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अधिवक्ता की मौत हत्या या हादसा, उलझी पुलिस
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:42 PM IST
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घटनास्थल का निरीक्षण करते पोस्टमार्टम चिकित्सक व विवेचक।
- फोटो : amarujala
अधिवक्ता हत्याकांड के सातवें दिन विवेचक व पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों ने दो मंजिला मकान की छत व रेलिंग, शव मिलने के स्थान की गहनता से जांच की।
वहीं गुरुवार को मुकदमे की वादी महिला को बयान देने आना था मगर व अस्वस्थ होने के कारण नहीं आई। महिला के दो देवर कोतवाली पहुंचे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर चले गए।
कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के बरीमहाताईन गांव निवासी अधिवक्ता/घाटमपुर बार एसोसिएशन के मंत्री रमेश कुमार वर्मा का शव संदिग्ध अवस्था में मुख्यालय के बप्पाजी गली के पास पिछले 23 जून को बरामद किया था। मृतक की पत्नी सीतादेवी ने लेखपाल कमलेश, उसके रिश्तेदार राजकुमार, मकान मालकिन की लेखपाल पुत्री अंजू पाल व अंजू पाल के चाचा रामस्वरूप के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य को छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था।
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पुलिस ने मामले में लेखपाल समेत तीन को दो दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके बयान भी दर्ज किए। उसके बाद उनको छोड़ दिया था।
घटना के सातवें दिन तक यह तय नहीं हो सका कि अधिवक्ता की दो मंजिला मकान की छत से गिरकर मौत हुई या फिर उसे फेंका गया। इसी मामले को लेकर कोतवाल/विवेचक प्रमेंद्र कुमार सिंह ने अधिवक्ता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. विक्रम सिंह के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
करीब 15 मिनट तक चिकित्सक व विवेचक ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आपस में बातचीत की। चिकित्सक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौके पर जाकर देखने से लगा कि अधिवक्ता के सिर में चोटें छत से गिरने की वजह से ही आईं है।
मकान की ऊंचाई भी है। जिस स्थान पर अधिवक्ता का शव बरामद किया गया है वह जमीन भी आरसीसी युक्त है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पुलिस की विवेचना का विषय है। उधर कोतवाल पीके सिंह ने कहा बिंदु पर विवेचना की जा रही है।
मुकदमे की वादी सीतादेवी को गुुरुवार को कोतवाली आकर अपने बयान दर्ज कराने आना था। मगर वह अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ सकी। कोतवाल ने बताया कि वादी के देवर संदीप कोरी व कमलेश वर्मा कोतवाली आए। घटना के संबंध में बातचीत करने के बाद उन्हें अधिवक्ता को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी।
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वहीं गुरुवार को मुकदमे की वादी महिला को बयान देने आना था मगर व अस्वस्थ होने के कारण नहीं आई। महिला के दो देवर कोतवाली पहुंचे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर चले गए।
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कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के बरीमहाताईन गांव निवासी अधिवक्ता/घाटमपुर बार एसोसिएशन के मंत्री रमेश कुमार वर्मा का शव संदिग्ध अवस्था में मुख्यालय के बप्पाजी गली के पास पिछले 23 जून को बरामद किया था। मृतक की पत्नी सीतादेवी ने लेखपाल कमलेश, उसके रिश्तेदार राजकुमार, मकान मालकिन की लेखपाल पुत्री अंजू पाल व अंजू पाल के चाचा रामस्वरूप के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य को छिपाने का मुकदमा दर्ज किया था।
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पुलिस ने मामले में लेखपाल समेत तीन को दो दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके बयान भी दर्ज किए। उसके बाद उनको छोड़ दिया था।
घटना के सातवें दिन तक यह तय नहीं हो सका कि अधिवक्ता की दो मंजिला मकान की छत से गिरकर मौत हुई या फिर उसे फेंका गया। इसी मामले को लेकर कोतवाल/विवेचक प्रमेंद्र कुमार सिंह ने अधिवक्ता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. विक्रम सिंह के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
करीब 15 मिनट तक चिकित्सक व विवेचक ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आपस में बातचीत की। चिकित्सक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौके पर जाकर देखने से लगा कि अधिवक्ता के सिर में चोटें छत से गिरने की वजह से ही आईं है।
मकान की ऊंचाई भी है। जिस स्थान पर अधिवक्ता का शव बरामद किया गया है वह जमीन भी आरसीसी युक्त है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पुलिस की विवेचना का विषय है। उधर कोतवाल पीके सिंह ने कहा बिंदु पर विवेचना की जा रही है।
मुकदमे की वादी सीतादेवी को गुुरुवार को कोतवाली आकर अपने बयान दर्ज कराने आना था। मगर वह अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ सकी। कोतवाल ने बताया कि वादी के देवर संदीप कोरी व कमलेश वर्मा कोतवाली आए। घटना के संबंध में बातचीत करने के बाद उन्हें अधिवक्ता को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी।