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गंगा में श्रद्धा की डुबकी,

Mon, 14 Nov 2016 07:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Mon, 14 Nov 2016 07:57 PM IST
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The dip in the Ganga faith,
गंगातट पर निरीक्षण करते तहसीलदार। - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने परियर व बक्सर क्षेत्र के गंगा घाटों में स्नान कर पुण्य कमाया। स्नान भोर पहर चार बजे से शुरू होकर दोपहर बाद तक चलता रहा। लोग कई किलोमीटर तक पैदल चलकर घाटों तक पहुंचे और गंगा में डुबकी लगाई। इस मौके पर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए गोताखोर भी तैयार रहे।
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सोमवार को परियर क्षेत्र के 64 व बक्सर के कई घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों की संख्या में भक्तों ने गंगास्नान किया। गंगास्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। इस दौरान गंगा तटों पर मौजूद गोताखोर बेरीकेडिंग के भीतर रहकर स्नान करने की हिदायत देते रहे। घाटों पर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। इस मौके पर होने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों से आधा किलोमीटर पहले ही सभी बड़े वाहनों को रोक दिया गया। इसके लिए प्रशासन ने बैरीकेडिंग भी लगा रखी थी। इसके अलावा घाटों पर रोशनी के भी पर्याप्त इंतजार किए थे। हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र की सईं नदी में सैकड़ों स्नानार्थियों ने स्नान किया। वहीं लगे ऐतिहासिक मेले में खरीदारी भी की।
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कीर्तन-भजन कर किया गंगास्नान
श्रद्धालुओं ने गंगास्नान के पहले पूरी रात गंगा तटों पर कीर्तन-भजन किया और फिर इसके बाद भोर पहर घाटों की ओर चल दिए। लोेगों ने गंगा स्नान के बाद बाबा बलखंडेश्वर व जानकीकुंड के दर्शन किए। दोपहर बाद सभी ने गंगा तट पर दीपदान भी किया।
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पानी कम होने से नाव वालों की रही चांदी
गंगाघाटों पर पहली धारा में पानी कम होने के कारण श्रद्धालुओं ने गंगा की मुख्य धारा में स्नान करने का मन बनाया। इसके चलते इस धारा से मुख्य धारा तक पहुंचने के लिए लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ा। इससे क्षेत्रीय नाववालों की चांदी रही। लोग नावों से पहली धारा को पारकर मुख्य धारा तक गए और स्नान किया।



मिट्टी के बर्तन में बनी खिचड़ी
मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगास्नान के बाद गंगा के किनारों पर मिट्टी के बर्तनों में खिचड़ी पकाने को शुभ माना जाता है। सोमवार को भी घाटों पर पहुंचे भारी संख्या में स्नानार्थियों ने घाट किनारे खिचड़ी बनाई और परिवार समेत खाया। इसके अलावा यहां पर लगने वाले मेले में महिलाओं ने घरेलू सामानों की जमकर खरीदारी की।
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