फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Streetlights proposed twice, yet the city remains unlit

दो बार स्ट्रीट लाइटों का प्रस्ताव, फिर भी रोशन नहीं हुआ शहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
Streetlights proposed twice, yet the city remains unlit
फोटो संख्या:-55 रात्रि 8.20 पर ऑटो मार्केट में छाया अंधेरा। संवाद
महेंद्रगढ़। नगर पालिका की ओर से पिछले तीन साल में दो बार स्ट्रीट लाइटें लगाने के प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन शहर अब तक इनसे रोशन नहीं हो पाया। बैठकों में पार्षद लाइटों का मुद्दा उठाते हैं, फिर भी राहगीर अंधेरे में सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


सोमवार रात पड़ताल में शहर में करीब 200 स्ट्रीट लाइटें ही चालू मिलीं, जबकि अन्य खराब थीं। हर वार्ड में करीब 5 से 8 लाइटें खराब या टूटी पड़ी हैं। नगर पालिका ने दूसरी बार 500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने का टेंडर लगाया है। वर्तमान में स्थापित 2300 लाइटों में से केवल 500 से 600 ही चालू हैं। मसानी चौक, बालाजी चौक, गोशाला रोड, ऑटो मार्केट और कॉलेज रोड पर लाइटें बंद या नहीं मिलीं। इन क्षेत्रों में अधिक आवागमन रहता है। अंधेरे में कुत्तों का डर और टूटी सड़कों के गड्ढों में गिरने का खतरा बना रहता है। बुजुर्ग व अन्य लोग रात में टहलते समय अंधेरे के कारण ठोकर खाकर गिर जाते हैं।
विज्ञापन



- ठेकेदार की कार्यप्रणाली में हो सुधार
वार्ड 6 के पार्षद राजेश कुमार ने बताया कि वार्डवासियों की ओर से खराब स्ट्रीट लाइटों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लाइटों की मरम्मत के लिए ठेकेदार फोन उठाने में आनाकानी करता है और समय पर लाइटें भी ठीक नहीं करता। लगातार याद दिलाने के बाद ही काम हो पाता है। उन्होंने बताया कि अभी भी वार्ड में पांच लाइटें खराब पड़ी हैं। इन्हें दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
- मुख्य बाजार में हो रोशनी की व्यवस्था
वार्ड 5 की पार्षद एवं उपप्रधान मंजू कौशिक ने बताया कि वार्ड में लाइटें पर्याप्त हैं। शहर के मुख्य स्थानों पर लाइटों की कमी है, जिसके कारण वहां अंधेरा रहता है और आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। इन स्थानों पर लाइटें लगने से लोगों को राहत मिल सकती है। प्रस्ताव में लाइटों की संख्या बढ़ाई गई थी।
-----------
पांच साल तक रखरखाव करती है एजेंसी



नपा पॉलिसी के अनुसार शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाने के बाद एजेंसी को पांच साल तक देखभाल करनी होती है। इस दौरान लाइटें खराब होने या टूटने पर एजेंसी इनकी मरम्मत या रिप्लेसमेंट करके देती है। इसके बाद नगर पालिका दूसरा टेंडर लगाकर दोबारा लाइटें लगवाती है। 2024 में शहर में 2300 लाइटें लगाई गई थी। अब इनमें से अधिकतर खराब हैं और कुछ स्थानों पर लगी ही नहीं है। अब सर्दी के मौसम में लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी।
------------
वर्जन:
जहां लाइटें नहीं है वहां पर लाइटें लगाई जाएंगी। अब 500 लाइटें लगाने के लिए टेंडर लगाया गया है। अगले माह टेंडर आवंटित कर लाइटें लगाने का काम किया जाएगा। ठेकेदार के खिलाफ नगर पालिका में कोई शिकायत नहीं आई है। जिनको को समाधान नहीं मिल रहा या ठेकेदार लापरवाही कर रहा है तो इसकी शिकायत कार्यालय में आकर कर सकते हैं।

- रमेश सैनी, चेयरमैन, नगर पालिका, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:-55 रात्रि 8.20 पर ऑटो मार्केट में छाया अंधेरा। संवाद

फोटो संख्या:-55 रात्रि 8.20 पर ऑटो मार्केट में छाया अंधेरा। संवाद

फोटो संख्या:-55 रात्रि 8.20 पर ऑटो मार्केट में छाया अंधेरा। संवाद

फोटो संख्या:-55 रात्रि 8.20 पर ऑटो मार्केट में छाया अंधेरा। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed