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हाईवे में स्कार्पियो व कंटेनर भिड़े, तीन की मौत

Fri, 08 Jun 2018 11:43 AM IST
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश Updated Fri, 08 Jun 2018 11:43 AM IST
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Scorpio and container climbing in highway, three die
घटना के बाद हाईवे किनारे खड्ड में गिरी स्कार्पियो। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
हाईवे-34 पर शाम करीब चार बजे नारायनपुर के पास एक कंटेनर ने स्कार्पियो में टक्कर मार दी। जिससे स्कार्पियो हाईवे किनारे खड्ड में जा गिरी। हादसे में चालक समेत तीन युवकों की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर है। उसे कानपुर रेफर किया गया है।       
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कस्बे के नई बस्ती निवासी दीपक तिवारी (22) पुत्र गोविंद अपने साथी आयुष तिवारी (20) पुत्र राजेश कुमार निवासी ऊंछाथोक, सचिन गुप्ता (19) पुत्र विनोद गुप्ता निवासी रामलीला मैदान व सुशील शिवहरे (28) पुत्र प्रेमकुमार शिवहरे निवासी ऊंछाथोक व्यापार के सिलसिले में कानपुर गए थे। शाम को सभी वापस आ रहे थे।
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तभी हाईवे पर नारायनपुर के पास सामने कंटेनर ने टक्कर मार दी। जिससे स्कार्पियो हाईवे किनारे खड्ड में जा गिरी। इस घटना में चालक दीपक तिवारी, आयुष तिवारी व सचिन गुप्ता की मौके पर मौत हो गई। जबकि सुशील शिवहरे गंभीर है। पुलिस ने शवों व घायल को सदर अस्पताल भेजा। जहां सुशील को चिकित्सकों ने कानपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे का शिकार आयुष इकलौता था।
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बुधवार को उसका जन्मदिन होने पर घर में तैयारियां की जा रही थीं। पिता राजेश तिवारी ने बताया कि उनका हाईवे पर ढाबा है। उनका बेटा कानपुर सामान खरीदने गया था। सचिन की सौंदर्य प्रसाधन की दुकान है। जबकि दीपक तिवारी हेलापुर गांव के शिवबालक सिंह की स्कार्पियो चलाता है। हादसे के बाद कंटेनर चालक भाग निकला। कंटेनर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।


परिवार का चिराग बुझा
भरुआसुमेरपुर। खूनी हाईवे पर बुधवार को एक फिर एक परिवार का चिराग बुझा गया। दुर्घटना में इकलौते पुत्र आयुष तिवारी की मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है। आयुष का आज जन्मदिन था, उसकी मां नीतू अपनी देवरानी के साथ घर में पकवान बनाने में मशगूल थीं। करीब चार बजे आयुष ने हमीरपुर से फोन पर मां से कहा कि वह अभी पहुंच रहा है। मगर कुछ देर बाद मौत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। उधर, चालक दीपक तिवारी पिता की मौत के बाद मां और तीन भाई बहनों का इकलौता सहारा था। दीपक के पिता मूलरूप से इंगोहटा के निवासी थे। दीपक के पिता गोविंद की तीन वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। दीपक की शादी दो वर्ष पूर्व हुई थी। उसके आठ माह की बच्ची है।
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