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विभाग ने बरती सख्ती, स्कूल समय में नहीं चल सकेंगे कोचिंग सेंटर
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झज्जर। जिले में प्राइमरी से बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ाने वाले कई कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों के नाम कहीं दूसरे स्कूलों में चल रहे हैं जबकि कक्षाएं कोचिंग संस्थानों में चल रही है, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इन संस्थानों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
नियम के मुताबिक कोई कोचिंग संस्थान
स्कूल समय बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। उस समय बच्चों को स्कूल में होना चाहिए जबकि नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को स्कूल समय में कोचिंग दी जा रही है। अब शिक्षा विभाग ने ऐसे कोचिंग संस्थान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो सुबह 8 से दोपहर ढाई बजे स्कूल का समय होता है। इस समय में कोई कोचिंग संस्थान बच्चों को नहीं पढ़ा सकता। इस समय के बाद ही कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे। ऐसे में अब विभागीय अधिकारी ऐसे कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। यदि कोचिंग संस्थानों में कोई बच्चा पढ़ता मिलेगा तो उस सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिना मान्यता चल रहे कोचिंग संस्थान
पूरे जिले में कई कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, जहां पर बच्चों को स्कूल की तर्ज पर शिक्षा दी जा रही है। इन बच्चों का नाम किसी स्कूल में चल रहा है जबकि कक्षाएं कोचिंग संस्थानों पर चल रही हैं। अधिकतर कोचिंग संस्थानों के पास किसी प्रकार की कोचिंग की मान्यता तक नहीं है जबकि सरकार ने कोचिंग सेंटरों को मान्यता के लिए आवेदन करने के आदेश दिए हुए हैं।
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वर्जन
आरटीई अधिनियम के तहत कोई भी कोचिंग सेंटर संचालक स्कूल समय में बच्चों को नहीं पढ़ा सकता। दोपहर ढाई बजे के बाद वह कोचिंग दे सकता है। सुबह के समय बच्चा स्कूल में होना चाहिए। कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो एफआईआर तक दर्ज करवाई जाएगी।
वीरेंद्र मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर
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नियम के मुताबिक कोई कोचिंग संस्थान
स्कूल समय बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। उस समय बच्चों को स्कूल में होना चाहिए जबकि नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को स्कूल समय में कोचिंग दी जा रही है। अब शिक्षा विभाग ने ऐसे कोचिंग संस्थान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो सुबह 8 से दोपहर ढाई बजे स्कूल का समय होता है। इस समय में कोई कोचिंग संस्थान बच्चों को नहीं पढ़ा सकता। इस समय के बाद ही कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे। ऐसे में अब विभागीय अधिकारी ऐसे कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। यदि कोचिंग संस्थानों में कोई बच्चा पढ़ता मिलेगा तो उस सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बिना मान्यता चल रहे कोचिंग संस्थान
पूरे जिले में कई कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, जहां पर बच्चों को स्कूल की तर्ज पर शिक्षा दी जा रही है। इन बच्चों का नाम किसी स्कूल में चल रहा है जबकि कक्षाएं कोचिंग संस्थानों पर चल रही हैं। अधिकतर कोचिंग संस्थानों के पास किसी प्रकार की कोचिंग की मान्यता तक नहीं है जबकि सरकार ने कोचिंग सेंटरों को मान्यता के लिए आवेदन करने के आदेश दिए हुए हैं।
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वर्जन
आरटीई अधिनियम के तहत कोई भी कोचिंग सेंटर संचालक स्कूल समय में बच्चों को नहीं पढ़ा सकता। दोपहर ढाई बजे के बाद वह कोचिंग दे सकता है। सुबह के समय बच्चा स्कूल में होना चाहिए। कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो एफआईआर तक दर्ज करवाई जाएगी।
वीरेंद्र मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर