नी व एक बेटा (25) और बेटी छोड़ गए हैं। बेटा विशाल दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है और लड़की शबनम रोहतक में बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं।
विभाग की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित कर नायक प्रवीन कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। परिजनों से मुलाकात कर सेना से आए अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की तरफ से बेरी नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, बीडीपीओ राजाराम, बेरी थाना प्रभारी विकास कुमार मौजूद रहे।
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प्रवीन कुमार आठ दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे। उनको क्या पता था कि परिवार से यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। नायक प्रवीन कुमार के भतीजे सचिन ने बताया कि उनके चाचा 2010 में आर्मी से सेवानिवृत हुए थे। उसके बाद वर्ष 2013 में भारतीय सेना की एक यूनिट डीएससी में नायक भर्ती हुए।
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सात दिसंबर को छुट्टी से वापस श्रीनगर ड्यूटी पर गए थे। जब वह 15 दिसंबर की रात को श्रीनगर में ड्यूटी पर थे तो अचानक ऑक्सीजन की कमी होने के कारण तबीयत खराब हो गई। नजदीकी सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसके बाद 17 दिसंबर को उपचार के दाैरान हार्टअटैक आने से मौत हो गई।
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वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव शेरिया में पहुंचा और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नायक प्रवीन कुमार अपने पीछे पत्नी व एक बेटा (25) और बेटी छोड़ गए हैं। बेटा विशाल दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है और लड़की शबनम रोहतक में बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं।
विभाग की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित कर नायक प्रवीन कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। परिजनों से मुलाकात कर सेना से आए अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की तरफ से बेरी नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, बीडीपीओ राजाराम, बेरी थाना प्रभारी विकास कुमार मौजूद रहे।

18jjrp16-शेरिया गांव भारतीय सेना की यूनिट डीएससी के जवान नायक प्रवीन कुमार के शव को अंतिम संस्क- फोटो : रोक लगाए जाने के बाद भी सड़क पर लेपन कार्य करते मजदूर