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पैंथर को किसने मारा, राजनीति शुरू
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 06:24 PM IST
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इसी गुफा में मारा था आदमखोर पैंथर को
- फोटो : अमर उजाला
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सरिस्का एक बार फिर विवादों में आ रहा है। यह विवाद अब यहां हाल में हुई पैंथर की हत्या को लेकर उपजा है और ये मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस के नेताओं पर पैंथर को जलाकर मारने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस का दावा है कि मौके की तस्वीरों में कहीं नजर नहीं आ रहा कि पैंथर को गांव वालों ने जलाया है।
राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान सोमवार को सरिस्का में वन्यजीव और ग्रामीणों के बीच संघर्ष का मामला गूंजा। यह मामला बानसूर से कांग्रेस विधायक शकुंतला रावत ने उठाया। उन्होंने कुछ फोटोग्राफ्स भी दिखाए और कहा कि इनमें कही भी नजर नहीं आ रहा कि पैंथर को जलाया गया है। इस पर अलवर ग्रामीण से भाजपा विधायक जयराम जाटव ने कांग्रेस के लोगों पर इस पैंथर को जिन्दा जलाने का आरोप लगाया तो सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
जाटव का आरोप है कि पैंथर को वहां के कुछ प्रधान और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। इस मामले में उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, उमरेन प्रधान के जेठ पर भी पर आरोप लगाए तो हंगामा और बढ़ गया। अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मामला सम्हालाते हुए दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया।
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बाद में इस मामले में दखल देते हुए वन मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने कहा कि इस मामले में वन विभाग की कोई लापरवाही नहीं हुई है। जैसे ही घटना का पता वन विभाग की टीम वहां पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि सरिस्का में पिछले दिनों पैंथर हमले में सात लोगों की जानें गई है। इन सभी की मौत अभयारण्य क्षेत्र में हुई हैं। अभी जितनी भी मौते हुई है उन्हें सरिस्का के फण्ड से दोगुना मुआवजा दिया है एवं मृतक के बच्चों को वन गाईड का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सरिस्का के बानसूर में एक पैंथर को आक्रोशित ग्रामीणों ने मार दिया था। वन विभाग ने इस मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें सात—आठ लोग नामजद है जिनके कांग्रेस से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
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राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान सोमवार को सरिस्का में वन्यजीव और ग्रामीणों के बीच संघर्ष का मामला गूंजा। यह मामला बानसूर से कांग्रेस विधायक शकुंतला रावत ने उठाया। उन्होंने कुछ फोटोग्राफ्स भी दिखाए और कहा कि इनमें कही भी नजर नहीं आ रहा कि पैंथर को जलाया गया है। इस पर अलवर ग्रामीण से भाजपा विधायक जयराम जाटव ने कांग्रेस के लोगों पर इस पैंथर को जिन्दा जलाने का आरोप लगाया तो सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
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जाटव का आरोप है कि पैंथर को वहां के कुछ प्रधान और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। इस मामले में उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, उमरेन प्रधान के जेठ पर भी पर आरोप लगाए तो हंगामा और बढ़ गया। अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मामला सम्हालाते हुए दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया।
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बाद में इस मामले में दखल देते हुए वन मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने कहा कि इस मामले में वन विभाग की कोई लापरवाही नहीं हुई है। जैसे ही घटना का पता वन विभाग की टीम वहां पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि सरिस्का में पिछले दिनों पैंथर हमले में सात लोगों की जानें गई है। इन सभी की मौत अभयारण्य क्षेत्र में हुई हैं। अभी जितनी भी मौते हुई है उन्हें सरिस्का के फण्ड से दोगुना मुआवजा दिया है एवं मृतक के बच्चों को वन गाईड का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सरिस्का के बानसूर में एक पैंथर को आक्रोशित ग्रामीणों ने मार दिया था। वन विभाग ने इस मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें सात—आठ लोग नामजद है जिनके कांग्रेस से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।